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इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण के लिए वेदांता को अग्रिम पेमेंट की मंजूरी, रीनेसंस की याचिका पर फैसला रिजर्व

NCLAT ने इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण के लिए वेदांता को 5320 करोड़ रुपए के अग्रिम पेमेंट को मंजूरी दे दी है।

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नई दिल्ली। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण के लिए वेदांता को 5320 करोड़ रुपए के अग्रिम पेमेंट को मंजूरी दे दी है। जेजों की 2 सदस्यों वाली कमिटी ने रीनेसंस स्टील की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है। इसके पहले रीनेसंस स्टील ने कर्ज में दबी इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण के लिए वेदांता की बोली को चुनौती दी थी। जिस याचिका को NCLAT ने स्वीकार कर ली थी। 

 

 

रीनेसंस स्टील के केस जीतने पर पैसे वापस होंगे
चेयरमैन जस्टिस एसजे मुखोपाध्‍याय की अध्‍यक्षता वाली NCLAT के 2 सदस्यों वाली बेंच ने इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण के लिए वेदांता को 5320 करोड़ रुपए के अग्रिम पेमेंट की मंजूरी तो दी है। लेकिन कहा है कि अगर रीनेसंस स्टील यह केस जीत जाता है तो कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स को वेदांता को उसके पैसे वापस लौटाने होंगे। ट्रिब्यूनल ने फिलहाल रीनेसंस स्टील की याचिका पर अपना ऑर्डर रिजर्व रखा है।  

 

रीनेसंस स्टील ने दी थी चुनौती
इसके पहले 17 मई को NCLAT ने इलेक्ट्रोस्टील कंपनी के लिए वेदांता की बोली को चुनौती देने वाली रीनेसंस स्टील की याचिका को स्वीकार की थी। रीनेसंस स्टील के रिजॉल्यूशन प्लान को इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स के कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) ने खारिज कर दिया था। बता दें कि इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स पर 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। इसमें से करीब 5000 करोड़ रुपए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के हैं। एनसीएलएटी ने एक मई को इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स की वेदांता स्टील को बिक्री के मामले में यथास्थिति बनाए रखने को भी कहा था। 

 

वेदांता की योग्यता पर उठाए थे सवाल 
रीनेसंस स्टील ने इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण के लिए वेदांता की योग्यता पर सवाल उठाए थे। रीनेसंस स्टील ने कहा था कि उसकी बोली वेदांता की बोली के मुकाबले ज्यादा मजबूत है। यह भी कहा गया था कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के सेक्शन 29ए के अनुसार वेदांता अधिग्रहण के लिए योग्य नहीं है। याचिका में कहा गया कि यूके बेस्ड पैरेंट वेदांता रिसोर्सेज पीएलसी की एक यूनिट को क्रिमिनल मिसकंडक्ट में दोषी पाया गया है। ऐसे में वेदांता अधिग्रहण के लिए योग्य नहीं है। 

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