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बिजनेस के लिए चाहिए पैसा तो रतन टाटा हैं ना, करना होगा सिर्फ एक E-mail

अच्छे बिजनेस idea पर पैसा लगाने के लिए तैयार रहते हैं रतन टाटा

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नई दिल्ली. अगर आपके पास कोई अच्छा बिजनेस आइडिया है और आपको पैसे की जरूरत है तो चिंता की कोई बात नहीं है। बाजार में इस समय में बैंक, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और बड़े इन्वेस्टर्स अच्छे आइडिया पर पैसा लगाने से संकोच नहीं करते हैं। और अगर इन्वेस्टर रतन टाटा (Ratan Tata) जैसा हो तो समझो सारी दिक्कतें दूर। वैसे भी स्टार्टअप्स (Startups) में पैसा लगाने के मामले में उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) खूब दरियादिली दिखाते रहे हैं। उनके कई इन्वेस्टमेंट तो ऐसे रहे हैं जो उन्होंने एक ई-मेल पर ही कर दिए हैं। 28 दिसंबर को उनका जन्म दिन है और इस मौके पर हम आपको उनके ऐसे ही 10 निवेशों के बारे में बता रहे हैं।

 

30 से ज्यादा स्टार्टअप्स में पैसा लगा चुके हैं रतन टाटा

एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Ratan Tata अभी तक 30 से ज्यादा स्टार्टअप्स (startups) में अपना पैसा लगा चुके हैं। वर्ष 2015 में उन्होंने एक फैशन पोर्टल 'कार्या' में इन्वेस्ट किया है, जिसकी खास बात यह थी कि उन्होंने आइडिया (business idea) देखते हुए महज एक ई-मेल पर ही इसमें पैसा लगा दिया।

 

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किस आधार पर निवेश करते हैं टाटा

एक मौके पर रतन टाटा (Ratan Tata) ने कहा था,  'मैं उन कंपनियों में निवेश करने का इच्छुक हूं, जिनमें विविधता हो और जो ऐसी लगे कि वह भारत को बदल रही हैं।' उन्होंने कहा, ‘मैं ई-कॉमर्स क्षेत्र और स्टार्टअप को मदद देने के क्षेत्र में अनुभवहीन हूं। मैं क्षेत्र के बारे में ज्ञानी पुरुष की तरह कुछ नहीं कह सकता हूं। संभवतः मैं अन्य लोगों से भी ज्यादा सीख रहा हूं। मैं उन कंपनियों में निवेश को तरजीह दूंगा जो आम आदमी से जुड़ी हैं और ऐसे उपक्रमों में जो स्वास्थ्य, महिला सशक्‍तीकरण और इंटरनेट के प्रसार से जुड़े हैं।’ पढ़ें रतन टाटा के 10 स्टार्टअप इन्वेस्टमेंट

   

 


 

 

1. लेन्सकार्ट

सनग्लास, आईग्लास, कॉन्टैक्ट लेंस और अन्य आईवियर बेचने वाली ऑनलाइन रिटेलर लेन्सकार्ट (Lenskart) को टाटा से वर्ष 2016 में फंडिंग हासिल हुई थी। हालांकि निवेश का खुलासा नहीं किया गया। कंपनी ने कहा कि टाटा की भूमिका इन्वेस्टर से ज्यादा मेंटर/एडवाइसर की ज्यादा है।


 

2. डॉगस्पॉट

2007 में स्थापित इस स्टार्टअप डॉगस्पॉट (Dogspot) को पेट्सग्लैम सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड चलाती है। यह एक पेट (पालतू जानवर) सप्लाई करने वाला ऑनलाइन स्टोर है। रतन टाटा ने Dogspot में जनवरी, 2016 में व्यक्तिगत निवेश किया था। टाटा ने रूनी स्क्रूवाला के साथ इसमें पैसा लगाया था। हालांकि उन्होंने लगाई गई रकम का खुलासा नहीं किया था।



 

 

 

3. एल्टिरोज एनर्जी

रतन टाटा ने सबसे पहले साल 2014 में एल्टिरोज एनर्जी में निवेश से शुरुआत की थी। पवन ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रही इस कंपनी की स्थापना मैसाच्युसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने की थी। इन विद्यार्थियों ने 600 मीटर (2000) फीट की ऊंचाई पर जैनरेटर लगाकर बिजली उत्पादन शुरू किया है।

 

 

4. स्नैपडील

रतन टाटा ई-कॉमर्स सेक्टर में पैसा लगाने को लेकर खासे उत्साहित नजर आते हैं। उन्होंने स्नैपडील (snapdeal.com) में निवेश किया है, लेकिन निवेश कितना है, इसकी जानकारी नहीं दी गई। रतन टाटा ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के पूर्व एग्जिक्यूटिव केन ग्लास की हिस्सेदारी स्नैपडील में खरीदी थी। केन ग्लास इस कंपनी के शुरुआती इनवेस्टर्स में से एक थे। हालांकि अब snapdeal में टाटा के निवेश की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है।

