विज्ञापन
Home » Industry » CompaniesRailways new system to help find cause of accidents

अब दुर्घटना से पहले ही यात्रियों को बचा लेगी रेलवे, जानिए कैसे

ब्लैकबॉक्स को रेल के इंजन में फिट किया जाएगा।

Railways new system to help find cause of accidents

भारतीय रेलवे जल्द ही ऐसे कोच उतारने वाली है जिससे आए दिन होने वाली घटनाओं में कमी आएगी। रेलवे जल्द ही अपने कोच में हवाई जहाज की तरह ब्लैक बॉक्स का इस्तेमाल करेगी। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस ब्लैकबॉक्स से रेलवे कर्मचारियों के लिए दुर्घटनाओं का पता लगाना आसान हो जाएगा। 

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे जल्द ही ऐसे कोच उतारने वाली है जिससे आए दिन होने वाली घटनाओं में कमी आएगी। रेलवे जल्द ही अपने कोच में हवाई जहाज की तरह ब्लैक बॉक्स का इस्तेमाल करेगी। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस ब्लैकबॉक्स से रेलवे कर्मचारियों के लिए दुर्घटनाओं का पता लगाना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही इससे चालक दल के कार्यों का आकलन करना भी आसान होगा। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में  रखकर भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में लोको कैब वॉइस रिकॉर्डिंग (एलसीवीआर) डिवाइस इंजन में लगाने का फैसला किया है। 

 

मध्यप्रदेश की हरि सिंह यूनिवर्सिटी के विकसित किया यह यंत्र
भारतीय रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है। इसके अलावा रेलवे के अधिकारी ने यह भी बताया कि इससे जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त होंगे, जोकि उनको हादसे के कारणों के लिए जिम्मेदार घटनाओं के तार जोड़ने में मदद करेंगे। मध्यप्रदेश की हरि सिंह यूनिवर्सिटी ने ट्रेनों के लिए इस यंत्र को विकसित किया है। इस ब्लैकबॉक्स को रेल के इंजन में फिट कर दिया जाएगा। 

 

ब्लैकबॉक्स से हादसों के कारणों का पता चल जाएगा
इसमें रिकॉर्ड होने वाला डेटा यह बतायेगा कि दुर्घटना की वजह इंजन या ट्रैक की खराबी थी या मानवीय भूल। इस ब्लैकबॉक्स की रिसर्च करने वाले डायरेक्टर आशीष वर्मा ने कहा कि भारत में होने वाली लगभग 70 फीसदी रेल दुर्घटनाएं भूल, इंजन  की खराबी और ट्रैक की गडबड़ी की वजह से होती हैं। उन्होंने कहा कि रेल विभाग ने भी इस बात को माना है। वर्मा ने कहा कि उनकी ओर से की गई इस रिसर्च से हादसों के कारणों का पता चल सकेगा। वर्मा ने बताया कि मानवीय भूल को पकड़ने के लिए इस यंत्र में 3 माइक्रोफोन लगाए गए हैं। ये माइक्रोफोन दुर्घटना से 8 घंटे पहले लोको ड्राइवर व साथी ड्राइवर के बीच होने वाली बातचीत को रेकॉर्ड कर लेते हैं। यह बातचीत दुर्घटना के कारणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन