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मिनटों में बड़े से बड़े शहर को बर्बाद कर सकती है भारत की यह पनडुब्बी, दुश्मन नहीं कर पाएगा डिटेक्ट

बता दें कि INS अरिहंत भारत का पहली मिसाइल पनडुब्बी है। आइए जानते हैं INS अरिहंत के बारे में कुछ रोचक बातें।

INS Arihant remain under water for months

नई दिल्ली। रक्षा के क्षेत्र में इतिहास रचते हुए भारत के पहले परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिहंत सोमवार को अपना पहला अभियान पूरा करके  वापस लौट आया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने धनतेरस के दिन देशवासियों को INS अरिहंत समर्पित किया। पीएम मोदी ने लोगों को बधाई देते हुए इसे देश की सबसे बड़ी  उपलब्धि करार दी। बता दें कि INS अरिहंत भारत का पहली मिसाइल पनडुब्बी है। आइए जानते हैं INS अरिहंत के बारे में 10 रोचक बातें। 

 

1. INS अरिहंत को इस तरह बनाया गया है कि यह पानी, जमीन और आसमान में अपने दुश्मनों का आसानी से सफाया कर सकता है। तीनों स्तर की सुरक्षा करने के कारण इसे न्यूक्लियर ट्रायड भी कहा जाता है। 

 

2. इस पनडुब्बी का नाम  अरिहंत इसलिए रखा गया है क्योंकि इसका मतलब होता है दुश्मन को नष्ट करने वाला। इस पनडुब्बी के की परीक्षण किए गए हैं भारत को साल 2019 तक एक और पनडुब्बी INS अरिधमान की उम्मीद भी की जा रही है। 

 

3. INS अरिहंत का वजन 6000 टन है।  इसके सात ही इसमें 750 किलोमीटर और 3500 किलोमीटर की दूरी वाली मिसाइलें डाली गई हैं।अरिहंत को एक कोडनेम भी दिया गया है जो कि एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है। मिसाइलों को 'K' कोडनेम दिया गया है।

 

4. INS अरिहंत  में 15 मिसालें हैं जो कि 750 किलोमीटर तक दुश्मन को मरने की क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही इसमें 4 बैलिस्टिक मिसाइलें भी हैं जो कि 3500 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को आसानी से मार सकती हैं। 

 

5. आपको बता दें कि सबसे अधिक पनडुब्बियों की लिस्ट में अमेरिका सबसे पहले नंबर पर है। अमेरिका के पास 70 से  ज्यादा परमाणु पनडुब्बियां हैं। दूसरे स्थान पर रूस है उसके पास 30 परमाणु पनडुब्बियां हैं। जबकि तीसरे  स्थान पर यूके है उसके पास 12 परमाणु पनडुब्बियां हैं। 

 

6. भारत इस पनडुब्बी का लंबे समय से इंतजार कर रहा था और इसके शामिल होने से सेना की ताकत काफी बढ़ गई है। 6 हजार टन की आईएनएस अरिहंत ऐसे इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां से दुश्मन परमाणु हमला करने की धमकी देता है।

 

7. आपको बता दें कि INS अरिहंत को 1970 में ही मंजूरी मिल गई थी। लेकिन की कारणों के चलते इसे समुद्र में नहीं उतारा गया था। साल 2009 में पीएम मनमोहन सिंह ने इसे लॉन्च किया था। 

 

8. इस पनडुब्बी में इतनी क्षमता है कि यह आसानी से किसी भी शहर को मिनटों में बर्बाद कर सकती है। इसके साथ ही दुश्मन इसे आसानी के डिटेक्ट नहीं कर सकता। इसकी खासियत यह है कि यह लंबे समय तक गहरे पानी के अंदर रह सकती है। 

 

9. यह पनडुब्बी कई महीनों तक बिना किसी की नजर में आए पानी के अंदर रह सकती है।

 

10. इस पनडुब्बी के अलावा भारत 6 और पनडुब्बी बनाने की सोच रहा है जिनमें लगभग 90 हजार करोड़ का खर्चा आ सकता है। 

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