Home » Industry » CompaniesNations will vote to redefine the kilogram

बदल जाएगा किलोग्राम, 60 देश के प्रतिनिधि करेंगे फैसला

आज फ्रांस के वर्सेल्स में किलोग्राम की परिभाषा बदल जाएगी।

1 of

नई दिल्ली। हम सभी अभी तक यही समझते आए हैं कि एक किलोग्राम का मतलब एक हजार ग्राम होता है। और इस मानक को पूरी दुनिया में माना जाता है। 1889 में पहली बार एक किलोग्राम का वैश्विक पैमाना तय किया गया था। लेकिन आज फ्रांस के वर्सेल्स में किलोग्राम की परिभाषा बदल जाएगी। दुनिया के 60 देश इसपर अपना फैसला सुनाएंगे। 19वीं शताब्दी में फ्रांस के अंतर्राष्ट्र्रीय ब्यूरो ऑफ वेट एंड मेजर्स (BIPM) के दफ्तर में एक कांच के कटोरे में  प्लेटिनम इरीडियम धातु का एक टुकड़ा रखा गया था। जिसका आकार सिलिंडर के जैसा है। इस सिलिंडर का वजन किलोग्राम के बराबर है।

 

आज लिया जाएगा किलोग्राम पर फैसला
इस धातु को एक किलोग्राम वजन का सबसे शुद्ध रूप माना गया था,  परंतु इसके वजन में अंतर आता है। इसे शुद्ध बनाए रखने के लिए कुछ सालों  में साफ करके इसे फिर से तौला जाता है। और जो परिणाम आता है, उसी को वैश्विक तौर पर किलोग्राम का सबसे श्रेष्ठ मानक माना जाता है। आज प्लेटिनम इरीडियम की इस धातु की सफाई की जाएगी और इसे तौला जाएगा जिसके बाद से पूरी दुनिया में किलोग्राम के मायने बदल जाएंगे। यदि इसमें कुछ माइक्रोग्राम भी बदलाव आता है तो इससे सभी चीजों में इसका असर देखा जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर उन क्षेत्रों में पड़ेगा जहां एक माइक्रोग्राम का वजन भी मायने रखता है।

आगे पढ़ें, 

माप की पूरी वैश्विक प्रणाली में आएगा बदलाव
इसमें थोड़े से बदलाव से माप की पूरी वैश्विक प्रणाली में बदलाव आएगा। जिस प्रकार से एनर्जी को मापने के लिए Planck's constant का इस्तेमाल किया जाता है उसी प्रकार वैज्ञानिक चाहते हैं कि किलोग्राम को मापने के लिए किसी धातु का इसेतमाल ना करके lanck's constant का ही इस्तेमाल किया जाए। जिस प्रकार दूरी को मापने के लिए मीटर को निर्धारित किया गया है उसी तरह से किलोग्राम को भी निर्धारित करने के बारे में सोचा जा रहा है। 

आगे पढ़ें,

भारत के पास भी है नंबर 57
पेरिस में रखे गए इस धातु की एक कॉपी भारत के पास भी है। लेकिन इसे भारत में नंबर 57 कहा जाता है। नंबर 57 भारत का सटीक किलोग्राम है। नंबर 57 को कुछ सालों के अंतराल में पेरिस भेजा जाता है और वहीं इसे तौला जाता है। भारत में किसी भी चीज को नंबर 57 के हसाब से ही तौला जाता है। आज होने वाले किलोग्राम के फैसले से आम लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा लोग पहले की ही तरह खरीदारी करेंगे। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Don't Miss