बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesप्रदीप सिंह खरोला ने संभाला एयरइंडिया के सीएमडी का पद, होंगी अहम जिम्‍मेदारियां

प्रदीप सिंह खरोला ने संभाला एयरइंडिया के सीएमडी का पद, होंगी अहम जिम्‍मेदारियां

अगस्त में अश्वनी लोहानी के हटने के बाद बंसल को तीन महीने के लिए एयर इंडिया का एंटरिम सीएमडी बनाया गया था।

1 of

 

नई दिल्ली. सीनियर आईएएस अधिकारी प्रदीप सिंह खरोला ने सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक  (सीएमडी) का पदभार ग्रहण कर लिया।  अगर सरकार सरकारी कंपनी के प्राइवेटाइजेशन पर आगे बढ़ती है तो खैरोला पर अहम जिम्मेदारी होगी। वह कंपनी में राजीव बंसल की जगह लेंगे।  
 
ये भी पढ़े -  सस्‍ते में हवाई सफर का मौका, गोएयर लाई 1281 का खास ऑफर

प्रदीप खरोला बने पूर्णकालिक सीएमडी
अगस्त में अश्वनी लोहानी के हटने के बाद बंसल को तीन महीने के लिए एयर इंडिया का एंटरिम सीएमडी बनाया गया था। लोहानी को रेलवे बोर्ड का चेयरमैन बना दिया गया था।
 


प्रदीप सिंह खरोला के पास होगी अहम जिम्मेदारी
खरोला कर्नाटक कैडर से 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। फिलहाल वह बेंगलुरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं। एयर इंडिया में नए सीएमडी की नियुक्ति इस लिहाज से भी अहम है, क्योंकि सरकार फिलहाल सरकारी एयरलाइन के स्ट्रैटजिक डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया तो अंतिम रूप देने में लगी हुई है।

 
इसी महीने लिया था 1500 करोड़ का लोन
सरकारी एयरलाइंस को नवंबर में ही तत्‍काल के आवश्‍यक खर्चों (वर्किंग कैपिटल) के लिए बैंक ऑफ इंडिया से 1500 करोड़ रुपए का लोन लेना पड़ा था। एअर इंडिया ने इस संबंध में टेंडर जारी किया था और एक माह से भी समय में उसे यह लोन मिल गया। पिछले कुछ महीनों में यह दूसरा मौका है जब एअर इंडिया को सरकारी बैंक से लोन मिला है।
 
दो बैंक पहले दे चुके हैं 3,250 करोड़ का कर्ज
इससे पहले, एअर इंडिया को 3,250 करोड़ रुपए का शॉर्ट टर्म लोन दो बैंकों इंडसइंड बैंक और पंजाब नेशनल बैंक से मिला था। यह लोन भी तत्‍काल वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए लिया गया है। इसके लिए टेंडर सितंबर में जारी किया गया था।
 
पिछले तीन महीने की बात की जाए तो, कम से कम दो सरकारी बैंकों, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक ने एअर इंडिया को लोन उपलब्‍ध कराए हैं। बीमारू एविशएशन कंपनी के रिवाइवल के लिए सरकार उसके स्‍ट्रैटजिक डिसइन्‍वेस्‍टमेंट की प्रक्रिया लगभग फाइनल करने वाली है। बता दें, एअर इंडिया पर 55 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा का कर्ज है।
 
मिला था 30 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज
- 1930 में शुरू की गई एअर इंडिया की फाइनेंशियल कंडीशन 2007 से ही खराब है और उसका घाटा लगातार बढ़ रहा है।
 - हालांकि, 2012 में उस वक्त की यूपीए सरकार ने एअर इंडिया को 30 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज भी दिया। इसके बावजूद कंपनी की खराब फाइनेंशियल कंडीशन पर काबू नहीं पाया जा सका।
 
मर्जर भी काम नहीं आया
- 2007 में एअर इंडिया और घरेलू एयरलाइन कंपनी इंडियन एयरलाइंस का नेशनल एविएशन कंपनी लिमिटेड (एनएसीआईएल) में मर्जर किया गया। इसके बाद दोनों कंपनियों की देनदारी एनएसीआईएल पर आ गई। 2010 में एनएसीआईएल का नाम बदलकर एअर इंडिया लिमिटेड कर दिया गया।
 
सबसे बड़ी डोमेस्टिक एयरलाइन
- गवर्नमेंट सेक्टर की एअर इंडिया देश की सबसे बड़ी डोमेस्टिक एयरलाइन कंपनी है। यह 41 इंटरनेशनल और 72 घरेलू डेस्टिनेशंस के लिए उड़ान मुहैया कराती है।
- मार्केट के लिहाज से बात करें तो 17% हिस्सेदारी के साथ यह देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी है।
 - यही नहीं घरेलू पैसेंजर मार्केट में भी कंपनी की हिस्सेदारी 14.6% है। हालांकि, निजी कंपनियों के तेजी से विस्तार के चलते एअर इंडिया की हिस्सेदारी में लगातार गिरावट आ रही है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट