Home » Industry » CompaniesMukesh Ambani and Sunil Mittal will lose their job as cmd of company

अंबानी, मित्‍तल जैसे अरबपतियों पर भारी पड़ा मोदी सरकार का एक नियम, छोड़ना पड़ेगा पद

चैयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर में से एक पद अपने पास रखने का होगा अधिकार.....

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नई दिल्ली। मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी के ताजा नियमों के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), इन्फोसिस, TCS और भारती एयरटेल समेत 291 लिस्‍टेड कंपनियों को 1 अप्रैल 2020 तक अपने बोर्ड में एक नॉन एग्‍जीक्‍यूटिव चेयरपर्सन की नियुक्त करनी पड़ेगी। इसके चलते मुकेश अंबानी, सुनील भारती मित्‍तल और शिव नाडर  समेत देश के कई धनकुबेरों को अपने पद से इस्‍तीफा देना पड़ेगा। दरसअल ये अरबपति सीएमडी (चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्‍टर) के रूप में कंपनियों में काम कर रहे हैं। सेबी के नए नियम के मुताबिक, एक ही व्‍यक्ति को दोनों पद नहीं दिया जा सकता है।

 

पैदा हो रही टकराव की स्थिति  
वर्तमान में बहुत सी कंपनियों ने सीएमडी (चेयरमैन और प्रबंध निदेशक) के रूप में मैनेजिंग डायरेक्‍टर और चैयरमैन के दोनों पद का एक कर रखा है। इसके चलते बोर्ड और मैनेजमेंट में टकराव स्थिति पैदा होती है। यह नियम देश की टॉप-500 लिस्‍टेड कंपनियों पर लागू होगा। इससे चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर के पद अलग अलग हो जाएंगे। 

 

कोटक समिति ने की थी सिफारिश 
बता दें कि कंपनी प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए सेबी ने कोटक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अपनी सिफारिशों में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर के पद को अलग करने की सलाह दी थी। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक, मार्केट वैल्‍यू के लिहाज से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में लिस्‍टेड टॉप-500 कंपनियों में से कुल 291 कंपनियों (58.2 प्रतिशत) को CEO/MD और चेयरमपर्सन पद को अलग करने के साथ नॉन एग्‍जीक्‍यूटिव चेयरपर्सन की नियुक्ति करनी होगी। 

 

आगे पढ़ें- अंबानी, मित्‍तल के अलावा और किन लोगों की जाएगी कुर्सी  

तो अंबानी को छोड़ना होगा एक पद 
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), इन्फोसिस, TCS और भारती एयरटेल के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, ओएनजीसी, कोल इंडिया, लार्सन ऐंड टुब्रो  (L&T) और HCL टेक्नॉलजीज जैसे प्रमुख कंपनियों को दोनों पदों को अलग-अलग करने की जरूरत है। इसके चलते मुकेश अंबानी (RIL), सलिल पारेख (इन्फोसिस), राजेश गोपीनाथ (TCS) और सुनील भारती मित्‍तल(भारती एयरटेल), संजीव मेहता(हिंदुस्तान यूनिलीवर), शशि शंकर (ओएनजीसी), एनएन सुब्रमण्‍यन(L&T), शिव नाडर (HCL) जैसे इंडस्ट्रियलिस्‍ट्स को अपने पद से हाथ धोना पड़ेगा।        

 

इस महीने बढ़ा है अंबानी का कार्यकाल 
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मुकेश अंबानी का कार्यकाल कंपनी के प्रबंध निदेशक के रूप में 5 साल के लिए बढ़ाया है। इसी के साथ वह बोर्ड के चेयरमैन भी हैं।

 

आगे पढ़ें- कंपनियों को बोर्ड में भी करना होगा बदलाव 

 

 

RIL, भारती एयरटेल और टीसीएस को बोर्ड में भी करना होगा बदलाव 
सेबी के नियमों के मुताबिक, बोर्ड में कम से कम महिला डायरेक्‍टर का होना भी जरूरी है। इसके बाद RIL, भारती एयरटेल और टीसीएस को एक अप्रैल 2019 तक निदेशक मंडल में कम से कम एक इंडिपेंडेंट महिला डायरेक्‍टर की भी नियुक्ति करनी होगी। इसके अलावा इनके अलावा, HDFC, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), इंडियन ऑइल और हिंदुस्तान जिंक को भी अगले साल तक इंडिपेंडेंट महिला डायरेक्‍टर की नियुक्त करनी होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की टॉप- 500 लिस्‍टेड कंपनियों में से कुल 145 कंपनियों (29 फीसदी  को एक अप्रैल 2019 तक स्वतंत्र महिला निदेशक की नियुक्ति करनी होगी। 

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