Home » Industry » Companiesझूठी रि‍पोर्ट पब्‍लि‍श करने के लि‍ए माफी मांगे अमेरि‍की मीडि‍या : टाटा संस

हार्वर्ड बिजनेस स्कूल को 5 करोड़ डॉलर गिफ्ट देने की रिपोर्ट गलत, माफी मांगे अमेरिकी मीडिया: टाटा संस

टाटा संस ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल को 50 मिलियन डॉलर के उपहार की बात को झूठे तथ्‍यों के साथ पेश करने का आरोप लगाया।

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नई दि‍ल्‍ली. टाटा संस ने अमेरिकी मीडिया पर प्रतिष्ठित हार्वर्ड बिजनेस स्कूल को 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के गिफ्ट की बात को झूठे तथ्‍यों केे साथ पेश करने का आरोप लगाया है। इसके चलते टाटा संस को बदनामी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में टाटा संस की ओर से कहा गया है कि‍ अमेरि‍की मीडि‍या को इस झूठ को फैलाने के लि‍ए माफी मांगनी चाहि‍ए। 

 
टाटा संस की ओर से अमेरिका की एक न्‍‍‍‍‍यूज और ओपि‍नि‍यन वेबसाइट 'द डेली कॉलर' में 21 मई को छपे एक आर्टि‍कल 'हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की इग्नोमिनियस गिफ्ट फ्रॉम टाटा संस' के बाद यह आपत्‍ति‍ जताई गई है। टाटा संस की ओर से कहा गया है कि‍ यह लेख में झूठे तथ्‍यों और गलत बयानों से भरा हुआ है। इसके चलते सम्‍मानजनक तरीके से सेवामुक्‍त हुए टाटा संस लिमिटेड और इसके डायरेक्‍टर और चेयरमैन रतन टाटा का अपमान हुआ है।  
 
हर गलत बात का कि‍या खंडन 
टाटा संस की ओर से दि‍ए गए जवाब में द डेली कॉलर की रि‍पोर्ट का खंडन कि‍या गया है। टाटा संस की ओर से यह भी कहा गया है कि‍ लेख में कई झूठे बयानों का भी इस्‍तेमाल कि‍या गया है। ऐसे में टाटा संस की ओर से आर्टि‍कल को वेबसाइट से हटाने और माफी मांगने की बात कही गई है। यह लेख एलन बि‍यर्ड ने लि‍खा है। जो कि‍ वाशिंगटन स्थित वित्तीय सलाहकार फर्म इंटरलिंक कैपिटल स्ट्रैटेजीज के प्रबंध निदेशक और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक प्रोफेसर हैं।
 
झूठे तथ्‍यों और गलत बयानों से भरा है लेख:  टाटा संस 
टाटा संस की ओर से कहा गया है कि‍ ऐसे में जब यह लेख झूठे तथ्‍यों और गलत बयानों से भरा हुआ है। हम डेली कॉलर से लेख के लि‍ए माफी मांगने और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की उम्‍मीद करते हैं। इसके अलावा हम चाहते हैं कि‍ द डेली कॉलर की ओर से इस बात का खुलासा कि‍या जाए कि‍ इस तरह के झूठे तथ्‍यों वाले लेख को प्रकाशित करने के पीछे क्‍या उद्देश्य है। 
 
यूनि‍वर्सि‍टी में बने टाटा हॉल पर भी उठाया सवाल 
डेली कॉलर लेख में बि‍यर्ड ने लि‍खा है कि‍ टाटा ट्रस्ट और कंपनियों की ओर से 2010 में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल को 50 मिलियन डॉलर का उपहार दि‍या गया। इसके अलावा उन्‍होंने लि‍खा कि‍ कि‍सी भी संस्थान की ओर से इस तरह संदिग्‍ध धन को स्वीकार करना सिद्धांत के खिलाफ जाता है। इसके अलावा लेख में यूनि‍वर्सि‍टी में बने टाटा हॉल पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने लि‍खा है कि‍ पब्‍लि‍क के पैसे का गलत तरीके से अमीर लोगों के फायदे के लि‍ए इस्‍तेमाल कि‍या गया है।  
 
अकेले नहीं दि‍या था गि‍फ्ट 
टाटा संस ने द डेली कॉलर को लिखे पत्र में इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि‍ हार्वर्ड बिजनेस स्कूल को 50 मिलियन अमरीकी डालर का उपहार टाटा कंपनियों, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट की ओर से सामूहिक रूप से दि‍या गया था। यह गलत तथ्‍य है कि‍ टाटा ट्रस्‍ट की ओर से अकेले यह उपहार दि‍या गया।  
 
डीन का नहीं है कोई रोल 
टाटा संस ने इस लेख में किए गए उस दावे को भी खारिज कर दिया कि एचबीएस डीन नितिन नोहरिया ने इस 50 मिलियन अमरीकी डॉलर के उपहार के मामले में मध्‍यस्‍थता की थी। टाटा संस की ओर से कहा गया है कि‍ 2008 में रतन टाटा कीर सेवा के दौरान हार्वर्ड बि‍जनेस स्‍कूल के पूर्व डीन जे लाइट ने रतन टाटा से एक न्‍यू एक्‍जीक्‍युटि‍व एजुकेशन  बि‍ल्‍डि‍ंग बनाने के लि‍ए संपर्क कि‍या था।
 
 
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