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अब नेवी ने दिया अनिल अंबानी को बड़ा झटका, जब्त की करोड़ों की गारंटी

गश्ती नौकाएं बनाने के प्राेजेक्ट में नौसना ने जब्त कर ली कंपनी की बैंक गारंटी

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नई दिल्लीएशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी के दिन इन दिनों अच्छे नहीं चल रहे हैं। एक तरफ उनकी Reliance Communication कंपनी का बिकना तय हो गया है, वहीं भारतीय नौसेना ने उन्हें एक बड़ा झटका दे दिया है। दरअसल नेवी ने Reliance Naval and Engineering Limited (RNEL) के साथ 3,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था। इसके तहत RNEL को पांच समुद्री गश्ती नौकाएं (naval offshore patrol vessels) बनाकर नेवी को देनी थीं। इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म हुए चार साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद नौसेना ने रिलायंस की बैंक गारंटी जब्त कर ली है। सूत्रों के मुताबिक यह बैंक गारंटी कुल सौदे का 10 फीसदी थी।

 

नौसेना प्रमुख ने खुद दी जानकारी

इस बात की जानकारी नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने दी। उन्होंने कहा, ‘जहां तक RNEL का सवाल है, उनके साथ कोई अलग व्यवहार नहीं किया गया है। उनकी बैंक गांरटी को नेवी ने जब्त कर लिया है। कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि naval offshore patrol vessels का यह कॉन्ट्रैक्ट कैंसल नहीं किया गया है। इस पर गौर किया जा रहा है। यह गश्ती नाैकाएं देश की इकोनॉमिक जोन पर नजर रखने और एंटी-पाइरेसी गश्त, तटों की सुरक्षा और शिपिंग लेन के बचाव का काम करेंगी।

 

 

2011 में किया गया था सौदा

नेवी और पिपावाव डिफेंस एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग (Pipavav Defence and offshore Engineering) के बीच यह सौदा 2011 में किया गया था। 2016 में अनिल अंबानी समूह ने इसे खरीद लिया। तक सब अब तक यह प्रोजेक्ट कई बार डिले हो चुका है और फिलहाल अपने तय समय से चार साल लेट चल रहा है। जुलाई 2017 में RNEL ने गुजरात के पिपावाव स्थित अपने शिपयार्ड पर पहले दो patrol vessels को लाॅन्च किया था। यह इसी P-21 प्रोजेक्ट का हिस्सा थे।

 

 

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और भी बड़े सौदे की चल रही बात

RNEL 3,000 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में पहले ही इतनी देर कर चुका हैइसके बावजूद नौसेना के साथ RNEL एक अन्य बड़े प्रोजेक्ट के लिए बात कर रही है। यह प्रोजेक्ट landing platform docks (LPDs) बनाने का प्रोजेक्ट है जिसकी अनुमानित कीमत 20,000 करोड़ रुपए है। इसके लिए कमर्शियल प्रपोजल अभी खुलने बाकी हैं। इस बारे में नेवी चीफ एडमिरल ने कहा कि मामला अभी रुका हुआ है।

 

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राफेल घोटाले में भी आया कंपनी का नाम

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस इससे पहले राफेल जेट फाइटर डील से जुड़े विवाद में भी फंसी है। 58,000 करोड़ की इस डील के बारे में कांग्रेस ने रिलायंस पर घोटाले का अारोप लगाया था।

 
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