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#MeToo मामले में सुष्मिता सेन को मिली राहत, नहीं देना होगा सेटलमेंट राशि पर टैक्स

सुष्मिता को मिले इस अमाउंट पर टैक्स देने को लेकर विवाद हुआ था

Sushmita MeToo payout not taxable rules tribunal

नई दिल्ली। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT)की बेंच ने फिल्म अभिनेत्री सुष्मिता सेन को राहत देते हुए कहा कि उन्हें यौन उत्पीडन की शिकायत के बदले में मिले सेटलमेंट अमाउंट पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। बता दें कि सुष्मिता सेन ने कोला कोला कंपनी के एक कर्मचारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले के सेटलमेंट में उन्हें साल 2003-2004 के दौरान 95 लाख रुपए मिले थे। सुष्मिता सेन को मिले इस अमाउंट पर टैक्स देने को लेकर विवाद हुआ था और इस मामले को ITAT के पास भेजा गया। जिस पर ITAT ने उनके पक्ष में अपना फैसला सुनाया है। बीते 14 नवंबर को ITAT ने अपने आदेश में कहा था कि टैक्स कमाई पर लगता है  ना कि सेटलमेंट अमाउंट पर, सुष्मिता सेन को मिली रकम उनकी कमाई नहीं बल्कि CAPITAL RECEIPT है। 

 

क्या था मामला
बता दें  कि सुष्मिता सेन ने कोका कोला इंडिया के प्रोड्क्स का प्रचार करने के लिए 1.45 करोड़ रुपए के कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया था। लेकिन कंपनी ने इस कॉन्ट्रैक्ट को समय से पहले ही खत्म कर दिया। इसे लेकर सुष्मिता  सेन का कंपनी के साथ काफी विवाद किया। सुष्मिता ने कंपनी पर आरोप लगाया कि इस कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर कंपनी उन्हें सजा दे रही है। क्योंकि उन्होंने कंपनी के एक कर्मचारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।सुष्मित सेन ने अपने अमेरिकी पार्टनर्स को यौन उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस मामले के बाद सुष्मिता सेन और कंपनी के बीच एक समझौता हुआ। 

 

सुष्मिता ने आयकर विभाग को दिए 50 लाक रुपए
कंपनी द्वारा तय समय से पहले कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने पर कोका-कोला इंडिया ने सुष्मिता सेन को 50 लाख रुपए की राशि दी थी। इस पूरे मामले में डील के मुताबिक उन्हें कोला-कोला इंडिया की तरफ से 1.45 करोड़ रुपए दिए गए। कंपनी की तरफ से मिली इस राशि  में से  सुष्मिता ने आयकर विभाग को 50 लाख रुपए  की पेशकश की थी। 

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