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अटक सकता है अडानी का ऑस्‍ट्रेलिया में 90 करोड़ डॉलर का लोन, कोल माइन प्रोजेक्‍ट पर विवाद है वजह

क्‍वीन्‍सलैंड सरकार का कहना है कि वह इस फाइनेंशियल मंजूरी को सहयोग नहीं देने के लिए अपने वीटो पावर का इस्‍तेमाल करेगी।

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मेलबर्न. भारत की दिग्‍गज एनर्जी कंपनी अडानी के ऑस्‍ट्रेलिया में कार्मिकल कोल माइन प्रोजेक्‍ट को 90 करोड़ डॉलर का लोन मिलने की संभावना नहीं है। इसकी वजह प्रोजेक्‍ट को लेकर चल रहे विवाद हैं। ऑस्‍ट्रेलिया में क्‍वीन्‍सलैंड सरकार का कहना है कि वह इस फाइनेंशियल मंजूरी को सहयोग नहीं देने के लिए अपने वीटो पावर का इस्‍तेमाल करेगी। 16.5 अरब डॉलर की लागत वाले कार्मिकल कोल माइन प्रोजेक्‍ट का कंस्‍ट्रक्‍शन फेडरल और क्‍वीन्‍सलैंड स्‍टेट की सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू होगा। यह प्रोजेक्‍ट दुनिया के बड़े प्रोजेक्‍ट्स में से है। 

 

क्‍यों लोन लेना चाहता था अडानी ग्रुप 
बता दें कि अडानी ग्रुप ने 90 करोड़ डॉलर के नॉदर्न ऑस्‍ट्रेतलिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फैसिलिटी लोन के लिए अप्‍लाई किया था। अडानी ग्रुप अपनी खान को समुद्र तट से जोड़ने के लिए एक ट्रेन लाइन बनाना चाहता है। इस माह की शुरुआत में ऑस्‍ट्रेलिया में चुनाव से पहले क्‍वीन्‍सलैंड की मुख्‍यमंत्री अन्‍नास्‍टेशिया पालासुजुक ने घोषणा की थी कि अगर उनकी लेबर पार्टी सत्‍ता में रही तो वह NAIF लोन मंजूरी देगी। हालांकि अडानी के प्रोजेक्‍ट पर हितों के टकराव की रिपोर्ट्स आने के बाद पालासुजुक ने कहा था कि उनकी सरकार NAIF लोन को मंजूरी नहीं देगी ताकि शंकाओं को दूर किया जा सके। 

 

सत्‍ता में आ सकती हैं पालासुजुक
पालासुजुक की पार्टी ने ऑस्‍ट्रेलिया की संसद में 93 में से 43 सीटें जीत ली हैं और बाकी की सीटों में 4 जीतने की ओर है। इतनी सीटें पालासुजुक की पार्टी के लिए सरकार बनाने के लिए काफी हैं। इन सबके बीच सोमवार को अडानी ग्रुप द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि अडानी की खान, रेल और पोर्ट प्रोजेक्‍ट्स के तहत क्‍वीन्‍सलैंड में रोजगार निकलना जारी है। 

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