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यूनि‍टेक को राहत, SC ने NCLT के आदेश पर लगाई रोक, सरकार के नि‍यंत्रण में आनी थी कंपनी

सुप्रीम कोर्ट की ओर से यूनि‍टेक को बड़ी राहत मि‍ली है।

SC ने NCLT के आदेश पर लगाई रोक -Unitech takeover by govt put on hold by SC

नई दि‍ल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट की ओर से यूनि‍टेक को बड़ी राहत मि‍ली है। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रि‍ब्‍यूनल (NCLT) के उस आदेश पर रोक लगा दी है जि‍समें सरकार को यूनि‍टेक के बोर्ड में अपने डायरेक्‍टर्स नि‍युक्‍त करने का अधि‍कार दि‍या गया था।  NCLT ने सरकार को यह अधिकार दे दिया था कि वह यूनिटेक के बोर्ड में अपने डायरेक्टर्स नियुक्त करें। आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनसीएलटी के निर्देश पर स्टे लगाए जाने के बाद यूनीटेक को फौरी तर पर राहत मिल गई है।

 

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यूनिटेक के स्टॉक में 19 फीसदी तक की गिरावट

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का यूनिटेक के स्टॉक पर खासा असर दिखा। इस खबर के बाद यूनिटेक लिमिटेड के स्टॉक्स में 19 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी आई और दोपहर 2 बजे स्टॉक लगभग 12 फीसदी की गिरावट के साथ 6.73 रुपए पर ट्रेड कर रहा था।

 

 

20 दिसंबर तक 10 डायरेक्टर नियुक्त करने का था NCLT का निर्देश

सरकार को 10 डायरेक्टर्स के नाम 20 दिसंबर तक सबमिट करने के लि‍ए कहा गया था। यह निर्देश दो सदस्यों वाली एनसीएलटी बेंच ने दिया था। साथ ही, यह भी कहा था कि कंपनी के मौजूदा डायरेक्टर्स न तो कंपनी के और न ही पर्सनल एसेट्स बेच सकते हैं। इसके पहले सरकार ने एनसीएलटी में कंपनी का कंट्रोल लेने के लिए याचिका दायर की थी। कंपनी मैनेजमेंट पर खरीददारों से जुटाए गए फंड का मिसयूज करने का आरोप है। 

 

यूनिटेक का क्या है मामला

यूनीटेक से फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोगों ने फर्म के पास काफी पहले धनराशि जमा करा दी थी, लेकिन उन्हें न तो तय समय पर फ्लैट मिल सका और न ही फर्म ने उनके पैसे लौटाए। इस मामले में खरीददारों ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था। कुछ लोग फ्लैट का मलिकाना हक चाहते हैं जबकि कुछ अपनी धनराशि लेना चाहते हैं।

 

723 करोड़ रुपए का डिफॉल्ट

सरकार ने कहा कि कंपनी छोटे जमाकर्ताओं और कर्ज का 723 करोड़ रुपए का डिफॉल्ट कर चुकी है। कंपनी इस स्थिति में नहीं है कि वह बकाएदारों के पैसे वापस कर पाए। कंस्ट्रक्शन का काम बंद पड़ा हुआ है, ऐसे में करीब 19 हजार खरीददारों का भविष्‍य साफ नहीं है। प्रमोटर्स की होल्डिंग 17 फीसदी रह गई है, जिसमें से 75 फीसदी गिरवी है।

 

अभी ये है देनदारी

 

अंडर कस्ट्रक्शन घर 20 हजार
बुक पर नहीं पूरे हुए घर 16300
सेल से हुई इनकम 7800 करोड़
प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए फंड की जरूरत 900 करोड़
 

 

MCA ने दाखिल की थी अर्जी 

 

कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री ने कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में कंपनी का मैनेजमेंट कंट्रोल पाने के लिए अर्जी दाखिल की थी। साथ ही कंपनी के मौजूदा बोर्ड को भंग करने की मांग की गई थी। सरकार ने कहा था कि वह यूनिटेक के बोर्ड में अपने 10 मनोनीत सदस्य लाना चाहती है। सरकार ने मौजूदा डायरेक्टर और सीएफओ की संपत्ति बेचने पर भी रोक लगा दी है। 

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