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फिर सामने आया रेमंड का संपत्ति विवाद, अब बेटे के खिलाफ कोर्ट जाएंगे विजयपत सिंघानिया

विजयपत ने उपहार में दिए थे बेटे को कंपनी के 50% से ज्यादा शेयर

Singhanias battle for Raymond

नई दिल्ली। कपड़ों के क्षेत्र में सबसे पुरानी कंपनी रेमंड के मालिक विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे के बीच काफी लंबे समय से चला रहा झगड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में विजयपत सिंघानिया ने कहा कि उन्होंने 3 साल पहले रेमंड ग्रुप अपने बेटे गौतम सिंघानिया के नाम कर दिया था। यह फैसला लेते समय उन्हें लगा था कि उनका यह बिजनेस परिवार के अधीन ही रह जाएगा लेकिन अब उन्हें अपने फैसले पर पछताना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्होंने जिस बेटे को अपना पूरा कारोबार दिया उसी बेटे ने उन्हें अपने फ्लैट से निकाल दिया। अब विजयपत सिंघानिया ने अपनी प्रॉपर्टी वापस लेने के लिए कोर्ट में लडाई लड़ने का फैसला किया है।

 

साल 2015 में विजयपत ने उपहार में दिए थे बेटे को कंपनी के 50% से ज्यादा शेयर

साल 2015 में विजयपत ने  रेमंड ग्रुप का कंट्रोलिंग स्टेक (50% से ज्यादा शेयर) अपने 37 वर्षीय पुत्र गौतम सिंघानिया को दे दिया था। साल 2007 में हुए समझौते के मुताबिक विजयपत को मुंबई के मालाबार हिल स्थित 36 महल के जेके हाउस में एक अपार्टमेंट मिलना था। इसकी कीमत बाजार मूल्य के मुकाबले बहुत कम रखी गई थी। बाद में कंपनी गौतम सिंघानिया के हाथों में आ गई तो उन्होंने बोर्ड को कंपनी की इतनी मूल्यवान संपत्ति नहीं बेचने की सलाह दी। इसी के चलते दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया। 

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बेटे के खिलाफ कोर्ट में केस लड़ेंगे विजयपत

विजयपत ने कहा कि वह कोर्ट में अपने बेटे के खिलाफ केस लड़ेंगे और 2007 के कानून के तहत वह अपने बच्चों को उपहार में दी गई संपत्ति को वापस ले लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने गौतम सिंघानिया को रेमंड ग्रुप का मालिकाना हक प्रदान करने के फैसले को आला दर्जे की मूर्खता बता। वहीं  गौतम सिंघानिया ने इस मामले में कहा कि वह केवल अपने दायित्वों का पालन कर रहे हैं। 

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