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अब आसमान में चांद-सितारे ही नहीं विज्ञापन भी चमकेंगे, पूरी दुनिया को आएंगे नजर

इन विज्ञापनों को रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा

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नई दिल्ली.

अभी तक आपने मल्टी नेशनल कंपनियों के प्रोडक्ट्स के विज्ञापन टीवी, न्यूजपेपर, इंटरनेट और सड़कों के किनारे लगे बिलबोर्ड्स पर देखे होंगे। अब एक रूसी स्टार्टअप कंपनी StarRocket इन विज्ञापनों को अंतरिक्ष में लगाने की योजना पर काम कर रही है। अगर कंपनी का यह प्लान सफल होता है, तो आपको आसमान में चांद-सितारों की तरह चमकते हुए विज्ञापन नजर आएंगे। कंपनी अंतरिक्ष में बहुत बड़े आकार के बिलबोर्ड्स को स्थापित करेगी, जिससे यह धरती पर मौजूद सभी 7 अरब लोगों को नजर आएं।

 

ऐसे होंगे ये बिलबोर्ड्स

स्पेस बिलबोर्ड्स छोटी-छोटी सैटेलाइट से मिलकर बनेंगे। हर एक बिलबोर्ड में 9.15 डायमीटर वाले रिफ्लेक्टिव सेल लगे होंगे। इन सैटेलाइट्स को रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। ये 'cubestats’ पृथ्वी से 400 किमी की ऊंचाई पर चक्कर लगाएंगे और सूरज की राेशनी को रिफ्लेक्ट करेंगे जिससे बिलबोर्ड पर लिखे शब्द या उसपर बना लोगो पृथ्वी से दिखाई दे। ये विज्ञापन एक दिन में 10 या उससे अधिक बार दिखाई देंगे और करोड़ों लोग एक साथ इन्हें देख सकेंगे। यह एक साल तक अंतरिक्ष में रहेंगे और उसके बाद वातावरण में खुद ही जलकर नष्ट हो जाएंगे। कंपनी अपना टेस्ट प्रोजेक्ट 2021 तक लॉन्च करेगी।

 

 

Elon Musk की प्रभावित होकर बनाई योजना

स्टाररॉकेट कंपनी के सीईओ के Vladilen Stinikov ने बताया कि यह प्रोजेक्ट उन्होंने Elon Musk और Peter Beck से प्रभावित होकर प्लान किया है। उन्होंने कहा, “SpaceX की सफलता के बाद मुझे लगा कि सब कुछ मुमकिन है। जनवरी, 2018 में जब अमेेरिकी अंतरिक्ष कंपनी Rocket Lab ने अंतरिक्ष में ‘disco ball’ लॉन्च की तो मैंने भी कोशिश करने के बारे में सोचा।"

 

 

एक्सपर्ट्स उठा रहे हैं सवाल

कंपनी की इस प्रस्तावित याेजना ने कई पर्यावरणविदों और साइंस एक्सपर्ट्स को चिंता में डाल दिया है। उनका कहना है कि ऐसे बिलबोर्ड्स अंतरिक्ष में भेजना खतरे से खाली नहीं होगा। एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के मुताबिक अंतरिक्ष में ज्यादा से ज्यादा सैटेलाइट्स भेजने से इनके आपस में टक्राने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। ये विज्ञापन बोर्ड अंतरिक्ष में कचरे के तौर पर जमा होते जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरिक्ष में कचरा और कबाड़ की तादाद बढ़ती जा रही है। अंतरिक्ष में इस समय तकरीबन 20000 ऑब्जेक्ट्स चक्कर काट रहे हैं। इनमें से सिर्फ 10 फीसदी सक्रिय सैटेलाइट हैं, बाकी निश्क्रिय सैटेलाइट हैं, या पूराने रॉकेट या स्पेसक्राफ्ट के हिस्से हैं।

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