Home » Industry » CompaniesPM Narendra Modi to inaugurate Statue of Unity in Gujrat: Tallest statue of Sardar Patel

पीएम मोदी ने किया Statue Of Unity का उद्घाटन, जानें 10 अहम फैक्ट्स

गुजरात के सूरत में आज पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्टैच्यू का उद्घाटन किया।

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सूरत। गुजरात के सूरत में आज प्रधानीमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार वल्लव भाई पटेल के स्टैच्यू का उद्घाटन किया। आज सरदार पटेल की जयंती के दिन पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया। यह दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है। आज पटेल का जयंती भी है और यह पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी था। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue Of Unity) के बारे में हम आपको कुछ खास फैक्ट्स बताने जा रहे हैं...

 

1. इसे मात्र 42 महीनों में 7000 टन सीमेंट 22500 टन स्टील के इस्तेमाल से बनाया गया। सरदार पटेल के इस स्टैच्यू में 1700 टन तांबे का प्रयोग किया गया है। 

2. इसमें 6.5 तीव्रता को भूकंप को सहने की क्षमता है। इसके साथ ही यह 220 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को भी सहन कर सकता है।

3. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो 19700 वर्ग किलोमीटर में फैली एक परियोजना का हिस्सा है। 

4. इसमें करीब 17 किलोमीटर लंबी फूलों की घाटी भी शामिल है। स्टैच्यू को देखने के लिए लिफ्ट भी लगाई गई है। 

5. 153 मीटर लंबी गैलरी के जरिए लगभग 200 लोग एक साथ इस स्टैच्यू को देख सकते हैं।

6. इस स्टैच्यू को 4 धातुओं से बनाया गया है जो इसे जंग से बचाने में मदद करेगा। 

7. इस स्टैच्यू को हू-ब-हू सरदार पटेल का लुक देने के लिए अमेरिका से लेकर चीन तक के शिल्पकारों ने खूब मशक्कत की है।

8. अमेरिकी आर्किटेक्ट माइकल ग्रेस और टनल एसोसिएट ने भारत भर में इस प्रोजेक्ट पर शोध करने के बाद स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का फाइनल मॉडल तैयार किया। 

9. यहां एक ऑडियो विजुअल गैलेरी बनाई गई है जिसमें  सरदार पटेल की जिंदगी और गुजरात के ट्राइबल कल्चर पर 15 मिनट का प्रजेंटेशन दिया जाएगा।

11. लोगों को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से वह प्वाइंट भी नजर आएगा जहां मध्य प्रदेशगुजरात और महाराष्ट्र मिलते हैं।

 

आगे पढ़ें: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए ऑनलाइट बुक कराएं टिकट

ऑनलाइन भी करा सकते हैं टिकट बुक
आप इसकी टिकट ऑनलाइन भी बुक करा सकते हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्टैच्यू को देखने के लिए  3 से 15 साल तक के बच्चों को 60 रुपए एंट्री फीस देने होगी, वहीं व्यस्कों को इसे देखने के लिए 120 रुपए एंट्री फीस देनी होगी। जबकि स्टैच्यू  (statue of unity) के पास बने म्यूजियम, वैली ऑफ फ्लावर को देखने के लिए 3 से 15 साल तक के बच्चों की फीस 350 रुपए होगी जबकि व्यस्कों के लिए  भी यह टिकट 350 रुपए का ही है। स्टैच्यू तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को बस लेनी पड़ेगी जिसका किराया मात्र 30 रुपए होगा।

यदि पर्यटकों ने आब्ज़र्वेशन टिकट बुक कराई है तो अलग से बस टिकट बुक कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए टिकट ऑनलाइन बुक कराई जा सकती है. इसके लिए आपको https://www.statueofunity.in/ पर आॅनलाइन टिकट सेगमेंट में जाना होगा। यह सिर्फ 42 महीने में बनकर तैयार हो गई, जबकि चीन के स्प्रिंग टेंपल बुद्ध (Spring Temple Buddha) को तैयार होने में पूरे 11 साल लगे थे। इसकी ऊंचाई भी सिर्फ 153 मीटर है, जबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर है। न्यूयॉर्क के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई भी इसकी महज आधी है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 2,989 करोड़ रुपए की लागत में बनकर तैयार हुआ है। 

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एक बड़ी पहेली जैसे जुड़े स्टैच्यू के टुकड़े
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी  (statue of unity) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुकेश एस रावल ने बताया कि इस मूर्ति को बनाने वाले मूर्तिकार राम वी सुतार ने उन्हें सरदार पटेल की 30 फीट ऊंची कांस की मूर्ति बनाकर दी जिसके बाद उस मू्र्ति को स्कैन करके इलेक्ट्रॉनिक डाटा में बदला गया और 182 मीटर ऊंचे स्टैच्यू के लिए डाटा ग्रिड तैयार किया गया। फिर इस डाटा के आधार पर कांसे के खांचे तैयार किए गए। इस मूर्ति को यह रूप देने के लिए हजारों टुकड़ों को एक साथ जोड़ा गया ठीक किसी जिगसॉ पजल की तरह।

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