Home » Industry » CompaniesEssar Steel seeks withdrawal from IBC process, offers Rs 54,389 cr to all creditors

स्टील किंग एवं माइनिंग मैगनेट के सपने पर फिर सकता है पानी, एस्सार स्टील ने बाजी पलटी

दोनों ही एस्सार की खरीदारी से जुड़ी जंग को हर हाल में जीतना चाहते हैं।

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नई दिल्ली। एस्सार स्टील को खरीदने का सपना देखने वाले स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल एवं माइनिंग मैगनेट अनिल अग्रवाल के लिए बाजी पलटती दिख रही है। क्योंकि एस्सार स्टील ने नीलामी की प्रक्रिया से बाहर निकलने की पेशकश करते हुए कर्जदाताओं के पैसे चुकाने का ऑफर रख दिया है। गुरुवार को अपनी पेशकश में एस्सार ने कहा है कि वह अपने कर्जदाताओं के 54,389 करोड़ रुपए चुकाने के लिए तैयार है ताकि कंपनी नीलामी की प्रक्रिया से बाहर आ सके। पिछले कुछ महीनों से एस्सार की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। एस्सार को खरीदने के लिए मुख्य रूप से आर्सेलर मित्तल के मालिक लक्ष्मी निवास मित्तल एवं वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल के बीच मुकाबला चल रहा है। दोनों ही एस्सार की खरीदारी से जुड़ी जंग को हर हाल में जीतना चाहते हैं। 

 

क्या कहा है एस्सार ने

कर्ज चुकाने का प्रस्ताव एस्सार स्टील के शेयरहोल्डर्स ने गुरुवार को कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के सामने रखा। शेयरहोल्डर्स ने अपने प्रस्ताव में कंपनी के ऊपर फाइनेंशियल क्रेडिटर्स, ऑपरेशनल क्रेडिटर्स, वर्कमेन एवं इंप्लायी सभी का कर्ज चुकता करने के लिए तैयार होने की बात कही है। इस प्रस्ताव के तहत 47,507 करोड़ रुपए नकद भुगतान करने की बात है।

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क्या कहा था अग्रवाल ने

पिछले सप्ताह छपी एजेंसी की खबरों के मुताबिक अग्रवाल ने संकेत दिया था कि वह एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिये बोली बढ़ाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि उनके समूह की मुख्य कंपनी वेदांता लि. कर्ज नहीं चुका पा रही एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिये पूरी तरह उपयुक्त है क्योंकि वह लौह अयस्क के साथ प्राकृतिक गैस का भी उत्पादन करती है। उन्होंने कहा कि पहली बार की बोली में वेदांता की 35,000-36,000 करोड़ रुपये की पेशकश की थी जो सबसे अधिक थी। बैंकों और वित्तीय संस्थानों का एस्सार स्टील पर करीब 50,800 करोड़ रुपये का बकाया है। उसके समाधान के लिए दिवाला संहिता के तहत कंपनी नीलाम की जा रही है। पहली बार बोली लगाने वाले पक्षों में वेदांता लि. के अलावा आर्सेलरमित्तल और रूस की वीटीबी कैपिटल समर्थित न्यूमेटल लि. भी शामिल थे।

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