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महंगे हो रहे इलाज पर SC ने जताई चिंता, कहा- सरकार जल्द उठाए जरूरी कदम

देश में मेडिकल ट्रीटमेंट के लगातार महंगे होने पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है।

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नई दिल्ली। देश में मेडिकल ट्रीटमेंट के लगातार महंगे होने पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा है कि मेडिकल ट्रीटमेंट का खर्चा बढ़ने से बहुत से लोग इलाज नहीं करवा पाते हैं। ऐसे में कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सरकार को जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाना चाहिए। 

 

NPPA की रिपोर्ट के बाद आया बयान 
कोर्ट का यह बयान इसलिए भी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल ही में फार्मा रेग्युलेटर एनपीपीए ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि किस तरह से दिल्ली-एनसीआर के अस्पताल दवा या सीरींज पर मरीजों से 1700 फीसदी तक मुनाफा वसूल रहे हैं। उनके इस खेल में दवा और मेडिकल डिवाइस कंपनियां भी साथ दे रही हैं। इस चक्कर में अस्पतालों से डिस्ट्रीब्यूटर्स तक की तो जब भर रही है लेकिन मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। 

 

3 मेंबर वाली बेंच ने क्या कहा
जस्टिस मदन बी लोकूर, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस दीपक गुप्ता की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि भारत में मेडिकल ट्रीटमेंट की लागत बहुत ही ज्यादा है। इतनी ज्यादा कीमत होने की वजह से आम आदमी को सही से मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं मिल पा रहा है। बहुत से लोग इतना पैसा देने में सक्षम नहीं हैं। 

 

बाहर से दवा खरीदने का ऑप्शन नहीं 
- NPPA की स्टडी में सामने आया है कि दवा या मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों से प्रोडक्ट खरीदकर ये हॉस्पिटल अपने हिसाब से एमआरपी तय करते हैं। इसी एमआरपी पर सैकड़ों गुना का अंतर होता है। 
- अस्पताल ये प्रोडक्ट अपनी मेडिकल शॉप के जरिए मरीजों को बेचते हैं। मरीजों को बाहर से दवा या मेडिकल डिवाइस खरीदकर की इजाजत नहीं होती है। 

 

कैसे ठग रहे हैं हॉस्पिटल?
1) एनपीपीए का कहना है कि ये हॉस्पिटल फार्मा इंडस्ट्री पर दबाव डालते हैं और बल्क में दवाएं खरीदने के बदले में उनसे एमआरपी बढ़ाकर लिखने को कहते हैं। वे इंडस्ट्री से ऐसा करवाने में कामयाब भी हो जाते हैं। 
2) एनपीपीए का कहना है कि दवा, मेडिकल डिवाइस और डायग्नोसिटक का बिल मरीजों के कुल खर्च का करीब 46 फीसदी होता है। जबकि मरीज जब हॉस्पिटल जाता है तो उनके द्वारा जो पैकेज बताया जाता है, उसमें ये खर्च नहीं जुड़े होते हैं। यानी उसे हॉस्पिटल के पैकेज से दोगुना तक खर्च करना पड़ता है और उसका पूरा बजट बिगड़ जाता है। 

आगे पढ़ें, किन चीजों पर कितना मुनाफा ले रहे हॉस्पिटल.............

 

 

किन चीजों पर कितना मुनाफा कमा रहे हॉस्पिटल?
- मेडिकल डिवाइसेज पर 350% से 1700% 
- जो दवाएं सरकार के प्राइस कंट्रोल के दायरे में नहीं है, उन पर 160% से 1200% 
- जो दवाएं प्राइस कंट्रोल के दायरे में है, उन पर 115% से 360% 
- अस्पतालों को सबसे ज्यादा फायदा नॉन शिड्यूल्ड मेडिकल डिवाइसेज जैसे- सिरिंज पर हो रहा है। 

 

क्या कहना है एनपीपीए का?
- एनपीपीए का कहना है कि यह साफतौर पर मार्केट सिस्टम का फेल्योर है, जिसकी वजह से हॉस्पिटल गलत तरीके से मुनाफा कमाने में लगे हैं। सिर्फ अपने फायदे के लिए एमआरपी से खिलवाड़ करना साफतौर पर मार्केट के नियमों के खिलाफ है। 

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