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यहां मिलती हैं बाजार से 20% सस्ती दवाइयां, कई दवाइयां 40% तक सस्ती

भारत में बढ़ रहा ऑनलाइन दवाइयां खरीदने का ट्रेंड

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नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे भारत को डिजिटल करने की बात कही थी। इसके तहत अब देश में कई जगहों पर डिजिटल ट्रांजैक्शन किया जा रहा है। बहुत से लोग ऑनलाइन शॉपिंग के साथ-साथ अब दवाइयां भी ऑनलाइन ही मंगवाने लगे हैं। दवाइयों की ऑनलाइन शॉपिंग से ऑफलाइन मार्केट पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इस कारण सितंबर में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने दवाइयों के ऑनलाइन सेल को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। यूं तो ऑनलाइन फार्मेसी का योगदान भारत में मात्र 2-3 पर्सेंट ही है लेकिन AIOCD को डर है कि यह कुछ ही समय में ऑफलाइन बाजार से आगे निकल सकता है। पूरे भारत से लगभग 8.5 लाख केमिस्ट ने ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ प्रदर्शन किया।

 

ऑनलाइन में ग्राहकों को मिलता है 10 से 20 पर्सेंट का फायदा

आपको बता दें  कि फ्लिपकार्ट, अमेजन और स्नैपडील ने ऑनलाइन दवाइयों की सेल भी शुरू कर दी है। इसी के साथ ही बहुत सी ऐसी साइट्स हैं जो ऑनलाइन दवाइयों की सेल कर रही है जिनमें नेटमेड्स (netmeds), मेडप्लसमार्ट (medplusmart) प्रमुख हैं। ये साइट्स ऑफलाइन की तुलना में सस्ती दवाइयां बेचती हैं। ऑनलाइन  दवाइयां खरीदने पर ग्राहकों को 10 से 20 पर्सेंट का फायदा मिलता है। ई-फार्मेसी के सीईओ प्रशांत टंडन के मुताबिक बड़ी बीमारियों जैसे कैंसर का इलाज कराने में 30 से 40 लाख का खर्चा आता है और इसकी दवाइयां भी काफी महंगी होती है। लेकिन अगर लोग ऑनलाइन दवाइयां खरीदते हैं तो उन्हें इन महंगी दवाइयों में 10 से 20 पर्सेंट का फायदा मिलता है।

 

कैंसर में ऑफलाइन दवाइयां खरीदने पर 3 लाख रुपए का खर्चा आता है वहीं ऑनलाइन दवाइयां खरीदने पर 75 हजार रुपए का खर्चा आता है। वहीं ई-फार्मेसी  के सीईओ धर्मिल सेठ का कहना है कि बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए दवाईयों की ऑनलाइन शॉपिंग काफी अच्छा ऑप्शन है क्योंकि वह बाहर जाकर दवाइयां नहीं खरीद सकते हैं। 

 

 

ऑनलाइन दवाइयां खरीदने के फायदे

दवाईयों की ऑनलाइन शॉपिंग में ग्राहकों को कई फायदे मिलते हैं जो कि इस प्रकार हैं। 

 

1. ऑनलाइन  में ग्राहकों को ऑफलाइन के मुकाबले दवाइयां 10 से 20 फीसदी सस्ती मिलती है। 

 

2. कुछ महंगी दवाइयों का स्टॉक रखना ऑफलाइन फार्मसी वालों को महंगा पड़ता है लेकिन ऑनलाइन में इसकी कोई दिक्कत नहीं होती। क्योंकि उनके पास पैन इंडिया कस्टमर बेस होता है। 

 

3. ऑनलाइन मार्केट के पहुंच बहुत दूर तक है भारत में ही यह 22 हजार पिनकोड्स पर दवाईयों की डिलीवरी की जाती है।

 

4. डिजिटल होने के चलते इसमें ऑडिट भी आसानी से हो जाता है। इसके साथ ही इन साइट्स का दवाइयों की कंपनियों के साछ पार्टनरशिप होती है। 

 

ऑफलाइन से ज्यादा आकर्षक रेट्स

DRUG CONDITION MG ONLINE PRICE (rs) OFFLINE PRICE (rs)
Aromasin breast cancer 25 5,384 5,750
Docezep breast cancer 120 14,450 15,890
Abraxane lung cancer 100 16,640 17,220
Glucotrol daibetes 5 10.90 11.20
Metformin daibetes 500 17.95 18.50
Terbutaline asthama 0.5 33 39
Thiazide fluid retention 12.5 10.30 11.80
Sulfasalazine arthritis 500 49.77 54.20

 

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