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कंपनियों के डायरेक्टर्स का पासपोर्ट डिटेल जुटाएगी सरकार, नहीं है तो देना होगा हलफनामा

सरकार सभी कंपनियों के बोर्ड में शामिल डायरेक्टर्स के पासपोर्ट की डिटेल जुटाने के प्रपोजल पर विचार कर रही है।

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नई दिल्ली. कर्ज लेकर विदेश भागने वालों पर लगाम कसने के लिए कॉरपारेट अफेयर मिनिस्ट्री ने नई योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक मिनिस्ट्री सभी कंपनियों के बोर्ड में शामिल डायरेक्टर्स के पासपोर्ट की डिटेल जुटाने के प्रपोजल पर विचार कर रही है। अगर डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर (डिन) रखने वाले किसी भी डायरेक्टर के पास पासपोर्ट नहीं है तो उसे हलफनामा देना पड़ेगा कि उसके पास पासपोर्ट नहीं है।

 

इसके साथ ही, डिन के लिए आवेदन देने वालों को अपना पासपोर्ट डिेटल जमा करना होगा। इसके लिए डिन आवेदन करने वाले फॉर्म में पासपोर्ट से जुड़ी डिटेल का अलग से कॉलम डाला जाएगा। बता दें कि पिछले दिनों फाइनेंस मिनिस्ट्री ने सभी बैंकों को उनके 50 करोड़ रुपए से बड़े कर्जदारों के पासपोर्ट डिटेल लेने का निर्देश दिया था। मंत्रालय का मानना था कि पासपोर्ट डिटेल होने से फ्रॉड की स्थिति में कर्जदार को समय रहते देश में रोका जा सकेगा।

 

50 करोड़ कर्ज लेने वालों को भी देनी होगी डिटेल 
हाल ही में सरकार ने आदेश जारी कि‍या था कि‍ जि‍न लोगों ने भी भारतीय बैंकों से 50 करोड़ रुपए से अधि‍क का लोन लि‍या हुआ है वह 45 दि‍नों के भीतर अपनी पासपोर्ट डिटेल बैंक को दें। इसके अलावा अब जो 50 करोड़ से अधि‍क लोन लेने वाले नए ऋण धारकों को लोन के लि‍ए आवेदन करने के साथ ही अपने पासपोर्ट की डि‍टेल देनी होगी। 

 

बैंकों को भी दिया निर्देश
वित्त मंत्रालय ने देश के सभी सरकारी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन लेने वालों की पासपोर्ट डिटेल्स एकत्र करें। निर्देश के अनुसार, बैंकों को यह डिटेल्स 45 दिन में एकत्र करना है। पीएनबी में घोटाला होने के बाद मंत्रालय ने यह निर्देश जारी किए हैं। 
वित्त मंत्रालय ने बैंकों से कहा है कि अगर कर्जदार के पास पासपोर्ट नहीं है तो बैंक उससे हलफनामा ले कि वह पासपोर्ट नहीं रखता। बैंकों से यह भी कहा गया कि वे लोन एप्लीकेशन फॉर्म में भी बदलाव कर उसमें पासपोर्ट डिटेल्स का कॉलम शामिल करें।

 

विदेश भागने से रोकना मकसद
50 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज देते वक्त ही अगर बैंक पासपोर्ट डिटेल्स मांग लेंगे तो घोटालेबाजों या डिफॉल्टरों को देश छोड़कर भागने से रोका जा सकेगा। फिलहाल बैंकों के पास पासपोर्ट डिटेल्स नहीं होते हैं। इस वजह से डिफॉल्टरों के देश छोड़कर जाने से पहले इमिग्रेशन या एयरपोर्ट अथॉरिटी को जानकारी नहीं मिल पाती।

आगे पढ़ें, पीएनबी फ्रॉड के बाद सख्‍ती 

 

 

 

पीएनबी फ्रॉड के बाद सख्‍ती 

 

बता दें कि पंजाब नैशनल बैंक में 12700 करोड़ रुपए के फ्रॉड का मामला आने के बाद सरकार सख्‍त है। घोटाला मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ। इसकी शुरुआत 2011 से हुई थी। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम 297 फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। इस मामले में मुख्‍य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसे विदेश भाग चुके हैं। इसके पहले शराब कारोबारी विजय माल्या भी बैंकों का 9 हजार करोड़ लेकर फरार हैं। 

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