Home » Industry » CompaniesTop Bottled Water Brands Contaminated with Plastic Particles

पीते हैं बोतल का पानी तो हो जाएं सतर्क, रि‍सर्च में मि‍ला 93% प्‍लास्‍टि‍क

न्यूयॉर्क की शोधकर्ता ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के अवशेष मिले होते हैं।

1 of
 
 
नई दि‍ल्‍ली. न्यूयॉर्क स्थ‍ित फ्रेडोनिया विश्वविद्यालय की शोधकर्ता शेरी मेसन ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के अवशेष मिले होते हैं। यह दावा उन्होंने दुनियाभर से लिए गए बोतल बंद के नमूनों की जांच के बाद किया है। उनकी ओर से की गई जांच में बताया गया है कि‍ इस बोतल बंद पानी में 93 फीसदी नमूनों में प्लास्टिक के अवशेष मिले। 

 
कई बड़े ब्रांड की बोतल से लि‍या सैंपल शामिल 
 
भारत समेत दूसरे देशों से लिए गए इन नमूनों में कई बड़े ब्रांड के नमूने शामिल थे। जि‍न ब्रांड के नमूनों में 93% प्लास्टिक की पहचान हुई, उसमें बि‍स्‍लेरी, एक्वा, एक्वाफिना, दासानी, एवियन, नेस्ले प्‍योर लाइफ और सैन पेलेग्रिनो जैसे प्रमुख ब्रांड शामिल थे। इनमें एक्‍वा और एक्वाफिना इंडि‍या में काफी ज्‍यादा बि‍कते हैं और लगभग हर दुकान पर मि‍लते हैं। 
 
भारत सहि‍त 9 देशों से लिए थे सैंपल 
 
मेसन ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए भारत के अलावा 9 अन्य देशों से भी पानी के नमूने लिए थे। इन 9 देशों में भारत का पड़ोसी देश चीन के अलावा अमेरिका, ब्राज़ील, इंडोनेशिया, केन्या, लेबनान, मेक्स‍िको और थाईलैंड जैसे देश भी शामिल हैं।  
 
कैसे अवशेष मि‍ले पानी 
 
शेरी मेसन ने बताया कि प्लास्टिक की बोतल में बंद पानी में पॉलीप्रोपाइलीन, नायलॉन और पॉलीइथाईलीन टेरेपथालेट जैसे अवशेष शामिल होते हैं। रि‍सर्चर ने बताया कि‍ इन सभी का इस्तेमाल बोतल का ढक्कन बनाने में होता है। ये अवशेष बोतल में पानी भरते समय पानी में शामिल हो जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। उन्‍होंने बताया कि‍ इस अध्ययन में हमें जो 65% कण मि‍ले हैं वे वास्तव में टुकड़े के रूप में हैं न कि‍ फाइबर के रूप में। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक बोतल में इन प्‍लास्‍टि‍क के कणों की संख्‍या जीरो से लेकर 10,000 से अधिक तक हो सकती है। 
 
नल के पानी को बताया ज्यादा सुरक्षित 
 
शोधकर्ता की इस रिसर्च को अमेरिका की एक गैर-सरकारी संस्था ऑर्ब मीडिया ने जारी किया है। इससे पहले इसी संस्था ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें इसने बताया था कि नल के पानी में भी प्लास्टिक के अवशेष पाए जाते हैं। हालांक‍ि शेरी मेसन के मुताबिक नल का पानी बोतल बंद पानी से ज्यादा सुरक्षित है। शोधकर्ता के मुताबिक नल का पानी बोतल के पानी से ज्यादा अच्छा और सुरक्षित है। 
 
सभी मानकों को पूरा करते हैं हम 
 
बिस्लेरी इंटरनेशनल के प्रेजि‍डेंट और एमडी रमेश चौहान ने कहा कि‍ बिस्लेरी 10 स्‍टेप की एक कड़ी प्रक्रिया से गुजरता है। वहीं, बिस्लेरी की अपनी टेस्‍ट लैब हैं जहां यह सुनि‍श्‍चि‍त कि‍या जाता है कि‍ सभी बिस्लेरी बोतल में शुद्ध पानी हो। इसके अलावा बिस्लेरी उन सभी गाइडलाइन को पूरा करती है जो भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की ओर से निर्धारित कि‍ए गए हैं। 
 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट