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माल्या-मोदी से भी ज्यादा ये कारोबारी बैंकों को लगा चुके हैं चूना, पर नाम नहीं लेता कोई

विंसम ग्रुप के जतिन मेहता समेत कई कारोबारी ऐसे हैं, जिन्होंने बैंकों को विजय माल्या और नीरव मोदी से ज्यादा चूना लगाया है

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नई दिल्ली। देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के दावे के बाद विजय माल्या एक बार फिर से भारतीय मीडिया की सुर्खियों में है। बैंकों का पैसा डकारने वाले अरबपतियों के पोस्टरब्वॉय के तौर पर पेश किए जाने के चलते आज हर कोई माल्या को बैंक एनपीए का सबसे बड़ा गुनहगार ठहरा रहा है। इस फेहरिस्त में दूसरा नाम हीरा कारोबारी रहे नीरव मोदी का लिया जाता है। कभी देश में टॉप सेलिब्रिटीज के लिए डायमंड जूलरी डिजाइन करने वाले नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ करीब 13,500 करोड़ रुपए के फ्रॉड का आरोप है। माल्या ने बैंकों का करीब 9000 हजार करोड़ रुपया नहीं चुकाया है, जबकि नीरव मोदी करीब 1800 करोड़ रुपए का विलफुल डिफॉल्ट कर चुके हैं। 

 

माल्या-मोदी से ज्यादा ये कारोबारी लगा चुके हैं चूना 

लेकिन कुछ कारोबारी ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने देश के बैंकों को विजय माल्या और नीरव मोदी से भी ज्यादा चूना लगाया। हालांकि, माल्या या मोदी जैसा सेलिब्रिटी स्टेटस नहीं रखने के चलते मीडिया या नेताओं की बयानबाजी में उनका नाम कम ही आता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही कारोबारियों के बारे में बताते हैं, साथ ही यह भी जानेंगे कि बैंकों को चूना लगाने वाली लिस्ट में ये कहां ठहरते हैं।  

 

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विंसम ग्रुप देश का सबसे बड़ा डिफॉल्टर 
सिबिल की रिपोर्ट के मुताबिक, हीरों के कारोबार से जुड़ा रहा विंसम ग्रुप देश का सबसे बड़ा विलफुल डिफॉल्टर है। इस कंपनी का पूरा नाम विंसम फॉरेवर प्रिशियस ग्रुप है। सिबिल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ग्रुप ने देश के बैंकों का करीब 3969 करोड़ रुपए का कर्ज नहीं चुकाया है। बैंकों ने इस ग्रुप के खिलाफ कई मुकदमे दायर किए हैं। विंसम ग्रुप के प्रमोटर जतिन मेहता माल्या की ही तरह 4 साल पहले विदेश भाग चुके हैं। सीबीआई और ईडी इसकी जांच कर रहे हैं। जतिन मेहता के पूरे फ्रॉड के बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें। 
 

क्या होता है विलफुल डिफॉल्टर 

कोई भी व्यक्ति या कंपनी जिसके पास लोन चुकाने लायक रकम हो, लेकिन वह बैंक की किस्त अदा नहीं करे और बैंक उसके खिलाफ अदालत में चला जाए। ऐसा व्यक्ति या कंपनी विलफुल डिफॉल्टर कहलाता है।

 

आगे पढ़ें- एक और डिफॉल्टर के बारे में...... 

 

जूम डेवलपर्स पर 1911 करोड़ की देनदारी

विलफुल डिफॉल्‍टर्स की लिस्‍ट में दूसरा नाम जूम डेवलपर्स का है। इस ग्रुप पर बैंकों का करीब 1911 करोड़ रुपए बकाया है। बैंकों ने इस ग्रुप के प्रमोटर्स और कंपनी के खिलाफ करीब 10 मुकदमे दायर किए हैं। इस समूह ने देश के 26 सरकारी बैंकों से करीब 3002 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। इसमें से 1911 करोड़ रुपए का विलफुल डिफॉल्‍ट है। इस समूह के प्रमोटर्स और अन्य लोग भारत और विदेश में हैं।
 
 
आगे जानें- कौन है देश का तीसरा सबसे बड़ा विलफुल डिफॉल्टर

 

 

एस कुमार्स ने नहीं चुकाए 1789 करोड़ रुपए
इस लिस्‍ट में तीसरा नाम एस कुमार्स ग्रुप का आता है। नितिन कल्सीवाल की इस कपंनी पर बैंकों का 1789 करोड़ रुपए का बकाया था। इस ग्रुप के रीड एंड टेलर्स ब्रांड पर ही बैंकों का करीब 496 करोड़ रुपए का बकाया है। इसके अलावा इसके अलावा ग्रुप की अन्य कंपनियों पर देनदारी है। अकेले आईडीबीआई बैंक का ही इस ग्रुप ने 960 करोड़ रुपए का कर्ज नहीं चुकाया है।  
 
 
आगे जानें-  एक और विलफुल डिफॉल्‍टर के बारे में पढें ....

