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Home » Industry » CompaniesMON INDU COMP after selling the company he bought it again for two rupees and now earns rs 2268 crore in seven days

कामयाबी / कंपनी को बेचने के बाद फिर से महज दो रुपए में खरीदा और अब सात दिन में कमा लिए 2268 करोड़ रुपए

गोयल और माल्या की बर्बादी से स्पाइसजेट के अजय सिंह और इंडिगो के राहुल भाटिया की संपत्ति हुई दोगुनी

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नई दिल्ली. जेट एयरवेज और किंगफिशर एयरलाइंस की बर्बादी की कहानी में भी दूसरी कंपनियों का नफा छुपा है। जेट के नरेश गोयल व किंगफिशर के विजय माल्या के चलते बैंकों का अरबों रुपए का कर्ज डूब गया लेकिन इसके उलट किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट का मार्केट कैप महज सात दिनों में 3836 करोड़ रुपए बढ़ गया है। यही नहीं, कंपनी के फाउंडर अजय सिंह को भी 2268 करोड़ रुपए का फायदा हुआ।  स्पाइसजेट के शेयर खरीदने वाले निवेशकों को भी 47 प्रतिशत का मुनाफा हुआ है। वहीं इंडिगो का मार्केट कैप भी महज छह महीने में दोगुना हो गया है। 

 

अपनी ही कंपनी को बेचने पर मजबूर हुए थे अजय सिंह 

वर्ष 2005 की बात है। उस दौर में भारत की एविएशन इंडस्‍ट्री अपनी रफ्तार पकड़ रही थी। अजय सिंह ने भी इसके साथ कदम मिलाने की सोची और उन्‍होंने स्‍पाइस जेट की शुरुआत कर दी। लेकिन वर्ष 2010 से कंपनी को भारी घाटा होने लगा तो सिंह ने साल 2014 में इसे मारन फैमिली को बेच दिया।  कलानिधि मारन ने प्रॉफिट कमाने के लिए स्‍पाइस जेट को खरीदा था, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे।  हालात यह हो गई कि स्पाइस जेट तेल कंपनियों, एयरपोर्ट अथॉरिटी और विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों के भुगतान का लगातार डिफॉल्ट कर रही थी।  मारन को अब स्‍पाइसजेट बोझ लगने लगी, लिहाजा उन्‍होंने एक बार‍ फिर से इसे बेचने का मन बनाया।  मारन ने स्‍पाइसजेट को बेचने का ऑफर अजय सिंह को दिया और अजय सिंह ने बंद होने की कगार पर पहुंची कंपनी की 58 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली। 

 

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मारन ने केवल 2 रुपए में अजय सिंह को बेची थी स्पाइसजेट 

मारन और अजय सिंह के बीच स्‍पाइस जेट के लिए हुए सौदे की रकम का खुलासा आज तक नहीं हो पाया है। हालांकि शेयर ट्रांसफर को लेकर कलानिधि मारन ने दिल्ली हाईकोर्ट में दी याचिका में कहा कि अजय सिंह ने स्‍पाइसजेट कंपनी के लिए केवल 2 रुपए का भुगतान किया। अपनी याचिका में कलानिधि मारन ने कहा कि स्पाइस जेट और अजय सिंह ने शेयर परचेज एग्रीमेंट नियमों का उल्लंघन किया है। मारन ने कंपनी पर इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स भुगतान न करने का आरोप भी लगाया।

 

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महज छह महीने में दोगुने आकार की हुई इंडिगो 

भारत की दूसरी बड़ी एयरलाइंस इंडिगो को भी जेट संकट की वजह से बड़ा फायदा हुआ है। इसका मार्केट कैप महज छह महीने में ही 27 हजार करोड़ रुपए से दोगुना बढ़कर 59 हजार 813 करोड़ रुपए हो गया है। 19 अक्टूबर को इसका शेयर 831 रुपए पर था जो अब 1574 रुपए पर है। इंडिगो के चैयरमेन राहुल भाटिया को भी अच्छा खासा मुनाफा हुआ है।

 

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स्पाइसजेट को 47 प्रतिशत का फायदा 

 

प्रतिस्पर्द्धियों के घुटने टेक देने के चलते स्पाइसजेट का शेयर  उछलकर 138 रुपए जा पहुंचा। 11 अप्रैल को यह 94.20 रुपए था। कंपनी के नए शेयर प्राइज के हिसाब से मार्केट वेल्यूशन 8162 करोड़ रुपए हो गई है। वहीं यदि पांच साल पहले से तुलना करें तो कंपनी का शेयर 13.82 रुपए था। यानी अब कंपनी की कीमत 10 गुना बढ़ गई है। गौरतलब है कि जेट एयरवेज संकट पर कोई समाधान न निकलने से गुरुवार को इसका शेयर अपने एक साल के निचले स्तर 164 रुपए को छू गया। कंपनी का वैल्यूएशन एक ही दिन में करीब 30 प्रतिशत कम हो गया। 

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जेट के आकाश पर कब्जा करने के लिए कंपनी बढ़ाएगी अपना बेड़ा 

एयरलाइन ने गुरुवार को बताया कि वह अपने बेड़े का विस्तार करते हुए छह और बोइंग 737-800एनजी विमान अपने बेड़े में शामिल करेगी।  ये विमान लंबी अवधि के लिए किराए पर लिये जाएंगे। वित्तीय संकट में फंसी निजी विमान सेवा कंपनी जेट एयरवेज के बेड़े के सिमटने का सिलसिला शुरू होने के बाद से वह कुल 27 विमानों को जल्दी ही अपने बेड़े में शामिल करने की घोषणा कर चुकी है। इससे पहले उसने दो अलग-अलग घोषणाओं में बताया था कि सोलह बोइंग 737 विमान तथा पाँच बॉम्बार्डियर क्यू400 विमान जल्द उसके बेड़े में शामिल होंगे।

सबसे आगे स्पाइसजेट 

जेट एयरवेज ने शुक्रवार से अपनी सभी उड़ानें अस्थायी तौर पर बंद करने की घोषणा की है। उसकी बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा जमाने की होड़ में फिलहाल स्पाइसजेट सबसे आगे है। स्पाइसजेट ने बताया कि उसने अतिरिक्त विमानों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल करने के वास्ते नागर विमानन महानिदेशालय के पास आवेदन दिया है। नियामक से अनुमति मिलने पर 10 दिन के भीतर ये विमान उसके बेड़े में शामिल हो जाएंगे। 

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