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सभी क्षेत्रों में फिक्स्ड टर्म हायरिंग को मि‍ली छूट, सरकार ने जारी कि‍या नोटिफिकेशन

सरकार ने कारोबारी सहूलियत बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों में कर्मचारियों को निश्चित अवधि के लिए नौकरी पर रखने की इजाजत दी।

Fixed-Term Employment Extended to All Sectors, Boost Ease of Biz
 
 
 
नई दिल्ली, सरकार ने कारोबारी सहूलियत बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों में कर्मचारियों को निश्चित अवधि के लिए नौकरी पर रखने की इजाजत दे दी है। वहीं, सरकार ने मजदूर संघों की एक प्रमुख मांग मान ली है कि स्थायी कर्मचारियों पर प्रेशर डाल कर उन्‍हें फिक्स्ड टर्म वाली श्रेणी में नहीं लाया जाएगा। बता दें कि‍‍‍, वि‍त्‍तमंंत्री अरुण जेटली ने बजट स्‍पीच के दौरान कहा था कि‍ सभी क्षेत्रों में कर्मचारियों को निश्चित अवधि के लिए नौकरी पर रखने की इजाजत दी जाती है। वहीं, अब सरकार ने इसके लि‍ए नोटि‍फि‍केशन भी जारी कर दि‍या है। 
 

पहले सि‍र्फ अपैरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में थी छूट 

फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर हायरिंग करने की छूट पहले सि‍र्फ अपैरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ही थी। ऐसा इंडस्ट्रियल इस्टैब्लिशमेंट (स्टैंडिंग ऑर्डर) 1946 के तहत किया गया था। इस ऑर्डर में संशोधन करने वाले नोटिफिकेशन के अनुसार, 'अपैरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट' की शब्दावली की जगह 'फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट' आ जाएगा, जिसके चलते यह छूट सभी सेक्टरों में लागू हो जाएगी। 
 

क्‍या कहता है नोटिफिकेशन 

"इंडस्ट्रियल इस्टेब्लिशमेंट में कोई भी एंप्लॉयर अपने यहां के ऐसे किसी भी परमानेंट वर्कर को फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट के तहत नहीं लाएगा, जो इंडस्ट्रियल एंप्लॉयमेंट (स्टैंडिंग ऑर्डर) सेंट्रल (अमेंडमेंट) रूल्स 2018 के लागू होने की तारीख को स्थाई कर्मचारी रहा हो।" 
 

क्‍या है फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट ? 

परिभाषा के मुताबिक, कोई कर्मचारी अगर एक तय समय के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर हायर किया जाए तो उसे फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट कहा जाएगा। इस लिहाज से एंप्लॉयर और संबंधित कर्मचारी के बीच कॉन्ट्रैक्ट रीन्यू न होने पर कर्मचारी की सेवाएं खुद-ब-खुद खत्म मान ली जाएंगी। 
 

सीजनल बि‍जनेस को होगा फायदा 

इस छूट से इंडस्ट्री को ऐसे क्षेत्रों में लोगों को काम पर रखने में मदद मिलेगी, जहां काम कुछ खास सीजन में ज्यादा होता है और जहां मांग में उतार-चढ़ाव दिखता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले महीने अपने बजट भाषण में कहा था, 'फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट की सुविधा सभी सेक्टरों में दी जाएगी।' 
 

भारतीय मजदूर संघ ने की नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग 

 

वहीं ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र सरकार ने तत्‍काल प्रभाव से यह नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग की है। भारतीय मजदूर संघ के महासविव विरजेश उपाध्‍याय ने कहा कि फिक्‍स्ड टर्म इम्‍पलॉयमेंट परमानेंट इम्‍पलॉयमेंट का विकल्‍प नहीं हो सकता है। देश के सभी सेक्‍टरों में फिक्‍स्ड टर्म इम्‍पलॉयमेंट लागू करने से परमानेंट नौकरियों पर खतरा पैदा हो गया है। 

 

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