 

पर्ल पिक्सन ग्रुप पर 1226 करोड़ की देनदारी  
पर्ल पिक्सन एंड सेन्चुरी कम्युनिकेशन कंपनी भी देश के बड़े विलफुल डिफॉल्टर में शामिल है। इस ग्रुप के प्रमोटर प्रबोध कुमार तिवारी और अभिषेक तिवारी पर करीब 1226 करोड़ की देनदारी है। बैंकों ने इस समूह की कंपनियों के खिलाफ 14 मुकदमे दायर किए हैं। इस ग्रुप की अन्‍य कंपनियों में पर्ल स्टूडियो, पिक्सन विजन, पिक्सन मीडिया और पर्ल विजन सेन्चुरी शामिल है।
   
आगे जानें- एक और विलफुल डिफॉल्‍टर के बारे में पढें .... 

 

डेक्कन क्रॉनिकल पर 991 करोड़ रुपए बकाया
देश का प्रमुख पब्लिकेशन समूह डेक्कन क्रॉनिकल भी विलफुल  डिफॉल्टर्स की लिस्‍ट में शामिल हैं। इस समूह पर बैंकों का करीब 991 करोड़ रुपए बकाया है। यही नहीं, बैंक लोन फ्राड के मामले में डेक्‍कन क्रॉनिकल के चेयरमैन टी वेंकटराम रेड्डी को पिछले साल फरवरी मे गिरफ्तार किया गया था। केनरा बैंक समेत देश के कई बैंकों ने इस समूह के खिलाफ मुकदमा किया हुआ है। डेक्कन क्रॉनिकल डिफॉल्‍ट मसले में आरबीआई ने दो साल पहले देश के 12 बैंकों पर 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

 

आगे जानें-  माल्या ने आखिर कितने रुपए का चूना लगाया है..... 

 

 

विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस
विजय माल्या देश के सबसे चर्चित और हाई प्रोफाइल विलफुल डिफॉल्टर हैं। उनके ग्रुप पर देश के करीब 17 बैंकों का 9000 करोड़ रुपए बकाया है। हालांकि, वह सिर्फ एसबीआई के 1201 करोड़ और पीएनबी के 597 करोड़ रुपए के डिफॉल्टर हैं। इन दोनों को जोड़ दिया जाए तो डिफॉल्ट की यह राशि 1789 करोड़ ही ठहरती है। दअरसल बहुत से बैंकों ने माल्या के खिलाफ अब भी अदालत का रुख नहीं किया है। इसके चलते उनके लोन के मामले में माल्या अब भी विलफुल डिफॉल्टर नहीं घोषित हो पाए हैं।

 

आगे जानें-इन डिफॉल्टर्स की लिस्ट में कहां ठहरते हैं नीरव मोदी

 

बैंकों को चूना लगाने में नीरव मोदी पहला नाम नहीं 

बैंकों को चूना लगाने वालों में नीरव मोदी पहले हीरा कारोबारी नहीं है। इससे पहले विन्‍सम ग्रुप के मालिक जतिन मेहता का भी है। मेहता को देश का दूसरा नीरव मोदी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। मीडिया में माना जाता है कि देश के सबसे बड़ा डिफाल्‍टर विजय माल्‍या है, लेकिन मेहता ने माल्‍या से बड़ा फ्रॉड किया है। दरअसल 9000 करोड़ नहीं चुकाने के बाद भी माल्‍या ने बैंकों का सिर्फ 1789 करोड़ रुपए का ही डिफॉल्‍ट किया है। वहीं मेहता के ग्रुप ने 3969 करोड़ रुपए का डिफॉल्‍ट किया है। वहीं नीरव मोदी के चलते पंजाब नेशनल बैंक को करीब 1300 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। 

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