रिपोर्ट /AI की बदौलत दो साल में भारत में दोगुनी से ज्यादा होगी इनोवेशन की दर, आपकी नौकरियों पर नहीं है खतरा

  • सर्वे में 15 देशों के मध्यम और बड़े आकार के संस्थानों में 1560 नेतृत्वकर्ताओं से बात की गई

 

Money Bhaskar

May 28,2019 11:49:30 AM IST

नई दिल्ली: एआई (AI) की मदद से भारत में इनोवेशन और कर्मचारियों की उत्पादकता 2021 तक दोगुनी हो जाएगी। यह जानकारी माइक्रोसॉफ्ट और आईडीसी की साझा रिपोर्ट से सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक भारत में सिर्फ एक तिहाई संस्थानों ने एआई को अपनाया है। ये कंपनियां 2021 तक प्रतिस्पर्धी क्षमता में 2.3 गुना इजाफा कर लेगी। यह रिपोर्ट 200 बिजनेस लीडर और 202 कर्मचारियों के सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की नेशनल टेक ऑफिसर रोहिणी श्रीवास्तव ने कहा कि जो अर्थव्यवस्था और व्यवसाय एआई से दूर हैं उन पर प्रतिस्पर्धा में पीछे छूटने का खतरा है। आज की तारीख में जो जॉब मौजूद हैं, कल नहीं होंगे। ऐसे में सभी कंपनियों को भविष्य के लिए तैयार होना होगा।

15 देशों के संस्थानों में 1560 नेतृत्वकर्ताओं का किया गया सर्वे

इस सर्वे में शामिल 77 फीसद बिजनेस लीडर्स इस बात पर सहमत थे कि एआई से उनके संस्थानों में प्रतिस्पर्धात्मकता आयी है। इसके बाद भी भारत में केवल एक तिहाई संस्थानों ने उपयोग प्रारंभ किया है। जिन कंपनियों ने एआई को अपना लिया है, उन्हें 2021 तक अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता में 2.3 गुना वृद्धि की उम्मीद है। नए अध्ययन के परिणाम जारी करते हुए डॉ. रोहिनी श्रीवत्स, नेशनल टेक्नॉलॉजी ऑफिसर, माईक्रोसॉफ्ट इंडिया ने कहा, आज हर कंपनी एक साॅफ्टवेयर है और इंटरैक्शन डिजिटल इंटरैक्शन बनता जा रहा है।

संस्थानों को सर्वश्रेष्ठ टेक्नॉलॉजी को तीव्रता से अपनाना होगा


इस नई दुनिया में सफल होने के लिए संस्थानों को सर्वश्रेष्ठ टेक्नॉलॉजी को तीव्रता से अपनाना होगा; दूसरा, उन्हें अपनी खुद की अद्वितीय डिजिटल क्षमताएं विकसित करनी होंगी। वो बिजनेस और अर्थव्यस्थाएं, जिन्होंने एआई को नहीं अपनाया है, उन्हें वो प्रतिस्पर्धी फायदे खोने का जाेखिम है, जो लीडर्स को मिलते हैं। व्यापारिक संगठनों को नई संस्कृति अपनानी होगी, जिसमें इनोवेशन और निरंतर लर्निंगसंस्थानागत संस्कृति के अभिन्न हिस्से हों, इससे चुस्ती, अनुकूलन और वृद्धि का मंच तैयार होगा।’’ पिछले साल जिन संस्थानों ने एआई अपनाया, उन्हें अपने संबंधित क्षेत्रों में 8 प्रतिशत से 22 प्रतिशत वृद्धि देखने को मिली, वो तीन साल की अवधि में कम से कम 2.1 गुना सुधार की उम्मीद कर रहे हैं, तथासर्वाधिक वृद्धि की उम्मीद ऊंचे मार्जिन एवं ऊंची प्रतिस्पर्धात्मकता में होने की है।


व्हीकल इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेस करने और पॉलिसी रिन्यू करने के लिए एआई का क्रियान्वयन करने वाले नए समाधान का प्रदर्शन करते हुए गिरीश नायक ने कहा, हम उच्च क्वालिटी की कार डैमेज इवेल्युऐशन सेवाएं प्रदान करने क लिए एआई की सामर्थ्य को पहचानते हैं।इस टेक्नॉलॉजी में डेटा बहुत तेजी से निर्मित होता है, जिससे यह हमें बहुत सटीकता के साथ वाहन की जाँच करने एवं क्लेम प्रोसेस करने में मदद करती है, एआईमें माईक्रोसॉफ्ट की विशेषज्ञता हमें यह परिवर्तन लाने में मदद कर रही है और हम सेवा की गुणवत्ता से समझौता किए बिना ग्राहकों की मांग ज्यादा तेजी से पूरी कर पा रहे हैं।’’अध्ययन में देश में एआई की सफलता सुनिश्चित करने वाले छः महत्वपूर्ण पक्षों का आंकलन किया गयाअध्ययन के अनुसार भारत को अपने निवेश, डेटा एवं कार्ययोजना का निर्माण करने की जरूरत है, ताकियहां एआई का तीव्रता से प्रसार हो सके।श्रीवत्स ने कहा,‘आज की नौकरियां कल की नौकरियां नहीं होंगी और हमें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग भूमिकाओं की मांग टेक सेक्टर से आगे भी प्रसारित होती दिख रही है।


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