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Home » Industry » CompaniesA idea who changed the life of Eicher motors

अनिल अंबानी जैसा हुआ था इस बिजनेसमैन का हाल, एक फैसले ने बदल दी थी किस्मत और हो गए मालामाल

50 हजार रुपए के निवेश को बदला था करोड़ों के मुनाफे में 

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नई दिल्ली. अनिल अंबानी के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। एक तरफ जहां राफेल विवाद को लेकर उन्हें मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ Rcom के कर्ज को लेकर जेल जाने की नौबत आ गई है। अनिल अंबानी को मुश्किल के वक्त बड़े भाई मुकेश अंबानी का भी साथ नहीं मिला। अनिल जैसा ही हाल देश के जाने-माने आयशर ग्रुप के पूर्व सीईओ विक्रम लाल का हो गया था। 

 

बेटे सिद्धार्थ लाल ने बदल दी थी किस्मत 

विक्रम लाल ने Royal Enfield कंपनी को बंद करने का निर्णय लिया था। लेकिन बेटे सिद्धार्थ लाल ने कंपनी की कमान संभाली और घाटे को मुनाफे में बदल दिया। दरअसल अनिल अंबानी की तरह विक्रम लाल ने कई तरह के बिजनेस करते थे। इसमें आयशर ट्रैक्टर, बस, ट्रक समेत कई तरह के बड़े से लेकर छोटे प्रोडक्ट बनात थे। लेकिन कर्ज के चलते जब कंपनी बंद करन की नौबत आई थी। 

सिद्धार्थ लाल ने पिता से 24 माह का मांगा था वक्त 

साल 2000 तक कंपनी को लगातार नुकसान होने के बाद विक्रम लाल के बेटे सिद्धार्थ लाल ने डिविजन को नेट प्रॉफिट में लाने के लिए 24 महीने का समय मांगा। सिद्धार्थ डिविजन के हेड बने और कई प्लांट व प्रोजेक्ट बंद किए। 2004 में सिद्धार्थ लाल ने आयशर ग्रुप के सीईओ का पद संभाला, तब ग्रुप 15 सेक्टर में एक्टिव था, लेकिन किसी मार्केट का लीडर नहीं था। सिद्धार्थ ने 13 बिजनेस बेच दिए। जिन दो बिजनेस पर सिद्धार्थ ने फोकस किया वे हैं - ट्रक के अलावा बाइक।

 

 

50 हजार को बदला करोड़ों के मुनाफे में 

सिद्धार्थ लाल के एमडी व सीईओ बनने के पहले जिन निवेशकों ने 2001 में रॉयल इनफील्ड में 50 हजार रुपए निवेश किए थे, वो बढ़कर अब लगभग 4.75 करोड़ रुपए हो गया है। साल 2015 में Royal Enfield' बुलेट' ने 50% की ग्रोथ के साथ बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। वही साल 2018 के तीसरे क्वार्टर अक्टूबर से दिसंबर के दौरान रॉयल इनफील्ड का रेवेन्यू तीश फीसदी बढ़कर 2269 करोड़ रुपए हो गया है।  

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