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जेट एयरवेज को खरीद सकता है टाटा ग्रुप, कंट्रोलिंग स्टेक के लिए चल रही बातचीत

Tata Sons नकदी की तंगी से जूझ रही Jet Airways में बहुलांश हिस्सेदारी ले सकता है।

Tata Sons begins due diligence to buy debt ridden Jet Airways

 

नई दिल्ली. देश के बड़े कारोबारी समूहों में शुमार टाटा संस (Tata Sons) नकदी की तंगी से जूझ रही जेट एयरवेज (Jet Airways) में बहुलांश हिस्सेदारी लेने पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा संस की तरफ से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर सौरभ अग्रवाल बातचीत कर रहे हैं, वहीं जेट एयरवेज की तरफ से कंपनी चेयरमैन नरेश अग्रवाल बातचीत कर रहे हैं।

 

 

टाटा संस की टीम कर रही है विचार

रिपार्ट्स के मुताबिक, ‘टाटा संस की एक टीम जेट एयरवेज पर विचार कर रही है, जिसके अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहने का अनुमान है।’ हालांकि टाटा संस या जेट एयरवेज की तरफ से इस खबर पर कोई टिप्पणी नहीं मिली है।

 

 

कॉस्ट घटाने की कोशिशें कर रही जेट

सोमवार को लगातार तीसरी तिमाही में घाटा दर्ज करने के बाद कर्ज के बोझ से दबी जेट एयरवेज ने कहा था कि कॉस्ट घटाने और कमाई बढ़ाने की कोशिशों के तहत उसकी कम प्रॉफिट वाले रूट्स पर फ्लाइट्स की संख्या में कटौती और ज्यादा आकर्षक बाजारों में क्षमता बढ़ाने की योजना है।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, ऊंचा फ्यूल टैक्स, कमजोर रुपया, कम किरायों और मार्केट में कॉम्पिटीशन बढ़ने से दुनिया के सबसे तेजी से उभरते एविएशन मार्केट में प्रॉफिट में कमी देखने को मिल रही है। भारत का एविएशन मार्केट सालाना 20 फीसदी की पैसेंजर ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है।

 

दूसरी तिमाही में हुआ 1261 करोड़ रु का घाटा

जेट एयरवेज को सितंबर, 2018 में समाप्त तिमाही में 1,261 करोड़ रुपए का शुद्ध एकीकृत घाटा हुआ है, जबकि बीते साल समान अवधि के दौरान कंपनी को 71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। उधर, भारत की एक अन्य लीडिंग एविएशन कंपनी इंडिगो को भी इस अवधि में 652.13 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 551.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

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