हॉरलि‍क्‍स से लेकर टाटा नमक व सैमसंग-ओप्‍पो के वि‍ज्ञापन हैं भ्रामक

विज्ञापन क्षेत्र की निगरानी करने वाले एएससीआई ने मार्च 2018 में भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ आई 191 शिकायतों को सही ठहराया है। एडवरटाइजि‍ंग स्‍टैंडर्ड काउंसि‍ल ऑफ इंडि‍या (ASCI) के कस्‍टमर कम्‍प्‍लेंट काउंसि‍ल (CCC) को मार्च में करीब 269 शि‍कायतें मि‍ली थीं। इनमें से 114 शि‍कायतें हेल्थकेयर की श्रेणी में, 24 एजुुुुकेशन में, 35 खाद्य और पेय पदार्थ श्रेणी में, पर्सनल केयर में 7 शि‍कायतों के अलावा 11 अन्‍य शि‍कायतें मि‍लीं थीं।

moneybhaskar

Jun 21,2018 10:41:00 PM IST

नई दि‍ल्‍ली. विज्ञापन क्षेत्र की निगरानी करने वाले ASCI ने मार्च 2018 में भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ आई 191 शिकायतों को सही ठहराया है। एडवरटाइजि‍ंग स्‍टैंडर्ड काउंसि‍ल ऑफ इंडि‍या (ASCI) के कस्‍टमर कम्‍प्‍लेंट काउंसि‍ल (CCC) को मार्च में करीब 269 शि‍कायतें मि‍ली थीं। इनमें से 114 शि‍कायतें हेल्थकेयर की श्रेणी में, 24 एजुुुुकेशन में, 35 खाद्य और पेय पदार्थ श्रेणी में, पर्सनल केयर में 7 शि‍कायतों के अलावा 11 अन्‍य शि‍कायतें मि‍लीं थीं।

ओप्‍पो एफ 5 मॉडल का वि‍ज्ञापन भ्रामक

ASCI ने ओप्‍पो के एफ 5 मॉडल के वि‍ज्ञापन को भ्रामक माना है। वहीं, सीसीसी ने अदानी ग्रुप के फॉर्च्यून बेसन के वि‍ज्ञापन को भ्रामक माना है। सीसीसी की ओर से कहा गया है कि‍ वि‍ज्ञापन में बेसन को "भारत का सबसे प्रशंसनीय ब्रांड" बताया है। लेकि‍न यह स्‍पष्‍ट नहीं कि‍या गया है। इसे भी चूक माना गया है।

टाटा नमक का विज्ञापन भी भ्रामक

विज्ञापन नियामक ने इसके अलावा सैमसंग के उस वि‍ज्ञापन को भी ग्राहकों के लि‍ए भ्रामक माना जो उसने अपने फ्लैगशि‍प स्‍मार्टफोन गैलेक्सी नोट 8 के लि‍ए दि‍या है। इसमें फोन को बेस्‍ट कैमरा फोन कहा गया है। इसके लि‍ए एक अखबार की ओर से कि‍ए गए फोन के रि‍व्‍यू का सहारा लि‍या गया है। वहीं, टाटा केमिकल्‍स के उस विज्ञापन को भी भ्रामक और विरोधाभासी पाया है, जि‍समें नमक में नो एडेड केमिकल्स की बात कही गई है। नमक में ‘नो एडेड केमिकल्स’ का दावा करते हुए विज्ञापन में उल्लिखित अस्वीकरण के लिए ‘भ्रामक और विरोधाभासी’ पाया गया था।

हॉरलि‍क्‍स के ज्‍यादा प्रोटीन पर सवाल

इसी प्रकार, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर की ओर से दि‍ए गए उस हॉरलि‍क्‍स के उस ऐड को भी भ्रामक माना है जि‍समें कहा गया है कि‍ इसमें तीन गुना ज्‍यादा प्रोटीन है। सीसीसी ने कहा कि‍ यह इस ऐड में स्पष्टता नहीं है। क्‍योंकि‍ बाजार में प्रोटीन सामग्री के रूप में प्रोटीनएक्स भी है। ऐसे में यह साफ करना बेहद जरूरी है कि‍ क्‍या हॉरलि‍क्‍स प्रोटीनएक्स की तुलना में ज्‍यादा प्रोटीन दे रहा है।

गार्नि‍यर के विज्ञापन पर भी आपत्ति

इसके अलावा गार्नि‍यर के उस वि‍ज्ञापन पर भी आपत्‍ति‍ जताई है, जि‍सकी ब्रांड एंबेसडर अलि‍या भट्ट हैं। न्‍यू गार्नि‍यर लाइट सीरम कम्‍प्‍लीट क्रीम के वि‍ज्ञापन में कहा गया है कि‍ यह एक हफ्ते में 3 टोन फेयर स्‍कि‍न देता है। ऐसे में सीसीसी ने इसे भी भ्रामक माना है।

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