इन्सॉल्वेंसी /एनसीएलटी की समाधान प्रक्रिया में जाने वाली पहली वित्तीय सेवा कंपनी बनी डीएचएफएल

  • आरबीआई ने डीएचएफएल को एनसीएलटी के हवाले कर दिया है
  • निए नियमों के तहत एनबीएफसी को नियामक ही एनसीएलटी के हवाले कर सकता है
  • डीएचएफएल पर 83,873 करोड़ रुपए का कर्ज है

Moneybhaskar.com

Nov 30,2019 08:09:00 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के हवाले कर कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया चलाने के लिए आवेदन किया है। वित्तीय सेवा प्रदाताओं को एनसीएलटी के हवाले करने के लिए सरकार द्वारा 15 नवंबर को नियम अधिसूचित किए जाने के बाद डीएचएफएल बैंक्रप्सी ट्रिब्यूनल में भेजी जाने वाली पहली वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी बन गई। साधारण कंपनियों के मामले में जहां वे खुद या उसके कर्जदाता उसे एनसीएलटी में ले जा सकते हैं, वहीं नए नियमों के तहत वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनियों के मामले में कंपनी खुद या उसके कर्जदाता उसे एनसीएलटी में नहीं ले जा सकते। वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी को नियामक ही एनसीएलटी के हवाले कर सकता है।

कई और वित्तीय सेवा कंपनियों को एनसीएलटी के हवाले किए जाने की आशंका

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई और गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (एनबीएफसी) भी कथित रूप से डिफॉल्ट कर रही हैं और आरबीआई उन एनबीएफसी को भी एनसीएलटी में ले जा सकता है। आम बजट में आरबीआई को दी गई नई शक्तियों के तहत आरबीआई निजी क्षेत्र की वित्तीय सेवा कंपनी के प्रबंधन को अपने हाथ में ले सकता है। आरबीआई इन कंपनियों के ऑडीटर्स को निष्कासित कर सकता है और समूह की किसी भी कंपनी के ऑडिट की जांच दे सकता है। कंपनी एनबीएफसी के शीर्ष प्रबंधन के वेतन को भी प्रभावित कर सकता है।

आरबीआई ने डीएचएफएल का नया प्रशासक भी नियुक्त कर दिया है

20 नवंबर को आरबीआई ने डीएचएफएल के बोर्ड को अपने हाथ में ले लिया था और पूर्व बैंकर आर सुब्रमणियाकुमार को कंपनी का प्रशासक नियुक्त किया था। डीएचएफएल पर 83,873 करोड़ रुपए का कर्ज है। कुमार की नियुक्ति को एनसीएलटी से मंजूरी मिलने के बाद वही कंपनी का कामकाज देखेंगे। कुमार की मदद के लिए आरबीआई ने तीन सदस्यीय सलाहकार समिति भी गठित की है। उल्लेखनीय है कि डीएचएफएल में आम ग्राहकों की जमा में भारी गिरावट आई है। छह जुलाई 2019 को कंपनी में पब्लिक डिपॉजिट का स्तर घटकर 6,188 करोड़ रुपए पर आ गया था, जो 31 मार्च 2018 को 10,166.72 करोड़ रुपए पर था।

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