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नोएडा के बिल्डर्स ने 21 हजार बायर्स को दिया धोखा, यूपी RERA के सर्वे में हुआ खुलासा

3 से 7 साल की देरी कर रहे हैं बिल्डर्स फ्लैट देने में

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नई दिल्ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डरों से घर खरीदने वालों की मुश्किलें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं। उत्तर प्रदेश रेरा के एक सर्वे के मुताबिक बिल्डरों ने लोगों से पैसे तो ले लिए हैं, लेकिन उन्हें सालों से फ्लैट नहीं दिए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ बिल्डरों ने लोगों को फ्लैट देने में तय समय से 3 से 7 साल का वक्त लगाया है। इसके चलते रेरा बैंच ने गुरुवार को इन बिल्डरों से 21 हजार फ्लैट को लोगों को जल्दी देने की बात कही है। एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक, यूपी रेरा की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लगभग 21,758 लोगों को फ्लैट देने में देरी हुई है।

 

यूपी रेरा ने की बिल्डरों के साथ बैठक
यूपी रेरा की रिपोर्ट में लॉजिक्स ग्रुप, टूडे होम्स, रूद्रा बुलवेल, मस्कट होम्स, सुपरटेक, राजेश प्रोजेक्ट और ओमैक्स के प्रोजेक्ट हैं। यह बिल्डर अपने प्रोडेक्ट को खत्म करने में बहुत अधिक समय लगा रहे हैं। यूपी रेरा के मेंबर बलवंत कुमार के अनुसार, फ्लैट देने में बहुत ज्यादा देरी के चलते गुरूवार को इन बिल्डरों के साथ बैठक की गई थी। इस बैठक में बिल्डरों से प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के बारे में कहा गया। यूपी रेरा के सर्वे के अनुसार, लॉजिक्स ग्रुप ने 8,258 लोगों को फ्लैट देने में देरी की है। जिन प्रोजेक्ट्स में देरी हुई है उनमें ब्लॉसम जेस्ट, ब्लॉसम काउंटी और ब्लॉसम ग्रीन शामिल हैं। कुछ ही दिनों पहले घर का पोजेशन ना मिलने के कारण सेक्टर 143 में लॉजिक्स ब्लॉसम जेस्ट और ब्लॉसम ग्रीन प्रोजेक्ट के लोगों द्वारा अनशन कर लॉजिक्स बिल्डर की शवयात्रा भी निकाली गई थी।

 

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2012 तक मिल जाने चाहिए थे लोगों को फ्लैट्स
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इन सभी लोगों को 2012 में फ्लैट्स मिल जाने चाहिए थे।  लेकिन बिल्डरों की देरी की वजह से लोगों को अभी तक घर नहीं मिले हैं। लॉजिक्स जेस्ट में  2 हजार लोगों को उनके फ्लैट अभी तक नहीं दिए गए हैं। इसी तरह से सुपरटेक ने भी लोगों को घर देने में देरी की है। सुपरटेक ने 9,965 फ्लैट अभी तक नहीं बनाए हैं। इसमें जार, एलओर्ब जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। और तो और  टूडे होम्स ने भी रिज रेसीडेंसी में 1,749 फ्लैट और किंग्स पार्ट में 678 फ्लैट का कब्जा ग्राहकों को नहीं दिया है।

 

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बिल्डर्स पर लगा लोगों के पैसों का किसी और जगह इस्तेमाल करने का आरोप
इसी तरह रूद्रा बिल्डवेल ने भी अभी तक 2,879 फ्लैट नहीं बनाए हैं। ओमैक्स ग्रुप ने भी 2,980 फ्लैट्स अभी तक लोगों को नहीं दिए हैं।  रेरा की रिपोर्ट में बिल्डर्स पर यह भी आरोप लगा है कि उन्होंने लोगों के पैसों का इस्तेमाल किसी और जगह पर किया है।  

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