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अच्छा अप्रेजल चाहिए तो इन बातों का रखें ध्यान

प्राइवेट कंपनियों में इन दिनों अप्रेजल यानी परफार्मेंस रिव्यू का समय चल रहा है

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नई दिल्ली। प्राइवेट कंपनियों में इन दिनों अप्रेजल यानी परफार्मेंस रिव्यू का समय चल रहा है। जहां पिछले कालों की योग्यता को देख कर इन्क्रीमेंट निर्धारि किया जाता है। इस वक्त कर्मचारियों में सैलेरी बढ़ने को लेकर उत्साह रहता है और वे बढ़ हुई सैलेरी का इंतजार करते हैं। अगर आप भी अच्छा इन्क्रीमेंट चाहते हैं तो इन  बातों का खास ध्यान रखना होगा। इससे ना सिर्फ आप इस प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं और इससे आप अपने बॉस को भी खुश कर सकते हैं।

फार्म भरते समय इन बातों का ध्यान रखें

भाषा का चयन : फॉर्म भरते समय सबसे पहले आप अपनी भाषा का चयन सही तरीके से करें और लिखते समय आपकी भाषा स्पष्ट होनी चाहिए गलत भाषा का प्रयोग करने से बचे

खुद को आंकें : सबसे पहले आप खुद को आंके और खुद को समझे कि आप किस लायक हैं और क्या हैं और क्या कर सकते हैं इसके बाद ही फॉर्म में लिखे, ध्यान रहें किसी तरह की अपनी झूठी बातें न लिखे। आप उन्हीं चीजों के बारे में लिखे जो आप कर सकते हैं

इन बातों पर रखें खास ध्यान :

प्लान के बारे में बताएं : अप्रेजल फॉर्म में भविष्य के प्लान के बारे में बताएं कि आप कंपनी के लिए क्या करने वाले हैं और क्या अच्छा कर सकते हैं जिससे कंपनी को फायदा मिलेगा. इस बात का जरूर ध्यान रखे कि, फॉर्म में लिखने से पहले ही प्लान बना लें ताकि आप सही तरीके से अपने प्लान को परिभाषित कर सकते हैं

सिस्टम की समझ 
पहले तो आप अपने एंप्लॉयर के पर्फॉर्मेंस अप्रेजल सिस्टम को ठीक से समझ लें। उन बातों पर ध्यान दें जो कि आपकी सैलरी हाइक और प्रमोशन के लिए जिम्मेदार हैं। क्या इसमें केवल ऑब्जेक्टिव गोल जैसे टारगेट और अचीवमेंट पर्सेंटेज है या टीमवर्क, इंटिग्रिटी जैसी बातें हैं? इन विषयों का बेंचमार्क क्या है? 

सेल्फ अप्रेजल 
बहुत सारी कंपनियां आपसे सेल्फ अप्रेजल फॉर्म भरवाती हैं। इससे मैनेजर के लिए भी आपके काम की समीक्षा आसान होती है। मैनेजर को सालभर की बातें याद नहीं रखनी पड़ती और सारी बातें सामने भी आ जाती हैं। इसे आप गंभीरता से लें और अपने योगदान को अच्छी तरह प्रस्तुत करें। अगर KRA के अलावा भी अपने काम के बारे में आप जानकारी देना चाहते हैं तो इसमें हिचकिचाने की बात नहीं है। 

अपना गोल बताएं 
बीते साल के बारे में बातचीत पूरी होने के बाद मैनेजर से अगले साल के गोल की उम्मीद के बारे में पूछ सकते हैं। अपने गोल के लिए योजना बताएं। अपने लक्ष्य को कैसे हासिल करेंगे और उसके बारे में क्या फैक्ट हैं, ये सारी बातें मैनेजर को बताएं। अपने मैनेजर को उन जरूरतों के बारे में भी बताएं जिससे काम को बेहतर किया जा सकता है। 

 

 

 

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