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Home » Industry » CompaniesSC finds Anil Ambani guilty of contempt in Ericsson case

Supreme Court हुआ अनिल अंबानी पर सख्त, Ericsson का पैसा नहीं चुकाने पर तीन महीने के लिए जाना होगा जेल

अंबानी पर है एरिक्सन का 453 करोड़ रु. बकाया, चार हफ्ते में चुकाने का मिला निर्देश

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नई दिल्ली.रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के मालिक और एशिया के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। उनकी कंपनी दिवालिया होने की कगार पर खड़ी है। दूसरी तरफ Ericsson India को उसका बकाया भुगतान न कर पाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को अल्टीमेटम दे दिया है। अनिल अंबानी व 2 अन्य अधिकारियों के खिलाफ एरिक्सन की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवमानना का दोषी करार दिया है। 

 

कोर्ट ने कहा है कि अगर अंबानी ने चार हफ्ते के अंदर कंपनी को ब्याज सहित 453 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ेगा। जस्टिस रोहिंटन एफ. नरीमन और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा ये साफ है कि दोषियों ने जानते हुए सुप्रीम कोर्ट में दी गई अंडरटेकिंग का उल्लंघन किया। 

 

 

जेल की सजा के साथ जुर्माना भी लगेगा

जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने बुधवार को अनिल अंबानी और उनकी कंपनी Reliance Communication को कोर्ट की अवमानना करने का दोषी ठहराया। कोर्ट ने अंबानी को एरिक्सन कंपनी का भुगतान करने को कहा था, लेकिन अनिल अंबानी अब तक यह राशि अदा नहीं कर पाए हैं। ऐसे में कोर्ट ने अंबानी और समूह की कंपनियों के डायरेक्टर्स को चार हफ्ते का समय दिया है। अगर इस अवधि में भी वे भुगतान नहीं कर पाते हैं तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ेगा और 1 करोड़ रुपए का अतिरिक्त जुर्माना चुकाना होगा।

 

 

दिसंबर में भुगतान करने का मिला था आदेश 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आरकॉम को 15 दिसंबर 2018 तक यह रकम चुकाने के लिए कहा था लेकिन कंपनी उक्त राशि का भुगतान नहीं कर पाई। एरिक्सन का कहना है कि यह अदालत की अवमानना है। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल 2 अक्टूबर को आरकॉम को कहा था कि वह एरिक्सन को 15 दिसंबर 2018 तक भुगतान करे। रकम चुकाने में देरी हुई तो सालाना 12% के हिसाब से ब्याज देना पड़ेगा। इस दौरान आरकॉम ने जियो के साथ असेट बिक्री की डील अटकने का हवाला देते हुए कोर्ट से और समय मांगा था और कोर्ट ने उसे 15 दिसंबर तक भुगतान का आखिरी मौका दिया था।
 

 

 

स्वीकार नहीं होगी माफी की अपील

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि रिलायंस द्वारा दाखिल की गई माफी की कोई भी अपनी स्वीकार नहीं की जाएगी क्योंकि कंपनी ने कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया है। कोर्ट ने यह स्वीकारा कि कंपनी ने एरिक्सन को देने के लिए 180 करोड़ रुपए कोर्ट के पास जमा कराए हैं। इससे पहले एरिक्सन ने कोर्ट में दलील पेश की थी कि Reliance Group के पास Rafale डील में निवेश करने के लिए पैसा था लेकिन कंपनी का बकाया भुगतान करने के लिए पैसा नहीं था।

क्या है पूरा मामला

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन पर स्वीडन की टेलीकॉम कंपनी Ericsson के 550 करोड़ रुपए बकाया हैं। 2014 में एरिक्सन ने रिलायंस कम्युनिकेशन के साथ सात साल की डील साइन की थी जिसके तहत Ericsson कंपनी देशभर में Rcom के टेलीकॉम नेटवर्क को ऑपरेट और मैनेज करती। 2016 से रिलायंस की तरफ से भुगतान न किए जाने पर एरिक्शन कंपनी ने सितंबर, 2017 में National Company Law Tribunal (NCLT) में Rcom और उसकी दो सब्सिडियरी कंपनियों Reliance Infratel और Reliance Telecom के खिलाफ केस दर्ज कराया। रिलायंस कम्युनिकेशन की तरफ से कई बार भुगतान की बात कही गई है, लेकिन अब तक भुगतान रुका हुआ है।

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