Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

टाटा मोटर्स ने एक साथ लांच किए 14 ट्रक, जानें दाम, दम और खूबि‍यां 499 रुपए में मि‍ल रहे हैं 1400 के ब्रांडेड शूज, Reebok से लेकर Nike तक हैं ऑप्‍शन मोदी पहुंचे चीन, जिनपिंग से होगी खास मुलाकात RIL के नतीजों से पहले मार्केट में तेजी, सेंसेक्स 307 अंक मजबूत, निफ्टी 10700 के पार शुक्रवार के कारोबार के लिए इंट्रा डे टिप्स, इन शेयरों में मिल सकता है अच्छा रिटर्न रुपए में गिरावट, 8 पैसे कमजोर होकर 66.83 प्रति डॉलर के भाव पर खुला खास खबर: दबाव नहीं जरूरत करा रही मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, ये है पीछे का सच TCS-इंफोसिस के नतीजों से IT सेक्टर में टर्नअराउंड के संकेत, इस साल तेज ग्रोथ की उम्मीद रेलवे यात्री को देती है 10 लाख का इंश्‍योरेंस, क्‍लेम के लि‍ए करें ये काम PAN और आधार को लिंक कराने से नहीं घटेंगे स्‍कैम, वकील ने SC में दिया तर्क LIC ने बनाया न्‍यू प्रीमियम एकत्र करने का रिकॉर्ड 1.35 लाख करोड़ रुपए जुटाया IDBI बैंक लोन घोटाले में दो बैंकों के CEO पर मुकदमा दर्ज, CBI का एक्‍शन एक्सिस बैंक को Q4 में 2189 करोड़ का हुआ घाटा, प्रोविजनिंग 3 गुना बढ़ी 500 करोड़ से बनेगा दिल्‍ली का सबसे ऊंचा टावर, होंगे 160 ब्रांडेड लग्‍जरी अपार्टमेंट पेट्रोल-डीजल के बढ़ते रेट पर पेट्रोलियम मंत्री ने जताई चिंता, राज्‍यों से कहा टैक्‍स घटाएं
बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesसभी क्षेत्रों में फिक्स्ड टर्म हायरिंग को मि‍ली छूट, सरकार ने जारी कि‍या नोटिफिकेशन

सभी क्षेत्रों में फिक्स्ड टर्म हायरिंग को मि‍ली छूट, सरकार ने जारी कि‍या नोटिफिकेशन

सभी क्षेत्रों में फिक्स्ड टर्म हायरिंग को मि‍ली छूट, सरकार ने जारी कि‍या नोटिफिकेशन
 
 
 
नई दिल्ली, सरकार ने कारोबारी सहूलियत बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों में कर्मचारियों को निश्चित अवधि के लिए नौकरी पर रखने की इजाजत दे दी है। वहीं, सरकार ने मजदूर संघों की एक प्रमुख मांग मान ली है कि स्थायी कर्मचारियों पर प्रेशर डाल कर उन्‍हें फिक्स्ड टर्म वाली श्रेणी में नहीं लाया जाएगा। बता दें कि‍‍‍, वि‍त्‍तमंंत्री अरुण जेटली ने बजट स्‍पीच के दौरान कहा था कि‍ सभी क्षेत्रों में कर्मचारियों को निश्चित अवधि के लिए नौकरी पर रखने की इजाजत दी जाती है। वहीं, अब सरकार ने इसके लि‍ए नोटि‍फि‍केशन भी जारी कर दि‍या है। 
 

पहले सि‍र्फ अपैरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में थी छूट 

फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर हायरिंग करने की छूट पहले सि‍र्फ अपैरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ही थी। ऐसा इंडस्ट्रियल इस्टैब्लिशमेंट (स्टैंडिंग ऑर्डर) 1946 के तहत किया गया था। इस ऑर्डर में संशोधन करने वाले नोटिफिकेशन के अनुसार, 'अपैरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट' की शब्दावली की जगह 'फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट' आ जाएगा, जिसके चलते यह छूट सभी सेक्टरों में लागू हो जाएगी। 
 

क्‍या कहता है नोटिफिकेशन 

"इंडस्ट्रियल इस्टेब्लिशमेंट में कोई भी एंप्लॉयर अपने यहां के ऐसे किसी भी परमानेंट वर्कर को फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट के तहत नहीं लाएगा, जो इंडस्ट्रियल एंप्लॉयमेंट (स्टैंडिंग ऑर्डर) सेंट्रल (अमेंडमेंट) रूल्स 2018 के लागू होने की तारीख को स्थाई कर्मचारी रहा हो।" 
 

क्‍या है फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट ? 

परिभाषा के मुताबिक, कोई कर्मचारी अगर एक तय समय के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर हायर किया जाए तो उसे फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट कहा जाएगा। इस लिहाज से एंप्लॉयर और संबंधित कर्मचारी के बीच कॉन्ट्रैक्ट रीन्यू न होने पर कर्मचारी की सेवाएं खुद-ब-खुद खत्म मान ली जाएंगी। 
 

सीजनल बि‍जनेस को होगा फायदा 

इस छूट से इंडस्ट्री को ऐसे क्षेत्रों में लोगों को काम पर रखने में मदद मिलेगी, जहां काम कुछ खास सीजन में ज्यादा होता है और जहां मांग में उतार-चढ़ाव दिखता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले महीने अपने बजट भाषण में कहा था, 'फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट की सुविधा सभी सेक्टरों में दी जाएगी।' 
 

भारतीय मजदूर संघ ने की नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग 

 

वहीं ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र सरकार ने तत्‍काल प्रभाव से यह नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग की है। भारतीय मजदूर संघ के महासविव विरजेश उपाध्‍याय ने कहा कि फिक्‍स्ड टर्म इम्‍पलॉयमेंट परमानेंट इम्‍पलॉयमेंट का विकल्‍प नहीं हो सकता है। देश के सभी सेक्‍टरों में फिक्‍स्ड टर्म इम्‍पलॉयमेंट लागू करने से परमानेंट नौकरियों पर खतरा पैदा हो गया है। 

 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.