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अमेरिका की सिलिकॉन वैली की कंपनी पर नोएडा की कंपनी भारी, 14 करोड़ का चूना लगा डाला, पुलिस कर रही है पीछा

कम अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के नकली आईडी और रिज्यूम बनाकर दस साल तक किया फ्रॉड

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नई दिल्ली.

नोएडा अाधारित एक कंपनी पिछले दस साल से अमेरिका की कंपनी को चूना लगा रही थी, जिसके बारे में अमेरिकी कंपनी को हाल ही में पता चला है। नोएडा सेक्टर-2 की आईटी कंसल्टेंसी कंपनी My Mind Infotech Pvt Ltd कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के झूठे दस्तावेज दिखाकर कैलीफॉर्निया के सैन फ्रांसिस्को की टेक्नोलॉजी कंपनी Vsolay Inc. कंपनी से प्रोजेक्ट और पैसा लेती रही, लेकिन जो प्रोडक्ट तैयार करके दिए वे घटिया क्वालिटी के निकले। अब Vsolay Inc. के डायरेक्टर और सीईओ Phill Alaph ने My Mind Infotech के मालिक हिमांशु खत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। Phill ने यह भी बताया है कि इस मामले का खुलासा होने के बाद उन्हें पता चला कि हिमांशु की कंपनी ने और भी अमेरिकी कंपनियों के साथ धोखा किया है।

 

क्या है कंपनी का आरोप

कंप्लेंट में उन्होंने लिखवाया है कि कंपनी ने नकली आईडी तैयार करके कम अनुभवी लोगों को नौकरी पर रखा और उनकी कंपनी से प्रोजेक्ट लेती रही। इतना ही My Mind Infotech ने कई ऐसे लोगों की ज्वाइनिंग भी अमेरिकी कंपनी को दिखाई जिन्हें नौकरी पर रखा ही नहीं गया था। 2006 से 2015 के दौरान कंपनी ने फर्जीवाडा करते हुए उनकी कंपनी से मोटी रकम ली। इतना ही नहीं इन दस वर्षों के दौरान कंपनी ने जो प्रोडक्ट बनाकर दिए वे इतनी घटिया क्वालिटी के निकले कि इससे कंपनी को रिवेन्यू और कस्टमर्स में घाटा उठाना पड़ा। इस घोटाले के बारे में कंपनी को 2015 में पता चला। 

 

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से किया फ्रॉड

Phill Alaph की कंपनी 2006 में हिमांशु खत्री के संपर्क में आई। हिमांशु ने उन्हें बताया कि वे उनकी कंपनी के लिए टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स बनाने की खातिर भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को हायर करेंगे। इन इंजीनियर्स को नौकरी पर रखने की प्रक्रिया के तहत उनका CV, उनकी शैक्षणिक डिग्रियां और अनुभव को पहले हिमांशु देखते थे और वेरीफाई करने के बाद उन्हें Phill के पास भेजते थे। इसके बाद उन लोगों की सैलरी पर डिस्कशन किया जाता था। Phill ने बताया कि इन दस वर्षों के दौरान खत्री ने नौकरी के उम्मीदवारों की असली पहचान छुपाने से लेकर उनका अनुभव और उनकी सैलरी भी गलत दर्ज कराई। हिमांशु ने नौकरी लेने आए उम्मीदवारों के रिज्यूमे में उम्र और अनुभव बढ़ाकर अमेरिकी कंपनी को भेजे। कई मामलों में तो उन्होंने उम्मीदवार का नाम तक बदल दिया और फोटोशॉप किए हुए पहचान पत्र भेज दिए।

 

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धोखे से कमाए करोड़ों रुपए

Phill ने बताया कि खत्री बेहद कम अनुभवी लोगों को नौकरी पर रखकर उनकी झूठी आईडी बनाकर आगे भेजता रहा जिससे कंपनी ज्यादा रकम देती रहे। जो लाेग नौकरी छोड़कर चले गए खत्री लंबे समय तक उनके नाम पर भी पैसे कमाता रहा। एक सीनियर डेवलपर के नौकरी छोड़कर चले जाने के तीन साल बाद तक भी Phill की कंपनी से उस डेवलपर के नाम प्रति घंटे 25 रुपए के हिसाब से पैसा लिया जाता रहा। खत्री की कंपनी से सेवाएं लेने के आखिरी समय तक Phill की कंपनी प्रति माह 40 हजार डॉलर (28.5 लाख रुपएदे रही थीजबकि कंपनी के द्वारा किए गए काम की असल वैल्यू हजार डॉलर (5.7 लाख रुपएप्रति माहसे भी कम थी। फिल के मुताबिक खत्री की कंपनी ने उन्हें कम से कम 13.8 करोड़ का चूना लगाया है। असल में कितने रुपए का फ्रॉड हुआ है यह तो इंवेस्टीगेशन में पता चलेगा।

 
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