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अमेरिकी Master card और Visa पर लगेगी लगाम, घरेलू RuPay को मजबूत बनाएगी सरकार

पीएम मोदी ने कहा, रुपे का प्रयोग एक तरह से देश की सेवा है

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नई दिल्ली. भारत सरकार अमेरिकी पेमेंट नेटवर्क Master Card और Visa पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। ये दोनों भारत में ही डाटा सुरक्षित रखने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फरमान को अब तक लागू नहीं कर पाए हैं। रिजर्व बैंक ने इस साल अप्रैल में फरमान दिया था कि अक्टूबर तक वे भारत में डाटा सुरक्षित करने का इंतजाम कर ले, लेकिन 15 अक्टूबर की तय समय सीमा में वे ऐसा नहीं कर पाए। वीजा और मास्टर कार्ड से पेमेंट करने पर भारतीयों का डाटा देश से बाहर जाता है। अब सरकार इन दोनों कार्ड की जगह रुपे को प्रोत्साहित करने की तैयारी में है।

 

अमेरिका ने भारतीय प्रोडक्ट पर लगाया शुल्क

वित्त मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक अमेरिका निर्यात के मामले में भारत के साथ नरम रुख नहीं अपना रहा है। ऐसे में, भारत भी अमेरिकी कंपनियों के साथ कड़ा रुख अपना सकता है। अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाले 50 आइटम पर शुल्क लगा दिया है यानी कि अब वे उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे जिससे उन उत्पादों की बिक्री कम होने की आशंका है। इससे भारत का निर्यात प्रभावित होगा।

 

पीएम मोदी ने लॉन्च किया था Rupay 
पीएम मोदी ने हाल के वर्षों में स्वदेशी पेमेंट नेटवर्क Rupay को लॉन्च किया था। जिसने अमेरिकी पेमेंट नेटवर्क को वर्चस्व को कम कर दिया है। पीएम मोदी की ओर से खुद इसे लेकर प्रचार किया गया है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि Rupay का प्रयोग एक तरह की देश सेवा है। इसके बाद भारतीय बैंक भी Rupay कार्ड को बढ़ावा दे रही हैं।

 

आगे पढ़ें-अमेरिकी कंपनियों का विरोध 

अमेरिकी कंपनियों का विरोध 

पीएम मोदी के इस स्टैंड पर अमेरिकी पेमेंट नेटवर्क कंपनी Mastercard ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी Rupay कार्ड को नेशनलिज्म से जोड़ रहे हैं। कंपनी की ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी की वाइस प्रेसीडेंट सहरा ने इसे यूनाइटेड ट्रेड रिप्रजेंटेटिव से विरोध दर्ज कराया है। MasterCard दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पेमेंट प्रोसेसर है।

 

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भारत का अपना पेमेंच नेटवर्क Rupay 

भारत में सरकार की ओर से खोले गए सभी अकाउंट होल्डर को Rupya कार्ड दिया गया। इस इंडियन कार्ड नेटवर्क को नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने विकिसित किया है। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है। ये भारत के बाहर भी अपनी सेवाएं मुहैया कराता है। नोटबंदी के बाद भारत में डिजिटल ट्रांजेक्शन में बढ़ोत्तरी देखी गयी। लेकिन इसमें Mastercard और Visa की भारी ट्रांजैक्शन फीस एक समस्या थी। हालांकि अब इन पेमेंट नेटवर्क कंपनियों ने अपनी ट्रांजेक्शन फीस में कटौती की है। 

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