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बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesएअर इंडि‍या के खि‍लाफ NCLT पहुंचा पूर्व पायलेट, कहा- बकाया देने में एयरलाइंस असमर्थ, शुरू हो इन्‍सॉल्‍वेंसी

एअर इंडि‍या के खि‍लाफ NCLT पहुंचा पूर्व पायलेट, कहा- बकाया देने में एयरलाइंस असमर्थ, शुरू हो इन्‍सॉल्‍वेंसी

नई दि‍ल्‍ली. एअर इंडि‍या के पूर्व पायलेट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रि‍ब्‍यूनल (NCLT)  से मांग की है कि‍ कंपनी के खि‍लाफ इन्‍साल्‍वेंसी प्रक्रि‍या शुरू की जाए। उन्‍होंने कहा कि‍ एयरलाइन उनकी देय राशि‍ को देने में असमर्थ है। 28 साल से एअर इंडि‍या के लि‍ए काम कर रहे कैप्‍टन सुबोध कुमार ने एयरलाइन से अपने 67.84 लाख रुपए के दावों को नि‍पटाने की मांग की है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि‍ 2012 से 2016 के बीच उनकी सैलरी और अलाउन्‍सेज के पेमेंट में असंगति‍यां हैं।  

 

 

एअर इंडि‍या ने काटे पैसे

एअर इंडि‍या के खि‍लाफ इन्‍साल्‍वेंसी प्रक्रि‍या शुरू करने की मांग करते हुए कुमार ने आरोप लगाया है कि‍ उनको दी जाने वाली सैलरी, अलाउन्‍सेज और बेनेफि‍ट्स में से काफी ज्‍यादा अकाउंम को काटा गया है। इसके अलावा, एअर इंडि‍या ने जनवरी 2016 की सैलरी भी नहीं दी है। 

 

याचि‍का में क्‍या कहा गया

याचि‍का में कहा गया है कि‍ कर्ज के बोझ से दबी एअर इंडि‍या कर्मशि‍यल इन्‍सावेंट है और वह उनके कर्जों का भुगतान करने में असमर्थ है। एअर इंडि‍या आर्थि‍क रूप से व्‍यवहारि‍क नहीं है और यह व्‍यवसायि‍क नैति‍कता के लि‍ए खतरा है। ऐसे मामलों में कोर्ट से वि‍नती है कि‍ वह कर्ज में फंसी कंपनी के खि‍लाफ कॉरपोरेट इन्‍सावेंसी रेजलूशन प्रक्रि‍या को शुरू करने के लि‍ए आवेदक को मंजूरी दें। 

 

कई बार याद दि‍लाया

NCLT की बेंच के समक्ष दी गई उनकी याचवि‍ में पूर्व पायलेट ने कहा कि‍ उन्‍होंने एयरलाइन को उनकी देय राशि‍ को क्‍लीर करने के लि‍ए कई बार नि‍वेदन कि‍या और याद दि‍लाया। लेकि‍न जब उनहें कोई जवाब नहीं मि‍ला तो उन्‍होंने 3 जनवरी 2018 को डि‍मांड नोटि‍स भेजा। पूर्व पायलेट 1988 से कंपनी के साथ जुड़े हैं। 

 

याचि‍का में कहा गया कि‍ डि‍मांड नोटि‍स भेजने के बाद एअर इंडि‍या ने बि‍ना कि‍सी कम्‍युनि‍केशन या वि‍वाद के कुमार के अकाउंट में 29,39,500 रुपए भेजे। कुमार को आरटीआई एक्‍ट 2005 के तहत उनकी एप्‍लीकेशन के जवाब में एअर इंडि‍या से पता चला कि‍ उनकी कुल देय, जि‍समें सैलरी और अलाउन्‍सेज शामि‍ल हैं, वह 67,84,33 रुपए है।

 

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