Advertisement
Home » इंडस्ट्री » कम्पनीजchina may make business tough for american companies

बदले के लिए बिजनेस को हथियार बनाता है चीन, एप्पल-वॉलमार्ट जैसी कंपनियों को हो सकता है नुकसान

ट्रम की धमकि‍यों का नतीजा China में बि‍जनेस कर रहीं अमेरिकी कंपनियों को उठाना पड़ सकता है।

china may make business tough for american companies

  

नई दि‍ल्‍ली। अमेरि‍का और China के बीच ट्रेड वार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फि‍र बयान जारी कर कहा कि उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को उन चीनी उत्पादों की पहचान करने को कहा है जिन पर नए शुल्क लगाए जा सकते हैं। डोनाल्‍ड ट्रंप की धमकि‍यों का नुकसान चीन में बि‍जनेस कर रहीं अमेरि‍की कंपनि‍यों जैसे एप्‍पल, वॉलमार्ट, जनरल मोटर्स को उठाना पड़ सकता है। इससे पहले भी चीन ने साउथ कोरि‍या और जापान की कंपनि‍यों के लि‍ए मुश्‍कि‍लें खड़ी कर दी थीं।  

 

एप्‍पल से लेकर जनरल मोटर्स की बढ़ सकती हैं मुश्‍कि‍लें

 

ब्‍लूमबर्ग की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, अमेरि‍का की कई बड़ी कंपनि‍यां जैसे एप्‍पल, वॉलमार्ट, बोइंग और जनरल मोटर्स चीन में अपने ऑपरेशन को बढ़ाना चाहती हैं। लेकि‍न अगर ट्रम्‍प चीनी ट्रेड पर बड़ी ड्यूटी की धमकी देते रहेंगे तो इन कंपनि‍यों को कस्‍टम में देरी, टैक्‍स ऑडि‍ट और बढ़ती रेग्‍युलेटरी स्‍क्रूटनी का सामना करना पड़ सकता है। 

Advertisement

 

चीन में अमेरि‍कन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन वि‍लि‍यम जैरि‍ट ने कहा कि‍ प्रशासनि‍क तरीकों से कंपनि‍यों पर दबाव डालने का काम लंबे समय से चीन कर रहा है और हमारी कंपनि‍यां इससे बचती आ रही हैं। ऐसे में हाल की घटनाएं चिंता का वि‍षय है।  

 

चीन ने साउथ कोरि‍या से ऐसे लि‍या था बदला 

 

साउथ कोरि‍या और जापान की कंपनि‍यां पहले से ही इन देशों के बीच चल रहे ट्रेड वार का असर महसूस करने लगी हैं। गौरतलब है कि‍ साल 2017 में साउथ कोरि‍या ने चीन का वि‍रोध करने के बाद भी एंटी मि‍साइल सि‍स्‍टम का इस्‍तेमाल करने का फैसला लि‍या था तो चीन ने कुछ कंपनि‍यों की मुश्‍कि‍लें बढ़ा दी थीं। 

 

Yonhap न्‍यूज एजेंसी के मुताबि‍क, चीन ने साउथ कोरि‍यन रि‍टेलर Lotte Shopping के ऑपरेशन को यह कह कर सस्‍पेंड कर दि‍या था कि‍ वह फायर सेफ्टी नि‍यमों का उल्‍लंघन कर रही है। हालत यह हो गई कि‍ कंपनी को चीन से बाहर नि‍कलने का फैसला लेना पड़ा। इस वजह से कंपनी को 1.8 अरब डॉलर का नुकसान भी हुआ।    

Advertisement

 

इतना ही नहीं, चीन में ह्युंडई मोटर और कॉस्‍मैटि‍क कंपनी Amorepacific ग्रुप का बहि‍ष्‍कार भी कि‍या गया। इसके अलावा, चीन के लोगों ने कोरि‍या में अपनी छुट्टि‍यों को कैंसि‍ल कर दि‍या जि‍सकी वजह से एयरलाइंस को फ्लाइट्स कम करनी पड़ीं और होटल्‍स को रेट कम करने पड़े। बैक ऑफ कोरि‍या के मुताबि‍क, इन सब वजहों से 2017 की जीडीपी में 0.4 फीसदी की कमी आई थी। 

 

जापान की कंपनि‍यों ने भी उठाया नुकसान

 

ईस्‍ट चीन समुद्र में आईलैंड को लेकर वि‍वाद बढ़ने की वजह से जापान की ऑटोकंपनि‍यों को 2012 में नुकसान उठाना पड़ा था। चीन में कंपनि‍यों की सेल्‍स में भारी गि‍रावट दर्ज की गई थी। एक्‍सपर्ट्स के मुताबि‍क, चीन की सरकार बड़ी जल्‍दी बहि‍ष्‍कार करती हैं। जापान और कोरि‍या के साथ कई बार ऐसा हो चुका है। उन्‍होंने टोयोटा के साथ भी ऐसा कि‍या था, जि‍सके बाद कोई भी चीन में उनकी कार नहीं खरीद कर रहा था।

Advertisement

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement