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फॉरेन करंसी स्‍मगलिंग मामले में जेट एयरवेज की बढ़ी मुसीबत, शक के घेरे में कुछ और इम्‍प्‍लॉइज

जेट एयरवेज के कर्मचारियों का फॉरेन करेंसी की स्‍मगलिंग में हाथ होने के मामले में (DRI) ने अपनी जांच बढ़ा दी है।

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नई दिल्‍ली. जेट एयरवेज के कर्मचारियों का फॉरेन करंसी की स्‍मगलिंग में हाथ होने के मामले में डायरेक्‍टोरेट ऑफ रेवेन्‍यू इंटेलीजेंस (DRI) ने अपनी जांच बढ़ा दी है। DRI अब जेट एयरवेज के कुछ और क्रू मेंबर्स के इस मामले में शामिल होने की छानबीन कर रहा है।

 

पिछले दिनों जेट एयरवेज की एक फ्लाइट अटेंडेंट देवेशी कुलश्रेष्‍ठ को 3 करोड़ रुपए से ज्‍यादा की फॉरेन करेंसी को लेकर हांगकांग में स्‍मगल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद DRI ने जांच शुरू की थी।  बाद में अमित मल्‍होत्रा नाम के एक और टूर ऑपरेटर को हवाला रैकेट से जुड़े होने के चलते गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि DRI को शक है कि एयरलाइन के कुछ और कर्मचारी इस हवाला सिंडीकेट से जुड़े हो सकते हैं।

 

कैसे होती थी पैसों की स्‍मगलिंग?

अधिकारियों ने बताया कि मल्‍होत्रा दिल्‍ली के सराफा कारोबारियों से पैसे इकट्ठे करता था और उन्‍हें एयर होस्‍टेस के जरिए बाहर के चुनिंदा देशों में भेजता था। इन पैसों का इस्‍तेमाल विदेश में गोल्‍ड की खरीदारी में किया जाता था। उसके बाद उस गोल्‍ड को अवैध रूप से भारत भेजा जाता था। मल्‍होत्रा पिछले 6 महीनों से देवेशी को फॉरेन करंसी की स्‍मगलिंग के लिए इस्‍तेमाल कर रहा था।

 

क्‍या कहना है जेट एयरवेज का?

इस मामले में जब BSI ने जेट एयरवेज से जवाब मांगा तो जेट एयरवेज ने कहा था कि उसका कोड ऑफ कंडक्‍ट काफी कड़ा है और वह अपने इम्‍प्‍लॉइज द्वारा डॉमेस्टिक या इंटरनेशनल कानूनों का उल्‍लंघन बर्दाश्‍त नहीं करेगी। एयरलाइन ने यह भी कहा था कि लॉ इन्‍फोर्समेंट एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच और उसके नतीजों के आधार पर जेट एयरवेज आगे कदम उठाएगी।

 

पिछले 1 साल से इस तरीके से हो रही स्‍मगलिंग

DRI के अधिकारियों का दावा है कि मल्‍होत्रा पिछले 1 साल से ज्‍यादा समय से एयरलाइन क्रू का इस्‍तेमाल कर फॉरेन करंसी की स्‍मगलिंग कर रहा है। देवेशी और मल्‍होत्रा को 11 जनवरी को स्‍पेशल CBI कोर्ट ने दो हफ्तों की ज्‍यूडिशियल कस्‍टडी में भेज दिया था।

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