HR की जगह यह रोबोट लेगा उम्मीदवारों का इंटरव्यू, बिना भेदभाव के चुनेगा सही कैंडीडेट

This AI Powered Robot Tengai Will Conduct Interviews For Jobs: स्वीडन की सबसे बड़ी रिक्रूटमेंट कंपनी TNG ने Tengai नाम के रोबोट को रिक्रूट किया है। यह रोबोट लोगों का इंटरव्यू करता है और नौकरी के लिए जरूरी पैमानों पर उनका आकलन करता है। इस रोबोट को स्वीडन की ही रोबोटिक्स कंपनी Furhat ने डिजायन किया है। फुरहात ने यह रोबोट स्टॉकहोम के केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर तैयार किया है।

Money Bhaskar

Mar 15,2019 12:04:00 AM IST

नई दिल्ली.

जिन लोगों ने जॉब के लिए इंटरव्यू दिया है वे यह बात जानते हैं कि कई बार इंटरव्यू में ऐसे सवाल भी पूछ लिए जाते हैं, जिनकी जॉब में कोई जरूरत नहीं होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इंसानों के मन में सही और गलत को लेकर एक तय पैमाना होता है। वे लोगों को उनकी शिक्षा, काबिलियत और अनुभव के अलावा उनकी पसंद-नापसंद, जेंडर, पहनावा, पर्सनैलिटी जैसे पैमानों पर भी जज करते हैं। जबकि यह पूरी तरह से गलत है। इन पैमानों के चलते कई बार सही कैंडीडेट नौकरी पाने से रह जाता है।

Tengai दूर करेगा समस्या

इस समस्या को दूर करने के लिए स्वीडन की सबसे बड़ी रिक्रूटमेंट कंपनी TNG ने Tengai नाम के रोबोट को रिक्रूट किया है। यह रोबोट लोगों का इंटरव्यू करता है और नौकरी के लिए जरूरी पैमानों पर उनका आकलन करता है। इस रोबोट को स्वीडन की ही रोबोटिक्स कंपनी Furhat ने डिजायन किया है। फुरहात ने यह रोबोट स्टॉकहोम के केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर तैयार किया है।

AI आधारित इंटरव्यू लेने वाला पहला रोबोट

यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित दुनिया का पहला इंटरव्यू लेने वाला रोबोट है और इसे महिला की पहचान दी गई है। इस रोबोट की लंबाई 16 इंच और वजन 3.5 किलो है। यह उम्मीदवारों से सिर्फ वही सवाल पूछती है जिनका उस खास जॉब से सीधा ताल्लुक होता है। उम्मीदवारों के जवाब लिखित फॉर्मेट में मैनेजमेंट के पास पहुंचते हैं। इस आधार पर फैसला लिया जाता है कि उसे चयन प्रक्रिया के अगले राउंड में बुलाना है या नहीं।

जल्द ही कई भाषाओं में लेगा इंटरव्यू

फिलहाल यह रोबोट सिर्फ स्वीडिश भाषा में ही इंटरव्यू ले सकता है। जल्द ही इसे अन्य भाषाओं के साथ कस्टमाइज किया जाएगा। इसी साल मई में अन्य कंपनियों के लिए इसकी लॉन्चिंग कर दी जाएगी। अगल साल यह अंग्रेजी भाषा में भी पेश होगा। इसके बाद अलग-अलग देशों से डिमांड आने की स्थिति में अन्य भाषाओं पर भी काम किया जाएगा।

उम्मीदवारों का चयन खुद करेगा रोबोट

यह सवाल भी उठे कि यह एक एआई आधारित रोबोट है और मानव व्यवहारों से सीखकर खुद को अपग्रेड करती है। तो क्या भविष्य में यह भी इंसानों की तरह भेदभाव करना नहीं सीख लेगी। इसके जवाब में डेवलपर्स का कहना है कि इसे बनाने में सैकड़ों इंसानों का योगदान है। आगे भी यह कई लोगों से संवाद करेगी। इसलिए यह किसी एक इंसान का व्यक्तित्व नहीं अपनाएगी। डेवलपर्स का लक्ष्य है कि इस रोबोट को इतना उन्नत बनाया जाए कि यह खुद ही फैसला ले सके कि किसी उम्मीदवार को अगले राउंड के लिए चुनना है या नहीं।

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