 


 

 

5. ब्लू स्टोन (निवेशः सितंबर 2014)

टाटा ने भारत की ज्वैलरी कंपनी ब्लू स्टोन में तीसरा बड़ा निवेश किया है। टाटा ने इस ई-कॉमर्स कंपनी में लगभग चार साल पहले सितंबर, 2014 में हिस्‍सेदारी खरीदी थी। हालांकि निवेश का खुलासा नहीं हुआ था। ब्लू स्टोन पर ज्वैलरी के सभी सामान मिलते हैं। डायमंड से बनने वाले प्रोडक्ट बेचने के लिए ब्लू स्टोन की खास पहचान है।

 

 

6. अर्बन लैडर

रतन टाटा ने 14 नवंबर 2014 को ऑनलाइन फर्नीचर कंपनी अर्बन लैडर में निवेश किया। हालांकि, कंपनी ने टाटा द्वारा किए गए निवेश का ब्योरा नहीं दिया। स्नैपडील के बाद किसी ई-कॉमर्स कंपनी में उनका यह दूसरा पर्सनल निवेश था। अर्बन लैडर की स्थापना जुलाई 2012 में की गई थी। कंपनी के सह संस्थापक आशीष गोयल एवं राजीव श्रीवत्स हैं। यह कंपनी कम से कम 100 प्रकार के फर्नीचर उत्पाद तैयार करती है, जिसमें वार्डरोब, सोफे, काफी टेबल एवं डाइनिंग टेबल शामिल हैं। इस फर्म का उद्देश्‍य भारत में अगले 18 महीनों में सबसे बड़ी फर्नीचर विक्रेता कंपनी बनने का है। राजीव श्रीवत्स एक एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘टाटा का नाम यदि आपसे जुड़ता है तो आपको तुरत-फुरत फायदा यह मिलता है कि बाकी स्टार्टअप की भीड़ में आपकी अलग पहचान हो जाती है।’


 

 

 

7. कार देखो डॉट कॉम

रतन टाटा ने ऑनलाइन ऑटो क्लासीफाइड सेवा प्रदाता ‘कार देखो डॉट कॉम’ (cardekho.com) में फरवरी, 2015 में निवेश किया था। कार देखो (cardekho) ने रतन टाटा की ओर से निवेश करने का तो खुलासा किया था लेकिन कंपनी निवेश की राशि नहीं बताई। रतन टाटा ने पहली बार किसी ऑटो पोर्टल में व्यक्तिगत स्तर पर निवेश किया है। कार देखो डॉट कॉम में रतन टाटा की ओर से यह निवेश हांगकांग की निवेशक कंपनी सीरीज बी फंडिंग द्वारा 5 करोड़ डॉलर के निवेश के बाद किया गया।

 

 

8. ग्रामीण कैपिटल

रतन टाटा ने मार्च 2015 में ग्रामीण कैपिटल इंडिया (जीसीआई) में हिस्सेदारी खरीदी। रतन टाटा ने डेंपो समूह के चेयरमैन श्रीनिवास डेंपो, क्रेडिट सुइस के पूर्व निवेश बैंकिंग प्रमुख विक्रम गांधी और मौजूदा निवेशकों अमित पटनी और अरिहन पटनी के साथ जीसीआई के सामाजिक उद्यम फंड में निवेश किया है, लेकिन रकम का खुलासा नहीं किया था। साल 2007 में जीसीआई की शुरुआत हुई थी, जो सामाजिक उद्यम को निवेश संबंधी सलाह उपलब्ध कराती है और सामाजिक उद्यम को अब तक इसने इक्विटी व कर्ज के तौर पर 16 करोड़ डॉलर से ज्यादा फंड मुहैया कराया है।

 

 

9. पेटीएम (paytm)

रतन टाटा ने मोबाइल कॉमर्स (एम-कॉमर्स) प्लेटफॉर्म पेटीएम (paytm) में 2015 में निवेश किया था। टाटा ने पेटीएम में कितना निवेश किया है, इसका खुलासा नहीं किया गया था। जानकारी के मुताबिक टाटा का यह व्यक्तिगत निवेश है। रतन टाटा का पेटीएम में निवेश ऐसे समय आया है जब दुनिया की सबसे बड़ी ई-रिटेल कंपनी अलीबाबा ने पिछले महीने वन-97 कम्युनिकेशंस में25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। यह पेटीएम की मूल कंपनी है।



 

10. शाओमी (xiaomi)

उद्योग जगत के दिग्गज रतन टाटा ने चीन की मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनी शाओमी (xiaomi) में अप्रैल, 2015 में हिस्सेदारी खरीदी थी। शाओमी (xiaomi) में किसी भारतीय का यह पहला निवेश है। टाटा समूह के पूर्व प्रमुख रतन टाटा ने निजी क्षेत्र में कितनी हिस्सेदारी खरीदी है या उसका मूल्य कितना है, इसका खुलासा करने से कंपनी ने इनकार किया है।

 
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