Advertisement
Home » Industry » CompaniesHarvard professor earns millions after investing in a biotechnology firm years ago

IPO का कमाल- रातोंरात हजारों करोड़ का मालिक बन गया हार्वर्ड का यह प्रोफेसर

अमेरिका के सबसे अमीर प्रोफेसरों में हैं शामिल

1 of

नई दिल्ली। कहावत है कि समय से पहले और किस्मत से ज्यादा कभी किसी को कुछ नहीं मिलता है। ऐसा ही कुछ हुआ है अमेरिका में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में मेडिसिन के प्रोफेसर टिमोथी स्प्रिंगर के साथ। दरअसल, स्प्रिंगर ने एक बायोटेक्नोलॉजी कंपनी में निवेश किया था। स्प्रिंगर की ओर से सालों पहले किए गए निवेश ने आज उन्हें हजारों करोड़ का मालिक बना दिया है। आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे उनकी किस्मत बदली...

 

आईपीओ ने बनाया अरबपति

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बायोटेक्नोलॉजी कंपनी मॉडर्ना इंक ने बीते सप्ताह ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी (IPO) लॉन्च किया था। इस बायोटेक्नोलॉजी कंपनी में मेडिसिन के प्रोफेसर स्प्रिंगर ने 5 मिलियन डॉलर यानी करीब 35 करोड़ रुपए का निवेश किया था। आईपीओ की लॉन्चिंग से पहले स्प्रिंगर के पास कंपनी के करीब 1.73 करोड़ शेयर थे। इस आईपीओ को निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया और पहले ही दिन एक शेयर 23 डॉलर में बेचा गया। इसका नतीजा यह रहा कि स्प्रिंगर रातोंरात 400 मिलियन डॉलर यानी करीब 2800 करोड़ रुपए के मालिक बन गए। अमेरिकी शेयर बाजार में मॉडर्ना के स्टॉक में 20 फीसदी की तेजी देखी गई। इससे कंपनी की वैल्यू में 320 मिलियन डॉलर यानी करीब 2200 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

 

आगे पढ़ें- खुल गई स्प्रिंगर की किस्मत

 

 

स्प्रिंगर को है विशेष प्रकार के पत्थर संग्रह का शौक

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आईपीओ के आने के बाद प्रोफेसर टिमोथी स्प्रिंगर मॉडर्ना इंक के चौथे सबसे बड़े शेयरहोल्डर बन गए हैं। प्रोफेसर टिमोथी को विशेष प्रकार के पत्थरों का संग्रह करने का शौक है। वह चीन से गोंगशी नामक विशेष प्रकार के पत्थरों का संग्रह करते हैं। प्रोफेसर टिमोथी कैंसर की वैक्सीन बनाने के लिए कई प्रकार के शोध कर रहे हैं।

 

आगे पढ़ें- सबसे अमीर प्रोफेसरों में से एक हैं स्प्रिंगर

 

 

अमेरिका के सबसे अमीर प्रोफेसरों में से एक हैं स्प्रिंगर

मॉडर्ना इंक का आईपीओ आने के बाद हजारों करोड़ रुपए के मालिक बने प्रोफेसर टिमोथी स्प्रिंगर अमरीका के सबसे अमीर प्रोफेसरों में से एक हैं। मॉडर्ना से पहले भी वह कई बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश कर भारी रकम कमा चुके हैं। 1999 में उन्होंने सबसे पहले मिलेनियम फार्मास्यूटिकल्स की सहायक दवा कंपनी ल्यूकोसाइट में निवेश के जरिए 100 मिलियन डॉलर यानी करीब 700 करोड़ रुपए की कमाई की थी। तभी से वह बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश के जरिए शानदार कमाई कर रहे हैं।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement
Don't Miss