विज्ञापन
Home » Industry » CompaniesRs 9700 Crore Of 1400 Companies Stuck With IL&FS

IL&FS के पास 1400 कंपनियों के 9700 करोड़ रुपए फंसे, बढ़ सकता है आंकड़ा

लाखों कर्मचारियों के पीएफ एवं पेंशन की रकम पर भी तलवार

Rs 9700 Crore Of 1400 Companies Stuck With IL&FS
  • IL&FS ग्रुप पर कुल 90,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।
  • ग्रुप की कंपनी IL&FS फाइनेंशियल सर्विसेज (आई-फिन) में सबसे ज्यादा 970 कंपनियों ने इन्वेस्ट किया था।
  • 16 अप्रैल की सुनवाई में ट्रिब्यूनल कुछ फंडों के पैसे जारी कर सकता है।

नई दिल्ली

IL&FS संकट में फंसी कंपनियों का आंकड़ा दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। जिन कंपनियों का इस पर बकाया है, उन्होंने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) में हलफनामा दायर किया है। इससे पता चलता है कि करीब 1,400 छोटी-बड़ी कंपनियों के इसमें 9,700 करोड़ रुपए फंसे हैं। इसमें लाखों कर्मचारियों के पीएफ और पेंशन फंडों के पैसे भी हैं।

 

बड़ी संख्या में कंपनियों ने किया था निवेश

ग्रुप की कंपनी IL&FS फाइनेंशियल सर्विसेज (आई-फिन) में सबसे ज्यादा 970 कंपनियों ने इन्वेस्ट किया था। इसके बाद IL&FS ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क्स और एचआरईएल (HREL) की बारी है। इन कंपनियों के जिन बॉन्ड में फंडों ने पैसे लगाए थे, उन्हें पिछले साल सितंबर तक एएए रेटिंग मिली हुई थी।

 

यह भी पढ़ें- 7 हजार करोड़ लेकर दरवाजे पर खड़ी थी जापानी कंपनी, लेकिन भारतीय ने किया इनकार

 

कुछ फंडों के पैसे जारी कर सकता है ट्रिब्यूनल

एनसीएलएटी (NCLAT) ने 8 अप्रैल को पिछली सुनवाई में कहा था कि पैसे लौटाने में पीएफ और पेंशन फंडों को प्राथमिकता मिले। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को है। माना जा रहा है कि उस दिन ट्रिब्यूनल कुछ फंडों के पैसे जारी कर सकता है। हालांकि पिछली सुनवाई में आईएलएंडएफएस के वकील ने इसका विरोध किया था। उनकी दलील थी कि इससे ग्रुप की कंपनियों के कर्ज का समाधान मुश्किल हो सकता है। ट्रिब्यूनल 16 अप्रैल को इस सिलसिले में भी कोई फैसला दे सकता है। कंपनी मामलों के मंत्रालय के ज्वाइंट डायरेक्टर ने कहा था कि सरकार ट्रिब्यूनल की तरफ से कार्रवाई चाहती है।

 

यह भी पढ़ें- चुनावी बाॅन्ड पर सुप्रीम कोर्ट का डंडा, 30 मई तक बाॅन्ड की राशि और देने वाले के बैंक खाते की देनी होगी जानकारी

 

ग्रुप पर है 90 हजार करोड़ रुपए का कर्ज

IL&FS ग्रुप पर कुल 90,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। IL&FS पर अकेले 35,000 करोड़ रुपए, IL&FS फाइनेंशियल सर्विसेज पर 17,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। IL&FS का संकट उस वक्त सामने आया, जब कंपनी ने 4 सितंबर, 2018 को सिडबी का 1,000 करोड़ रुपए का शॉट टर्म लोन डिफॉल्ट किया। इसके अलावा इसकी सब्सिडियरी भी 500 करोड़ रुपए का डिफॉल्ट कर चुकी है।

 

यह भी पढ़ें- पीएम के घरेलू दौरों पर कितना हुआ खर्च, किसी को नहीं पता, प्रधानमंत्री कार्यालय भी अनजान

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Recommendation
विज्ञापन
विज्ञापन