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हवाई सफर में मिलते हैं आपको ये 10 अधिकार, जान लें होगा फायदा

जान लें-फ्लाइट कैंसिल होने या लेट होने पर क्या करना चाहिए

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नई दिल्‍ली. भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन के चलते हवाई सेवाओं पर खासा असर पड़ता दिख रहा है। इससे भारत और पाकिस्तान में जहां कई फ्लाइट्स कैंसिल हो गईं, वहीं थाईलैंड सहित कई देशों में हजारों यात्री कई घंटों से फंसे हुए हैं। इसकी वजह यह है कि दुनिया के कई देशों के लिए जाने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स का रूट भारत और पाकिस्तान के ऊपर से गुजरता है। ऐसे तनाव भरे हालात में हवाई सफर पर जाने से पहले पैसेंजर्स के लिए जरूरी है कि वे अपने अधिकार के बारे में पूरी जानकारी रखें। आज हम आपको इस रिपोर्ट के जरिए एयरलाइन में मिलने वाले कुछ अधिकारों के बारे में बताने जा रहे हैं।

 

1.एक दिन पहले देनी होगी फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना

यदि एयरलाइन फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना कम से कम 1 दिन पहले नहीं देती है तो उसे पैसेंजर को टिकट का पूरा पैसा देना होगा या वैकल्पिक फ्लाइट उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा पैसेंजर को ट्रैवल टाइम पर 5,000 से 10,000 रुपए मुआवजा और एयरलाइन फ्यूल चार्ज, जो भी कम हो देना होगा। 

 

2. 6 घंटे से ज्यादा लेट हो फ्लाइट तो...

यदि डॉमेस्टिक फ्लाइट के 6 घंटे से ज्यादा लेट होने का अनुमान है तो एयरलाइन को पैसेंजर को उस समय वैकल्पिक फ्लाइट देनी होगी या टिकट का पूरा पैसा लौटाना होगा।

 

3. पैसे हाथों-हाथ मिलेंगे

अगर आपने किसी कारण टिकट कैंसल करा लिया तो पैसे रिफंड होने में ज्‍यादा समय नहीं लगता है। डीजीसीए की वेबसाइट के मुताबिक कैश से पेमेंट किया है तो तुरंत हाथों-हाथ रिफंड मिलेगा। वहीं अगर आपने क्रेडिट कार्ड से हवाई टिकट लिया है तो 7 दिन के अंदर आपके पैसे अकाउंट में जाते हैं। जबकि ट्रैवल एजेंट से कराया हुए टिकट का रिफंड एजेंट के अप्रोच पर निर्भर करता है।

 

4.होटल में रुक सकते हैं

यदि बताए गए टाइम से फ्लाइट के ज्यादा लेट होने या 6 घंटे की देरी पर एयरलाइन को पैसेंजर के लिए होटल की व्यवस्था करनी होगी। इसमें डिपार्चर रात को 8 बजे और सुबह 3 बजे के बीच होना चाहिए।

 

 

5.फ्लाइट्स में ओवर बुकिंग

यदि पैसेंजर एक फ्लाइट में क्षमता से ज्यादा बुकिंग की स्थिति में सफर करने से इनकार कर देता है तो एयरलाइन को एक घंटे के भीतर वैकल्पिक फ्लाइट मुहैया करानी होगी। यदि कंपनी वैकल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था करने में नाकाम रहती है तो पैसेंजर मुआवजा भी मांग सकता है। ऐसी स्थिति में एयरलाइन पर 20 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
 

6. अगर प्‍लेन से उतारा जाए 

ओवरवेट की वजह से किसी भी यात्री को अगर प्लेन से उतारा जाता है तो उससे पहले उसे इसके लिए राजी करना जरूरी है। इसके बाद एयरलाइन को उचित मुआवजा भी देना होता है। किसी यात्री को प्लेन में चढ़ने से रोकने पर भी उसे मुआवजा देना पड़ता है। अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है तो उसे 1 घंटे के अंदर ही किसी दूसरे विमान से यात्री के जाने का प्रबंध करना पड़ता है।

 

7.अगर विमान खराब हो जाए

डीजीसीए का यह नियम है कि विमान खराब होने के 1 घंटे बाद पैसेंजर को सुविधा देनी होगी और यदि वह सुविधा नहीं चाहता तो हाथों-हाथ टिकट का पैसा देना पड़ेगा। चूंकि इसकी जानकारी पैसेंजर्स को नहीं होती,इसलिए एडजस्‍ट करने को मजबूर होते हैं। यदि पैसेंजर दूसरे विमान में जाना चाहता है तो उसकी व्यवस्था भी कंपनी को करनी पड़ेगी। 

 

  
8. सामान खोना

यदि एयरलाइन की गलती से किसी पैसेंजर का सामान खो जाता है तो पैसेंजर प्रति किलोग्राम 350 रुपए से 20,000 रुपए तक का दावा कर सकता है। 

 

9.कनेक्टिविटी फ्लाइट का छूटना

यदि एक पैसेंजर की कनेक्टिविटी फ्लाइट छूट जाती है तो वह एयरलाइन से 5,000 से 10,000 रुपए तक का मुआवजा मांग सकता है।

 

10. 24 घंटे के अंदर शिकायत

यदि इन सबसे एयरलाइन कंपनी ने पल्ला झाड़ दिया तो डीजीसीए की वेबसाइट पर 24 घंटे में शिकायत करना चाहिए। इसके बाद सुनवाई नहीं होती है तो यात्री को पहले एयरपोर्ट डायरेक्‍टर को लिखित में या फिर एसएमएस करके जानकारी देनी होगी। हालांकि आप राष्‍ट्रीय आपदा, सिविल वार, सिक्‍युरिटी रिस्‍क और अन्‍य विषम परिस्थितियों में आप क्‍लेम नहीं कर सकते हैं।

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