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10 हजार रु से खड़ा किया अरबों का बिजनेस एम्पायर, अब 1 दिन में डूबे 12 हजार करोड़

एक ईमेल से देश की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा को लगा झटका

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नई दिल्ली. इस शख्स ने अपने पिता से महज 10 हजार रुपए उधार लेकर बिजनेस शुरू किया था, जो लगभग 32 साल में अरबों के बिजनेस एम्पायर में तब्दील हो गया। शुक्रवार को महज एक ईमेल से ही कंपनी के लगभग 12 हजार करोड़ रुपए डूब गए। हम यहां देश की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा (Sun Pharma) और उसके मालिक दिलीप सांघवी (Dilip Sanghavi) की बात कर रहे हैं। जानिए क्या है पूरी कहानी…

 

पिता से 10 हजार रु उधार लेकर शुरू की थी कंपनी

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एक ईमेल से डूब गए 12 हजार करोड़ रुपए

दरअसल हाल में ही सांघवी की कंपनी सन फार्मा पर बड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे। मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) को एक व्हिशलब्लोअर ने एक नई शिकायत भेजी। इसके बाद कंपनी का शेयर लगभग 12 फीसदी की गिरावट के साथ खुला। इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 12 हजार करोड़ रुपए घटकर 90 हजार करोड़ रुपए रह गई। सन फार्मा पर लगे कौन से आरोप...

 

 

सन फार्मा पर लगे ये आरोप 

एक फाइनेंशियल वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्हिसलब्लोअर ने सन फार्मा के खिलाफ नई शिकायत सेबी को भेजी। इसके मुताबिक, वर्ष 2014 और 2017 के बीच आदित्य मेडिसेल्स और सन फार्मा के प्रमोटर्स की प्राइवेट कंपनियों के बीच बड़े स्तर पर बड़े स्तर पर ट्रांजैक्शंस हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘एक व्हिसलब्लोअर द्वारा सन फार्मा के खिलाफ मार्केट रेग्युलेटर सेबी को भेजी गई नई शिकायत में आरोप लगाया कि 2014 और 2017 के बीच महज तीन साल में आदित्य मेडिसेल्स (एएमएल) और सन फार्मा के को-प्रमोटर सुधीर वालिया के कंट्रोल वाली सुरक्षा रियल्टी के साथ 5800 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ।’

 

 
दो दिन में 18 हजार करोड़ घटी मार्केट वैल्यू

इस खबर के बाद बीएसई (BSE) में सन फार्मा का स्टॉक 12 फीसदी टूट गया। बीते दो ट्रेडिंग सेशंस की बात करें तो दवा कंपनी का शेयर लगभग 17 फीसदी टूट चुका है। शेयर के 375 रुपए के लो के हिसाब से कंपनी की मार्केट वैल्यू में लगभग 12 हजार करोड़ रुपए कमी देखने को मिली। बीते दो दिन में कंपनी की वैल्युएशन लगभग 18,702 करोड़ रुपए घट चुकी है। इन खबरों के चलते ग्रुप की एक अन्य कंपनी एसपीआरसी (सन फार्मा एडवांस्ड रिसर्च कंपनी) का शेयर बीएसई पर 158 रुपए के साथ 52 हफ्ते के लो पर पहुंच गया। 

 
पहले भी हो चुकी है एक शिकायत

पीटीआई की 13 दिसंबर, 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हिशलब्लोअर ने 150 पेज के लेटर के माध्यम से भेजी एक अन्य शिकायत में कंपनी पर तमाम आरोप लगाए थे। इसके मुताबिक, वर्ष 2002-07 के दौरान सन फार्मा ने फॉरेन करंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCB) के कई बड़े राउंड्स में भारी अनियमितताएं की थीं, जिनका प्रबंधन जेरमिन कैपिटल एलएलसी ने किया था।

केतन पारेख स्कैम पर वर्ष 2001 में सेबी द्वारा दिए गए आदेश के मुताबिक, ‘इस स्कैम में जेरमिन कैपिटल एलएलसी, जेरमिन कैपिटल पार्टनर्स और धर्मेश दोशी/केतन पारेख के बीच संबंध सामने आए हैं।’

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