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कॉरपोरेट्स को नहीं पसंद मोदी का स्वच्छ भारत और नमामि गंगे अभियान, CSRका किया केवल 3.64% खर्च

लग रहा है मोदी सरकार के द्वारा चलाया गया स्वच्छ भारत और नमामि गंगे अभियान कॉरपोरेट्स को पसंद नहीं आ रहा है

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नई दिल्ली। लग रहा है मोदी सरकार के द्वारा चलाया गया स्वच्छ भारत और नमामि गंगे अभियान कॉरपोरेट्स को पसंद नहीं आ रहा है। इस बात का खुलासा कंपनियों द्ववारा  सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) पर किए गए खर्च से हुआ है। कंपनियों ने अपने कुल खर्च का केवल 3.64 फीसदी स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा पर खर्च किया है। यूपीए सरकार ने साल 2014-15 कंपनियों के लिए अपने प्रॉफिट का 2 फीसदी सीएसआर पर खर्च करना अनिवार्य कर दिया था। जिसके तहत 500 करोड़ रुपए नेटवर्थ या 1000 करोड़ टर्नओवर या फिर कम से कम 5 करोड़ रुपए प्रॉफिट करने वाली कंपनियों के लिए ऐसा करना जरुरी है।

 
स्वच्छ भारत और नमामि गंगे पर केवल 358 करोड़ रु खर्च
 
कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री से moneybhaskar.com को मिले लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2016 तक 5097 कंपनियों ने सीएसआर संबंधित आंकड़े सरकार के सामने पेश किए हैं। इन कंपनियों ने 9822 करोड़ रुपए सीएसआर पर खर्च किए हैं। जिसमें से स्वच्छ भारत कोष के लिए 355 करोड़ रुपए और स्वच्छ  गंगा फंड के लिए केवल 3 करोड़ रुपए कंपनियों ने दिए हैं। जबकि नरेंद्र मोदी सरकार सबसे ज्यादा इन दो अभियानों पर प्रमुख रुप से फोकस कर रही है।
 
कंपनियां कहां सबसे ज्यादा खर्च कर रही हैं पैसा
 
कंपनियों ने करीब 67 फीसदी पैसा हेल्थ, एजुकेशन, गरीबी दूरने के अभियान, भूख दूर करने , दिव्यांगों के लिए चले जा  रहे कामों पर खर्च किया है। इसके तहत कंपनियों ने 6190 करोड़ रुपए खर्च किया है। इसके बाद कंपनियों ने रुरल डेवलपमेंट पर 1051 करोड़ रुपए कंपनियों ने खर्च किया है
 
सेक्टर                                                           कुल खर्च
 
हेल्थ, गरीबी, पानी सहित दूसरे सेक्टर                  3117 करोड़
एजुकेशन, जीवयापन आदि                                3073 करोड़
रुरल डेवलपमेंट                                               1051 करोड़
पर्यावरण , प्रकृति संरक्षण                                    923 करोड़
स्वच्छ भारत कोष                                               355 करोड़
स्वच्छ गंगा कोष                                                     3 करोड़
 
इन राज्यों में सबसे ज्यादा खर्च
 
कंपनियों ने सीएसआर के तहत सबसे ज्यादा खर्च महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात में खर्च किया है। महाराष्ट्र में 1138 करोड़ रुपए, कर्नाटक में 408 करोड़ रु, आंध्र प्रदेश में 379 करोड़, गुजरात में 338 करोड़ रु, उत्तर प्रदेश में 322 करोड़ रु, राजस्थान में 285 करोड़ रुपए प्रमुख रुप से खर्च किए हैं। सबसे कम खर्च होने वाले राज्यों में बिहार, उत्तराखंड, गोवा, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू एंड कश्मीर जैसे राज्यों का नंबर आता है।
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