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Apple के सीक्रेट्स चुराकर चीन भाग रहा था पूर्व इंजीनि‍यर, फ्लाइट पकड़ने से पहले गि‍रफ्तार

इंजीनियर पर Apple के सेल्‍फ ड्राइविंग कार प्रोजेक्‍ट से जुड़ी अहम डिटेल चुराने का आरोप लगा है।

Former Apple Engineer Arrested for Stealing Self Driving Project Secrets

नई दि‍ल्‍ली. अमेरिकी प्रशासन ने Apple में काम करने वाले एक पूर्व इंजीनि‍यर को कंपनी के सेल्‍फ ड्राइविंग प्रोजेक्‍ट के सीक्रेट्स चुराने के आरोप में गि‍रफ्तार कि‍या है। पूर्व इंजीनि‍यर जि‍आलांग झांग को सेन जोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गि‍रफ्तार कर लि‍या। वह चीन की फ्लाइट पकड़ने वाले थे। 

 

FBI और यूएस अटार्नी के दफ्तर द्वारा सेन जोस कोर्ट में दाखि‍ल आपराधि‍क शि‍कायत के मुताबि‍क, जब उन्‍हें गि‍रफ्तार कि‍या गया, उस वक्‍त उन्‍होंने कहा कि‍ वह चीन के स्‍टार्टअप के लि‍ए काम करते थे। यह स्‍टार्टअप भी ऑटोनोमस व्‍हीकल्‍स डेवलप करती है।  

 

फाइल्‍स को कि‍या डाउनलोड 

झांग ने एप्‍पल में दि‍संबर 2015 में काम करना शुरू कि‍या था। डॉक्‍युमेंट के मुताबि‍क, झांग पर चीन की कंपनी जि‍ओपेंग मोटर्स, जि‍से Xmotors के नाम से जाना है, उसके लि‍ए काम छोड़ने से पहले इंजीनि‍यरिंग स्‍कीमैटि‍क्‍स और टेक्‍नि‍कल रि‍पोर्ट्स समेत कई फाइल्‍स को डाउनलोड कि‍या था।  

 

झांग के पास थी डाटाबेस की जानकारी

शि‍कायत के मुताबि‍क, एप्‍पल के ऑटोनोमस व्‍हीकल डेवलपमेंट टीम में हार्डवेयर इंजीरि‍यर होने के नाते झांग के पास गोपनीय इंटरनल डाटाबेस की पहुंच थी जि‍समें ट्रेड सीक्रेट्स और इंटीलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी मौजूद थे। 

 

कई कर्मचारि‍यों को प्रोजेक्‍ट के बारे में बता भी नहीं

एप्‍पल ने सेल्‍फ ड्राइविंग टेक्‍नोलॉजी को डेवलप करने में अपनी रुचि‍ के बारे में केवल सामान्‍य टि‍प्‍पणी करने के अलावा रि‍सर्च के बारे में कभी भी खुल पर चर्चा नहीं की थी। कंपनी के ज्‍यादा कर्मचारि‍यों से भी इन जानकारि‍यों से दूर रखा गया था। कर्मचारि‍यों को भी नहीं पता है कि कंपनी असल में क्‍या काम कर रही है। 

 

सीक्रेट रखा गया है प्रोजेक्‍ट

शि‍कायत में कहा गया कि‍ प्रोजेक्‍ट पर 1.35 लाख से ज्‍यादा कर्मचारि‍यों का 'खुलासा' कि‍या गया, जि‍समें से केवल 5,000 कमर्चारी प्रोजेक्‍ट की डि‍टेल जानकारी के बारे में जानते हैं। इसमें से भी केवल 2,700 'कोर कर्मचारि‍यों' के पास प्रोजेक्‍ट के डाटाबेस का एक्‍सेस था। शि‍कायत के मुताबि‍क, प्रोजेक्‍ट की जानकारी को सीक्रेट रखा गया था और इसे सार्वजनि‍क नहीं कि‍या गया था।

 

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