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एयर इंडिया विनिवेश : कर्मचारी यूनि‍यन देंगी सरकार को नया प्‍लान, आनंद महि‍ंद्रा ने सुझाया रोडमैप

एयर इंडिया के कर्मचारी संघ ने कहा कि‍ वे कर्ज में डूबी एयरलाइंस को फि‍र से प्रॉफि‍ट में लाने के लि‍ए नया प्‍लान बनाएंगे।

एयर इंडिया मामला : कर्मचारी यूनि‍यन सरकार को देगी नया प्‍लान, बेचने पर नहीं सहमत
 
नई दि‍ल्‍ली. एयर इंडिया के कर्मचारी संघ ने आज कहा कि‍ वे कर्ज में डूबी एयर लाइंस को फि‍र से प्रॉफि‍ट मेकि‍ंग कंपनी बनाने के लि‍ए नए सि‍रे से प्‍लान तैयार करेंगे। यह बात कर्मचारी संघ ने सरकार के उस बयान के एक दि‍न बाद कही है जि‍समें सरकार की ओर से कहा गया था कि‍ कर्ज में डूबी एयर इंडिया के लि‍ए एक भी बोली नहीं आई है। ऐसे में कर्मचारी यूनि‍यन की ओर से एयर इंडि‍या के सभी स्‍टेक होल्‍डर्स के साथ एक कॉमन मीटि‍ंग कर नई योजना बनाने की तैयारी चल रही है। 
  
 
ली जा रही है एक्‍सपर्ट की सलाह 
इसके अलावा कर्मचारी यूनि‍यन की ओर से एयर लाइन को चलाने और पुनर्जीवित करने के लि‍ए सरकार को एक वैकल्‍पि‍क योजना सौंपने का भी प्‍लान है। यूनि‍‍‍‍यन के एक मेंबर ने कहा कि‍ हम सरकार को सुझाव देंगे कि‍ कैसे एयरइंडि‍या और उसके साथ जुड़े लोगों के हि‍तों को प्रभावि‍त कि‍ए बि‍ना एयरलाइन को पुनर्जीवित कि‍या जाए। उन्‍होंने आगे कहा कि‍ एयरलाइन को पुनर्जीवित करने के लि‍ए एक्‍सपर्ट की सलाह लेने का काम भी कि‍या जा रहा है।  
यूनियन की ओर से यह टिप्पणी तब आई है जब एयर इंडिया की हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोली लगाने की समय सीमा एक दि‍न पहले ही बंद हो चुकी है, जि‍समें एक भी बाेलीदाता ने उस कंपनी के लि‍ए बोली नहीं लगाई है। एयर इंडिया सरकार की ओर से 30,000 करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज पर चल रही है। 
 
 
प्राइवेेेट हाथों में न दें कमान  
यूनि‍यन का मानना है कि‍ एयर इंडि‍या एक मजबूत केस है, जि‍सको पूरी तरह से डेट फ्री कर दि‍या जाए और कंपनी का डेट एक स्‍पेशल परपज व्‍हीकल बनाकर उसमें ट्रांसफर कर दि‍या जाएगा। यूनि‍यन के लोगों का कहना है कि‍ अभी जब पूरी इंडस्‍ट्री एनपीए की समस्‍या से जूझ रही है, ऐसे समय में एयर इंडि‍या को प्राइवेट हाथों में नहीं देना चाहि‍ए। 
बता दें कि‍, उन उधारदाताओं को एनपीए की कैटि‍गरी में डाल दि‍या जाता है जो 90 दि‍न के अंदर बकाया नहीं चुकाते। वहीं, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग प्रणाली में ग्रॉस एनपीए लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के चौंकाने वाले स्‍तर पर पहुंच गया है। जबकि‍ मार्च 2017 तक एयर इंडि‍या पर कुल कर्ज 48,000 करोड़ रुपए का हो गया था। यही कारण है कि‍ यूनि‍यन के सदस्‍य कंपनी को प्राइवेट हाथों में दि‍ए जाने के खि‍लाफ न जाने कि‍तनी बार चेयरमैन और एमडी के सामने वि‍‍‍‍‍‍‍रोध दर्ज करा चुके हैं। 
 
 
76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश 
उल्लेखनीय है कि इससे पहले एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अभिरुचि पत्र जमा करने की अंतिम तारीख 14 मई थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई किया गया था। केंद्र सरकार घाटे में चल रही इस विमानन कंपनी की 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। इसके लिए मंत्रिमंडल से बीते जून में ही मंजूरी मिल गई है। 
 
 
आनंद महि‍ंद्रा ने भी दि‍या रोडमैप  
सत्यम कंप्यूटर्स जैसी कंपनी को सफलता से चलाने के अनुभव के बाद महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एयर इंडिया के लिए भी रोडमैप पेश किया है। उनका कहना है कि एयर इंडिया को किसी ई श्रीधरन जैसे व्यक्ति को सौंपकर, उसको अच्छी स्थिति में लाने के बाद उसे बेचने का प्रयास करना चाहिए। 
 
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