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जेट एयरवेज ने टाली मार्च की सैलरी, 16 हजार इम्प्लॉइज पर होगा असर

आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज (Jet Airways) ने बुधवार को अपने कर्मचारियों की सैलरी के भुगतान को टाल दिया है।

Jet Airways defers March salary payment to its 16K employees

आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज (Jet Airways) ने बुधवार को अपने कर्मचारियों की सैलरी के भुगतान को टाल दिया है। कंपनी के लिए इसके लिए डेट-रिकास्ट प्लान को अंतिम रूप देने में आ रही मुश्किलों का हवाला दिया है।

मुंबई. आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज (Jet Airways) ने बुधवार को अपने कर्मचारियों की सैलरी के भुगतान को टाल दिया है। कंपनी के लिए इसके लिए डेट-रिकास्ट प्लान को अंतिम रूप देने में आ रही मुश्किलों का हवाला दिया है। दरअसल इस प्लान के तहत एसबीआई के अगुआई वाले कंसोर्टियम को एयरलाइन का मैनेजमेंट कंट्रोल अपने हाथ में लेना है। जेट एयरवेज (Jet Airways) के इस फैसले का असर उसके 16 हजार कर्मचारियों पर पड़ेगा। 

 

जनवरी के बाद नहीं मिली है सैलरी

इससे पहले एयरलाइन अगस्त के बाद से अपने पायलटों, इंजीनियरों और सीनियर स्टाफ की सैलरी टालती आ रही है। उन्हें जनवरी से अभी तक सैलरी नहीं मिली है। जेट एयरवेज (Jet Airways) के चीफ पीपुल ऑफिसर राहुल तनेजा ने स्टाफ को भेजे कम्युनिकेशन में कहा, ‘प्रॉसेस से जुड़ी ऐसी (रिजॉल्युशन प्लान के फाइनलाइजेशन) जटिलताओं के चलते इसमें उम्मीद से ज्यादा वक्त लगा है। हालांकि हम लगातार कोशिश कर रहे हैं और समाधान निकालने के लिए लेंडर्स के साथ बातचीत कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में मार्च, 2019 की सैलरी टाल दी जाएगी।

 

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9 अप्रैल को अपडेट देगा मैनेजमेंट

भले ही मैनेजमेंट ने पेमेंट के लिए कोई तारीख नहीं दी है, लेकिन उसने कहा है कि कंपनी 9 अप्रैल को इस मुद्दे पर नया अपडेट उपलब्ध कराएगी। 25 मार्च को जेट एयरवेज (Jet Airways) के बोर्ड ने एसबीआई की अगुआई वाले घरेलू लेंडर्स द्वारा तैयार एक रिजॉल्यूशन प्लान को अपनी मंजूरी दी थी, जिसके तहत वह एयरलाइन में 1,500 करोड़ रुपए का इमर्जेंसी फंडिंग के लिए राजी हुआ था। इसके तहत महज 1 रुपए प्रति शेयर की वैल्यू पर इस कर्ज को 50.1 फीसदी इक्विटी में तब्दील किया जाना था।

 

टेक्निकल वजहों से जारी नहीं हुआ फंड

हालांकि टेक्निकल वजहों के चलते यह फंड अभी तक जारी नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा, ‘इस मुश्किल दौर में मैनेजमेंट टीम लेंडर्स और अन्य संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रही है, जिससे हमें अपने ऑपरेशन में स्थायित्व लाने और एयरलाइन के फ्यूचर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।’

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