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प्राइवेट नौकरियों में भी लागू हो सकता है आरक्षण, संसद में रखा गया प्रस्ताव

बिहार में साल 2017 में निजी कम्पनियों को आरक्षण के दायरे में लाया गया था।

Reservation in private company

नई दिल्ली. आर्थिक रुप से पिछड़े सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में प्राइवेट नौकरियों में भी आरक्षण की मांग हुई। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने इस मामले में ससंद में एक प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे दलित आदिवासी, अन्य पिछड़ी जातियों को निजी क्षेत्रों में उचित मौका मिल सकेगा। पासवान के इस प्रस्ताव के समर्थन में कई नेता आए। हालांकि देश के शीर्ष औद्योगिक संस्थानों की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जबकि इससे पहले भी ये मुद्दा उठाया गया था।

 

देश में कम हो रही है नौकरियां 

बता दें कि देश में 24 जुलाई 1991 में उदारीकरण का दौर शुरू हुआ। इस तरह देश में प्राइवेटाइजेशन का दौर शुरू हुआ। भारत सरकार ने कई सारी सरकारी इंडस्ट्री और कारखानों को प्राइवेट हाथों में सौंप दिया। साथ ही केंद्र की ओर से भी तेजी से सरकारी सस्थानों का प्राइवेटाइजेशन हुआ है। इससे सरकारी नौकरियां कम होती चली गई, जबकि आरक्षण का दायरा बढ़ता गया। ऐसे अब प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण की मांग संसद से उठी है। केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में रेलवे और एयर इंडिाया का प्राइवेटाइजेशन करने की कोशिश की गई थी। 

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बिहार में प्राइवेट कंपनियों को आरक्षण के दायरे में लाया गया था 

बिहार देश का पहला राज्य है, जहां नीतीश सरकार ने साल 2017 में प्राइवेट कंपनियों को आरक्षण के दायरे में ला दिया था। राज्य सरकार जिन कर्मचारियों को आउटसोर्स करती है, उन कर्मचारियों के चयन में आरक्षण के नियम लागू किया गया था और कंपनियों को इसका पालन करने का निर्देश दिया था। सीएम नीतीश कुमार के इस फैसले पर कैबिनेट ने भी मुहर लगा दी थी। 

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