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बदल गई दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट, मार्क जुकरबर्ग तीन पायदान खिसके, अंबानी एशिया में नंबर वन

बीते दो दिन में फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग की दौलत लगभग 17 अरब डॉलर यानी 1.15 लाख करोड़ रुपए घट गई।

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नई दिल्ली. इस हफ्ते दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। बीते दो दिन में फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग की दौलत लगभग 17 अरब डॉलर यानी 1.15 लाख करोड़ रुपए घट गई। इससे दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में वह तीसरे पायदान से खिसकर छठे पायदान पर आ गए। वहीं एशिया के अमीरों की बात करें तो शुक्रवार को मुकेश अंबानी की  पर्सनल वेल्थ में 72 करोड़ डॉलर यानी लगभग 5 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। जिससे वह एशिया में नंबर वन बन गए हैं। अंबानी ने चीनी उद्योगपति और ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के फाउंडर जैक मा को पीछे छोड़ दिया।

 

टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में छठे पायदान पर खिसके जुकरबर्ग

 

दरअसल कमजोर नतीजों के चलते गुरुवार को फेसबुक के शेयर लगभग 20 फीसदी टूट गए थे, जिसके चलते एक ही दिन में जुकरबर्ग की वेल्थ लगभग 16 अरब डॉलर यानी लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपए घट गई। ब्लूमबर्ग बिलेनायर इंडेक्स के मुताबिक, जुकरबर्ग लगभग 70 अरब डॉलर की वेल्थ के साथ टॉप 10 लिस्ट में तीसरे पायदान से छठे पायदान पर खिसक गए हैं।

 

तीसरे नंबर पर पहुंचे वारेन बफे

जुकरबर्ग की दौलत में कमी का फायदा दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर कहे जाने वाले वारेन बफे को मिला। गुरुवार तक वारेन बफे जहां चौथे पायदान पर थे, जो अब लगभग 83 अरब डॉलर की दौलत के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच चुके हैं।

 

इसके साथ ही नए बदलाव के तहत अब फ्रांस के अरबपति बर्नार्ड अर्नाल्ट 76 अरब डॉलर की दौलत के साथ चौथे और रिटेल किंग कहे जाने वाले स्पेन के अमैन्सियो ऑर्टिगा 73 अरब डॉलर की दौलत के साथ पांचवें पायदान पर आ गए।

 

 

टॉप 10 अमीर और उनकी दौलत

1. जेफ बेजोस       150 अरब डॉलर

2. बिल गेट्स        96.6 अरब डॉलर

3. वारेन बफे         82.8 अरब डॉलर

4. बर्नार्ड अर्नाल्ट     75.9 अरब डॉलर

5.अमैन्सियो ऑर्टिगा  72.9 अरब डॉलर

6.मार्क जुकरबर्ग            69.9 अरब डॉलर

7.कार्लोस स्लिम            62.9 अरब डॉलर

8.लैरी पेज          60.1 अरब डॉलर

9.सर्गेई ब्रिन         5.5 अरब डॉलर

10. लैरी इलीसन     55.1 अरब डॉलर

14. मुकेश अंबानी    45.2 अरब डॉलर

 

स्रोतः ब्लूमबर्ग (28 जुलाई, 2018)

आगे पढ़ें - एशिया में सबसे अमीर बने मुकेश अंबानी

 

 

एशिया में नंबर वन बने मुकेश अंबानी

 

टॉप अमीरों की लिस्ट में बदलाव से भारत के सबसे बड़े अमीर मुकेश अंबानी भी अछूते नहीं रहे हैं। शुक्रवार को अंबानी की दौलत लगभग 72 करोड़ डॉलर की बढ़ोत्तरी के साथ 45.2 अरब डॉलर हो गई। इसके साथ ही वह एशिया के सबसे अमीर और ग्लोबल लिस्ट में एक कदम आगे बढ़कर 14वें पायदान पर पहुंच गए। अंबानी की दौलत बीते एक महीने में 6.8 अरब डॉलर (46 हजार करोड़ रुपए) बढ़कर 45.2 अरब डॉलर हो गई है। अंबानी ने चीन के अरबपति जैक मा को पीछे छोड़ा, जो अभी तक एशिया के सबसे बड़े अमीर थे।

 

आगे पढ़ें, जुकरबर्ग कों क्यों हुआ  नुकसान...

 

कई देशों में हुए सख्‍त कानूनों से नुकसान

मौजूदा क्‍वार्टर में यूरोप की ओर से नए सख्‍त डाटा कानूनों को लागू कि‍या गया जि‍सके बाद फेसबुक पर डेली वि‍जि‍टर्स कम हो गए। कंपनी को म्‍यांमार और श्रीलंका जैसे देशों में लोगों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इन देशों में गलत जानकारी से हिंसा भी हुई। इसके अलावा,  2016 के अमेरिकी राष्‍ट्रपति‍ चुनाव के दौरान रूसी धोखेबाजी में कंपनी को जांच का सामना भी करना पड़ा।

 

 

कम हो रहे हैं यूजर्स और रेवेन्‍यू

इन सब परेशानि‍यों का असर फेसबुक के 2.23 अरब एक्‍टि‍व मंथली यूजर्स पर पड़ा, जोकि‍ हमेशा नहीं बढ़ सकते हैं। एक एनालि‍स्‍ट ने कहा कि‍ कोर फेसबुक प्‍लेटफॉर्म गि‍र रहा है। ब्‍लूमबर्ग के मुताबि‍क, जून में फेसबुक ने कहा कि‍ उनके पास 1.47 अरब डेली एक्‍टि‍व यूजर्स हैं जबकि‍ अनुमान 1.48 अरब का था। अमेरि‍का और कनाड़ा में यूजर्स की संख्‍या कम हुई है, यूरोप में 1 फीसदी यूजर्स घट गए हैं। टोटल औसत डेली यूजर्स सालाना आधार पर 11 फीसदी ही बढ़े हैं।

 

 

खराब नतीजों की फेसबुक पर पड़ी मार

बुधवार को फेसबुक के दूसरे क्‍वार्टर की सेल्‍स और यूजर ग्रोथ एनालि‍स्‍ट के अनुमानों से कम रही और कंपनी ने इस साल इन आंकडों में कि‍सी प्रकार का सुधार नहीं होने की बात कही थी। फेसबुक के चीफ फाइनेंशि‍यल ऑफि‍सर डेवि‍ड वेहनर ने कहा कि‍ रेवेन्‍यू ग्रोथ रेट तीसरे और चौथे तिमाही में गि‍रेगी। इस बयान के बाद कंपनी के शेयर्स 20 फीसदी तक गि‍र गए।

फेसबुक को कई साल से उनके कंटेट पॉलि‍सीज, प्राइवेट डाटा को बचाने में वि‍फल होना और एडवर्टाइजर्स के लि‍ए अपने नि‍यमों को बदलने की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। अब तब यह परेशानि‍यां बि‍जनेस की सफलता पर असर नहीं डाल रही थीं।

 

 

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