Home » Industry » CompaniesHow Trump tariff hike will hit India's metal scrap imports

आईटी सेक्‍टर के बाद अब भारतीय 'कबाड़ि‍यों' पर नि‍शाना, क्‍या है ट्रम्‍प का नया फरमान

अमेरिका के राष्‍ट्रपति‍ ट्रंप ने स्टील आयात पर 25 प्रतिशत और एल्यूमीनियम आयात पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क की घोषणा की है।

1 of

नई दि‍ल्‍ली. अमेरिका के राष्‍ट्रपति‍ ट्रंप ने स्टील आयात पर 25 प्रतिशत और एल्यूमीनियम आयात पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क की घोषणा की है। ट्रंप के इस कदम से भारत के स्‍क्रैप कारोबारि‍यों के प्रभावि‍त होने की उम्‍मीद है। वहीं, इससे पहले पि‍छले साल एच1बी वीजा श्रेणी की ‘प्रीमियम प्रोसेसिंग’ को रोकने के चलते भारतीय आईटी सेक्‍टर में खलबली मच गई थी। वहीं, आईटी सेक्‍टर के बाद इस बार ट्रंप के नि‍शाने पर भारतीय मेटल सेक्‍टर आ गया है। 

आगे पढ़ें : कैसे और क्‍यों बढ़ेगी दि‍क्‍कत 

क्‍या है दि‍क्‍कत 
 
अमेरि‍का में आयात शुल्‍क बढ़ने से वहां की मेटल कंपनि‍यों अब स्‍क्रैप को कच्‍चा माल बताएंगी। जि‍ससे अमेरि‍का में ही उसका प्रयोग बढ़ जाएगा। इससे सबसे ज्‍यादा नुकसान यह होगा कि‍ अमेरि‍का से एक्‍सपोर्ट होकर भारत और अन्‍य देशों में आने वाले स्‍क्रैप में कमी आएगी और इसकी कीमत भी बढ़ जाएगी। इससे भारत के मेटल सेक्‍टर की परेशानी बढ़ सकती है। एक रि‍पोर्ट के अनुसार भारत दुनि‍याभर से करीब 10 मि‍लि‍यन टन स्‍क्रैप का आयात करता है। इसमें से 20 फीसदी सि‍र्फ अमेरि‍का से आयात कि‍या जाता है। ऐसे में स्टील और एल्यूमीनियम पर आयात शुल्क लगाने से भारतीय मेटल कारोबारि‍यों की चि‍ंता बढ़ गई हैं। 
भारत में मेटल कंपनियों में भारी गिरावट 
 
अमेरि‍का में इस फैसले के तुरंत बाद इसकी धमक भारत में सुनाई दी और भारतीय शेयर बाजार में मेटल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी पर सबसे ज्यादा घटने वाली कंपनियों में हिंडाल्को और टाटा स्टील आगे रहीं। इसके अलावा टाटा मोटर्स, अरविंदों फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफ्राटेल के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। 
आईटी सेक्‍टर को डाल दि‍या था परेशानी में 
 
पि‍छले साल अमेरिका ने एच1बी वीजा श्रेणी की ‘प्रीमियम प्रोसेसिंग’ को रोक दिया था। इससे भारत के आईटी सेक्‍टर की कंपनि‍यों की परेशानी बढ़ गई थी। भारत की आईटी निर्यात आय में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। ऐसे में अमेरिका ने ‘अमेरिकी खरीदो, अमेरिकियों को काम दो’ को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जाने के बाद भारतीय आईटी सेक्‍टर चि‍ंता में था। वहीं, अ​मेरिका में प्रशासन एच1बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों को कामकाजी अधिकार देने संबंधी नियम को समाप्त करने के लिए भी कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। इसका असर हजारों भारतीय कर्मचारियों और परिवारों पर पड़ने की उम्‍मीद है। 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट