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बेकार गया 5700 करोड़ का दांव तो मोदी के करीबी से टकरा गए रामदेव

पतंजलि आयुर्वेद ने NCLT में अपील कर नीलामी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

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नई दिल्ली. लंबी कोशिशों के बाद बाबा रामदेव का 5700 करोड़ रुपए का दांव भी बेकार चला गया। इससे बौखलाकर Ramdev सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले बिजनेस टायकून Gautam Adani से टकरा गए हैं। दरअसल बाबा रामदेव की अगुआई वाली पतंजलि आयुर्वेद दिवालिया घोषित इडिबल ऑयल कंपनी Ruchi Soya को खरीदने की कोशिश कर रही थी और उसने 5700 करोड़ रुपए की भारी भरकम बोली लगा दी थी। इसके बेकार जाने पर उन्होंने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में अपील करके कंपनी की नीलामी की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किए हैं।

 

 

अडानी ग्रुप ने लगाई थी सबसे ऊंची बोली

दरअसल रुचि सोया के 12 हजार करोड़ रुपए के कर्ज को लौटाने में नाकाम रहने के बाद लेंडर्स ने इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए मुख्य रूप से पतंजलि और अडानी विल्मर और बाबा रामदेव की पतंजलि दौड़ में शामिल थी। 6 हजार करोड़ रुपए की बोली लगाकर अडानी सबसे बड़ी बिडर (एच1) के तौर पर सामने आई थी, जबकि पतंजलि ने लगभग 5,700 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी।

 

लेंडर्स ने दी अडानी की बोली को मंजूरी

गौरतलब है कि बैंकरप्सी से गुजर रही रुचि सोया की कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) ने गुरुवार को ही 96 फीसदी वोटों के साथ अडानी विल्मर की बिड को मंजूरी दी थी। इसके मुताबिक, अडानी विल्मर की बिड की रकम का 53 फीसदी हिस्सा क्रेडिटर्स को मिलेगा। अब इस को अंतिम रूप देने के लिए इसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के पास भेजा जाएगा। इसके बाद अडानी विल्मर का रुचि सोया के एसेट्स पर कंट्रोल होगा।

 

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विरोध में आगे आई पतंजलि

बाबा Ramdev की अगुआई वाली पतंजलि आयुर्वेद, Ruchi Soya की नीलामी के लिए अडानी विल्मर की बोली को मंजूरी दिए जाने के फैसले के विरोध में आगे आई है। पतंजलि (Patanjali) ने Ruchi Soya के लेंडर्स के इस फैसले के विरोध में NCLT में अपील की है। सूत्रों ने कहा कि इस मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच में 27 अगस्त को सुनवाई होने का अनुमान है। संपर्क करने पर पतंजलि के स्पोक्सपर्सन एस के तिजारावाला ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह मसला अभी विचाराधीन है। वहीं अडानी ग्रुप के स्पोक्सपर्सन ने भी अपनी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।

इससे पहले भी पतंजलि आयुर्वेद ने बिडिंग प्रोसेस में भाग लेने के लिए अडानी ग्रुप की पात्रता के संबंध में रुचि सोया के रिजॉल्युशन प्रोफेशनल (आरपी) से स्पष्टीकरण मांगा था।



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रुचि सोया पर है 12 हजार करोड़ रुपए का कर्ज

पतंजलि आयुर्वेद का इडिबल ऑयल रिफाइनिंग और पैकेजिंग के लिए रुचि सोया के साथ पहले से ही टाई-अप है। इन्सॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स का सामना कर रही इंदौर की रुचि सोया पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। इसे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का सबसे ज्यादा 1822 करोड़ रुपए फंसा है। कंपनी के कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और न्यूट्रिला, महाकोष, सनरिच, रुचि स्टार और रुचि गोल्ड सहित कई लीडिंग ब्रांड हैं।

 
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