योजना /वित्तीय समस्या से जूझ रही बीएसएनएल का 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली पर जोर

  • बीएसएनएल को 2018-19 में करीब 14,000 करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान है।
  • दूरसंचार विभाग कर सकता है BSNL और MTNL का विलय

Moneybhaskar.com

Aug 11,2019 06:46:00 PM IST

नई दिल्ली. नकदी समस्या से जूझ रही सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल ने अपने कंपनी ग्राहकों से बकाए की वसूली के लिये आक्रामक तरीके से कदम उठाने की योजना बनाई है। दूरसंचार कंपनी अगले दो तीन महीनों में 3,000 करोड़ रुपए से अधिक के बकाए में से बड़ी राशि की वसूली की उम्मीद कर रही है।

दूसरी बार हुई वेतन भुगतान में देरी

भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) यह कदम ऐसे समय उठा रही है जब कंपनी वित्तीय स्थिति को लेकर खासा दबाव में है और इसके कारण उसे इस साल दूसरी बार कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी की है। बीएसएनएल ने कर्मचारियों का जुलाई महीने का वेतन पांच अगस्त को जारी किया था।

ग्राहकों से बकाया वसूल रही कंपनी

एजेंसी की खबर के मुताबिक, बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने बताया, ‘‘हमारा कंपनी ग्राहकों के ऊपर बकाया है जो 3,000 करोड़ रुपए से अधिक है। हम इसकी वसूली के लिये आक्रामक तरीके से कदम उठा रहे हैं...इस दिशा में हमें सफलता भी मिल रही है।’’ पुरवार ने कहा कि पूरी बकाया राशि वसूली की समयसीमा बताना कठिन है, पर बीएसएनएल को अगले दो-तीन महीनों में उसमें से बड़ी राशि की वसूली की उम्मीद है।

चालू वित्त वर्ष में 14 हजार करोड़ रुपए घाटे का अनुमान

कंपनी किराए से भी बढ़ी हुई आय प्राप्त करने की उम्मीद कर रही है। इस साल बीएसएनएल की किराये से करीब 1,000 करोड़ रुपए की आय पर नजर है। पिछली बार यह 200 करोड़ रुपए थी। इस योजना के तहत मौजूदा इमारतों के अधिक-से-अधिक उपयोग और ज्यादा जगह को पट्टे पर देने की योजना है। इसके अलावा बीएसएनएल सालाना करीब 200 करोड़ रुपए तक बचाने को लेकर ‘आउटसोर्स’ किए गए कार्यों को दुरुस्त करने पर भी काम कर रही है। बीएसएनएल को 2018-19 में करीब 14,000 करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान है। कंपनी को 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

हो सकता है बीएसएनएल और एमटीएनएल का विलय

कंपनी का मासिक आय और खर्च (परिचालन व्यय और वेतन) में 800 करोड़ रुपए का अंतर है। दूरसंचार विभाग पुनरूद्धार पैकेज के रूप में बीएसएनएल और महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) के लिये राहत योजना तैयार कर रहा है। इस पैकेज में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना, संपत्ति को बाजार पर चढ़ाने और 4 जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल है। इसके अलावा विभाग दोनों सार्वजनिक उपक्रमों (बीएसएनएल और एमटीएनएल) को पटरी पर लाने के इरादे से संभवत: उनके विलय पर भी काम कर रहा है।


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